चतरा : जेल अधीक्षक ने जेल लीगल सर्विस क्लीनिक का किया उद्घाटन

NewsCode Jharkhand | 16 May, 2018 4:54 PM

चतरा : जेल अधीक्षक ने जेल लीगल सर्विस क्लीनिक का किया उद्घाटन

चतरा। स्थानीय मंडल कारा में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार व जिला विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त तत्वावधान में डिजिटिलाइजेसन जेल लीगल सर्विस क्लीनिक का उदघाटन हुआ।

जेल लीगल सर्विस क्लीनिक का उदघाटन जेल अधीक्षक अनिल कुमार व जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. चंदन ने संयुक्त रूप से फीता काट कर किया।

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निपाह वायरस से बचने के लिए WHO ने किया आगाह, भूलकर भी न खाएं ये 3 फल

NewsCode | 25 May, 2018 6:12 PM

निपाह वायरस से बचने के लिए WHO ने किया आगाह, भूलकर भी न खाएं ये 3 फल

नई दिल्ली। केरल में निपाह वायरस के कारण मरने वालों की संख्‍या बढ़ रही है। जबसे निपाह वायरस से जुड़ी खबरें आ रही हैं लोगों में डर का माहौल है। निपाह वायरस का सबसे बड़ा खतरा अब फलों से भी पैदा हो गया है।

क्‍या है निपाह वायरस?

निपाह वायरस को NiV इन्‍फेक्‍शन भी कहा जाता है। ये जूनोटिक बीमारी है। यानी ऐसी बीमारी जो जानवरों से इंसान में फैलती है। इस बार इसके फैलने का कारण फ्रूट बैट्स (चमगादड़) कहे जा रहे हैं।

कैसे फैलता है?

WHO के मुताबिक, निपाह वायरस चमगादड़ की एक नस्ल में पाया जाता है। यह वायरस उनमें प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है, चमगादड़ जिस फल को खाता है, उनके अपशिष्ट जैसी चीजों के संपर्क में आने पर यह वायरस किसी भी अन्य जीव या इंसान को प्रभावित कर सकता है। ऐसा होने पर ये जानलेवा बीमारी का रूप ले लेता है। ऐसे में केरल से आने वाले फलों को विशेषकर ध्‍यान से खाया जाएं।

शरीर में वायरस का प्रवेश कैसे होता है?

NiV शरीर में खाद्य पदार्थ के माध्‍यम से प्रवेश करता है। प्रभावित चमगादड़ द्वारा झूठे किए गए फलों, बेरी या फूलों के सेवन से ये वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है। या घरेलू पशु जिन्‍होंने ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन किया हो या चमगादड़ के संपर्क में आए हों, उनसे भी ये फैलता है। प्रभावित व्‍यक्ति के संपर्क में आने से ये वायरस दूसरे के शरीर में प्रवेश कर जाता है।

क्या हैं निपाह (NiV) के लक्षण मनुष्‍यों में निपाह वायरस, encephalitis से जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से ब्रेन में सूजन आ जाती है. बुखार, सिरदर्द, चक्‍कर, मानसिक भ्रम, कोमा और आखिर में मौत, इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। 24-28 घंटे में यदि लक्षण बढ़ जाए तो इंसान को कोमा में जाना पड़ सकता है। कुछ केस में रोगी को सांस संबंधित समस्‍या का भी सामना करना पड़ सकता है।

इन तीन फलों से फैल सकता है निपाह वायरस

खजूर– धोकर खाएं खजूर और आम। रमजान के महीने में खजूर सबसे ज्यादा खाए जाते हैं। भारत में कई जगह बड़ी मात्रा में केले और खजूर केरल से मंगाए जाते हैं। निपाह वायरस से प्रभावित केरल के कालीकट और मल्लापुरम जिले में केले और खजूर की बड़ी मात्रा उत्‍पाद किए जाते है।

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केला- निपाह वायरस लोगों में फलों के जरिए फैल सकता है इसलिए केरल से जो केले आ रहे हैं, उनको खाने से बचें। अगर खाना ही है तो अच्छे से धोकर खाएं। क्योंकि, उत्तर भारत में ज्यादातर केले, केरल से आते हैं। ऐसे में इन्हें खाना मौजूदा हालात में सही नहीं है।

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रांची : कोयला कामगारों को जून में मिलेगा एरियर

NewsCode Jharkhand | 24 May, 2018 12:47 PM

रांची : कोयला कामगारों को जून में मिलेगा एरियर

रांची। कोल इंडिया और सहायक कंपनियों में कार्यरत कामगारों को 10 जून से पहले दसवें वेतन समझौते का एरियर मिलने की संभावना है। इसका भुगतान एकमुश्‍त करने की योजना है। इस बाबत कोल इंडिया कार्मिक विभाग ने प्रस्‍ताव तैयार किया है। इसकी मंजूरी के लिए निदेशक (वित्‍त) को भेजा है। कार्मिक विभाग ने सभी सहायक कंपनियों के निदेशक (वित्‍त) को भी इसका भुगतान करने के लिए निर्देश जारी करने की बात कही है।

इससे कंपनियों में काम करने वाले और रिटायर हुए 3.50 लाख कामगारों को लाभ होगा। एरियर की पहली किस्‍त 51 हजार रुपये का भुगतान हो चुका है।

आवास भत्‍ता का भुगतान भी जून माह में

श्रमिक संगठन एटक के लखनलाल महतो ने बताया कि शहरी क्षेत्र में रहने वाले कामगारों को आवास भत्‍ता का भुगतान भी जून माह के तनख्‍वाह से होगा। इसका भुगतान जुलाई में किया जाएगा। केंद्र सरकार के निर्धारित दर पर यह दिया जाएगा।

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महतो ने बताया कि जून के पहले सप्‍ताह में एपेक्‍स कमेटी या स्‍टेंडाईजेशन कमेटी की बैठक होने की संभावना भी है। इसमें नि:शक्‍त कामगारों की सुविधा, यात्रा भत्‍ता के भुगतान,आश्रितों को मिलने वाले मोनेटरी कंपसेशन, ओवर टाईम सहित कई अन्‍य मामलों पर चर्चा होगी। इसके बाद क्रियान्‍वयन आदेश (आईआई) जारी किया जाएगा।

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अब फ्लाइट टिकट कैंसिल कराने पर मिलेगा पूरा रिफंड, जानें क्या है प्रक्रिया

NewsCode | 22 May, 2018 4:09 PM

अब फ्लाइट टिकट कैंसिल कराने पर मिलेगा पूरा रिफंड, जानें क्या है प्रक्रिया

नई दिल्ली। हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को केंद्र सरकार की तरफ से बड़ी राहत मिली है। अब यात्री टिकट कैंसिल कराने के साथ ही पूरा रिफंड पा सकेंगे। यह नियम सभी देशी और विदेशी एयरलाइंस कंपनियों पर लागू होगा। हालांकि, इसके लिए फ्लाइट छूटने से 96 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करानी होगी।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने मंगलवार को हवाई यात्रियों के लिए कई सौगातों की घोषणा की। पेपरलेस यात्रा के लिए डिजियात्रा की शुरुआत के साथ ही कैंसलेशन चार्जेज पर बड़ी राहत मिलेगी। डिजियात्रा का मकसद यात्रियों को नेक्स्ट जेनरेशन एक्सपीरियंस देना होगा. सरकार ने पैसेंजर चार्टर का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इन्हें लागू किया जाएगा।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा डिजियात्रा से यात्रियों को एयरपोर्ट पर नया अनुभव मिलेगा। जयंत सिन्हा के मुताबिक, कैंसिलेशन चार्ज के संबंध में सभी एयरलाइंस के साथ चर्चा कर ली गई है. सब सहमत हैं। खास बात यह है कि इस योजना के लिए यात्रियों को आधार देना अनिवार्य नहीं होगा। यात्रियों को एयरपोर्ट में एंट्री के लिए अल्टरनेट चैनल उपलब्ध कराए जाएंगे।

फ्लाइट कैंसल होने पर विकल्प

यदि यात्रियों को 2 सप्ताह से कम और यात्रा के 24 घंटे पहले तक फ्लाइट कैंसल होने की सूचना दी जाती है तो एयरलाइन कंपनी को पुराने शेड्यूल के मुताबिक 2 घंटे के भीतर दूसरे फ्लाइट या टिकट रिफंड की सुविधा देनी होगी। यह यात्री के ऊपर निर्भर होगा कि वह क्या चुनता है।

यात्रा में देरी होने पर देना होगा मुआवजा

अगर फ्लाइट में किसी प्रकार देरी होती है, तब एयरलाइंस कंपनियों को यात्रियों को किसी ने किसी तरीके से मुआवजा देना होगा। पैसा वापस नहीं करने की सूरत में कंपनी को यात्री को दूसरी फ्लाइट में टिकट देना होगा और इसके लिए वो किसी तरह का कोई अतिरिक्त चार्ज यात्री से नहीं ले सकेगा।

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कनेक्टिंग फ्लाइट मिस होने पर कितना हर्जाना?

यदि एक यात्री तीन घंटे से अधिक देरी की वजह से कनेक्टिंग फ्लाइट मिस करता है तो एयरलाइन कंपनी 5 हजार रुपये हर्जाना देगी। यदि यह देरी 4-12 घंटे होती है तो 10,000 रुपये और 12 घंटे से अधिक की देरी की स्थिति में 20,000 रुपये देना होगा।

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