चतरा : सड़क सुरक्षा के प्रति कॉलेज छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक

NewsCode Jharkhand | 9 July, 2018 6:35 PM
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कॉलेज के बीएड संभाग में हुआ समारोह का आयोजन

चतरा। महाविद्यालय चतरा के बीएड संभाग में सोमवार को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षुओं एवं छात्र-छात्राओं को जागरूक करने हेतु एक दिवसीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. तेजनारायण सिंह के अध्यक्षता में संपन्न हुआ। मौके पर अंचलाधिकारी यामुन रविदास एवं सदर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर रामअवध सिंह उपस्थित थे।

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प्राचार्य ने उपस्थित प्रशिक्षु शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को यातायात के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के होने पर वाहन चलाना अपराध है। उन्होंने कहा कि दुपहिया वाहन चलते समय हेलमेट जरूर पहने। मार्गों के किनारे लगने वाले साइन बोर्ड और उन पर बने चिह्नों की विस्तार से जानकारी दी। अं

चलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारियां देते हुए कहा कि मोटरसाइकिल व चार पहिये वाहन चलाने के दौरान कभी भी मोबाइल से बात नही करे। क्योंकि अधिकांश घटनाएं इन्ही कारण से होती है। कहा कि हमेशा स्पीड लिमिट का ध्यान देते हुए वाहन का परिचालन करना चाहिए।

थाना प्रभारी ने कहा कि मोटरसाइकिल चलाते समय हमेशा हेलमेट का प्रयोग करना चाहिए। हेलमेट का प्रयोग करने से दुर्घटना में घायल होने की संभावनाएं कम होती है। इसके अलावे तीखी मोड़ पर तेज गति से वाहन न चलाएं। वाहन चलाने के समय हमेशा सावधान रहना चाहिए। हमेशा यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न घट सके।

मौके पर इग्नू के विभागाध्यक्ष डॉ. रामानन्द पांडेय, बीएड के विभागाध्यक्ष, प्रो. सुनील कुमार, प्रो. गणेश कुमार, प्रो. ग्लोरिया ग्रेस के अलावे परिवहन विभाग एवं प्रशिक्षु शिक्षक व कॉलेज छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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दुमका : लाभुकों के बीच मुख्य न्यायाधीश ने परिसंपति का किया वितरण

NewsCode Jharkhand | 21 July, 2018 10:01 PM
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दुमका। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आउटडोर स्टेडियम दुमका में राज्य स्तरीय चतुर्थ विशेष विधिक सशक्तिकरण शिविर का आयोजन शनिवार को किया गया। शिविर का आयोजन नालसा, दिल्ली एवं झालसा, रांची के निर्देशानुसार आयोजित हुई।

शिविर में मुख्य अतिथि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, हाईकोर्ट डीएन पटेल, विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश, हाईकोर्ट सह लीगल सर्विसेज अध्यक्ष एच सी मिश्रा, हाई कोर्ट प्रशासनिक न्यायाधीश, दुमका न्यायमंडल अनिल कुमार चौधरी उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल ने शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा समाज के हर व्यक्ति को सशक्त बनाने के लिए कई सारी योजनाएं चलायी जा रही हैं।

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केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की सभी योजनाएं तभी सफल हो पायेंगी जब हर जरूरत मंद को सरकार की योजनाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोगों में सरकार की योजनाओं की जानकारी का आभाव है। सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास जैसी कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। ऐसी योजनाओं का लाभ अगर हर जरूरतमंद को मिले तो उसे किसी के पास हाथ फैलाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार के पैसों को सही कार्य में खर्च कर हम समाज में खुशहाली लाने का कार्य कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज का दिन दुमका जिले के लिए ऐतिहासिक दिन है। शिविर के माध्यम से 75.76 करोड़ रुपये की लागत से योजनाओं से संबंधित परिसंपति वितरण की जा रही है। लीगल सर्विस ऑथरिटी के द्वारा एक बुकलेट प्रिंट कराया गया है।

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जिसमें केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की सभी योजनायों का लाभ तथा उनसे लाभ लेने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है,लोगों में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिक से अधिक आवेदन देने का अपील किया। निश्चित रूप से प्रक्रिया के तहत सभी को लाभ मिलना सुनिश्चित है।

उन्होंने कहा कि सभी का दायित्व है कि मिलकर वंचितों को ऊपर उठाना है। उनके जीवन स्तर को एक ऊचाई देने के लिए उन्हें लाभ पहुंचाना सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि लीगल एवेयरनस सभी के लिए आवश्यक है। सभी को कानून की जरूरी जानकारियां एवं उनका हक उन्हें पता होना चाहिये। इस अवसर पर विभिन्न लाभुकों के बीच समाज कल्याण द्वारा ट्राई साईकिल, बैसाखी वितरित किया गया।

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लक्ष्मी लाडली योजना के तहत छः हजार रुपये का नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट का वितरण किया गया। लाभुकों के बीच परिसंपति मत्सय बीज के पूरक आहार, जिला शिक्षा कार्यालय दुमका के द्वारा छात्राओं के बीच स्कूली किट, श्रम विभाग द्वारा पारिवारिक पेंशन योजना, साईकिल योजना के तहत प्रमाण पत्र का वितरण, सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा पेंशन योजना के तहत लाभुक को प्रमाण पत्र, जेएसएलपीएस की तरफ से एक करोड़ एक लाख रूपये सखी मंडल की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए, गव्य विकास की तरफ से 10 हजार रूपये के अनुदान की राशि लाभुकों के बीच वितरित की गई।

दुमका : लाभुकों के बीच मुख्य न्यायाधीश ने परिसंपति का किया वितरण

लाभुकों को मेडिकेटेड नेट दिया गया। इस दौरान उन्होंने लाभुकों से बात की एवं उनकी परेशानियों को भी जाना। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाये गये थे। जहां विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करायी जा रही थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल ने सभी से कहा कि इन स्टॉल पर जाने एवं सरकार की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर योजनाओं का लाभ लेने को प्रेरित किया।

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इस दौरान सरकार के विभिन्न योजनाओं के लाभुकों ने अपने अनुभव को साझा किया। इस अवसर पर डीसी मुकेश कुमारए डीडीसी वरूण रंजन, प्रशिक्षु आईएएस शशि प्रकाश ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पर परांपरितक रिति-रिवाज लोटा पानी से अतिथियों का स्वागत किया गया। अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत किया। पुष्पगुच्छ देकर अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन डीसी मुकेश कुमार ने किया।

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राफेल पर राहुल ने मोदी को घेरा, कहा- विमान सौदे से आ रही है घोटाले की बू

NewsCode | 23 July, 2018 12:58 AM
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से राफेल डील को लेकर पीएम मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण को घेरा है। कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि इस डील को लेकर पर्दे के पीछे कुछ खेल जरूर हुआ है, और उसे दबाने के लिए रक्षामंत्री किसी के दबाव में काम कर रही हैं।

दरअसल, रविवार को राफेल डील को लेकर राहुल ने ट्वीट के जरिये पीएम मोदी पर निशाना साधा, उन्होंने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपने भाषण में कही बात दोहराई। राहुल की मानें तो रक्षामंत्री किसी के दबाव राफेल डील को लेकर सही बातें नहीं रख पा रही हैं। जबकि पीएम मोदी को लेकर ट्वीट में लिखा है कि उनकी संसद में मुस्कुराहट के पीछे एक घबराहट नजर आई, इसलिए वो मेरी तरफ नहीं देख पा रहे थे। निश्चित तौर पर राफेल सौदे में अब घोटाले का शक गहराता जा रहा है। राफेल का दाम पूछने पर पीएम असहज हो जाते हैं।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

वहीं भारतीय जनता पार्टी राफेल डील पर राहुल के दिए बयान को लेकर पलटवार की तैयारी में है। बीजेपी के चार सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। नोटिस में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ ‘गलत’ आरोप लगाकर संसद को गुमराह किया। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, अनुराग ठाकुर, दुष्यंत सिंह और प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है।

बता दें कि संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा था कि सदन के नियमों के अनुसार किसी सदस्य के खिलाफ आरोप लगाने से पहले गांधी को नोटिस देना चाहिए था, उन्हें लोकसभा अध्यक्ष को आरोपों के समर्थन में सामग्री सौंपनी चाहिए थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सीतारमण ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि फ्रांस के साथ हुए राफेल सौदा मामले में भारत गोपनीयता शर्तों से बंधा हुआ है।

संसद में राहुल ने उठाया था राफेल का मुद्दा

गौरतलब है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर राफेल सौदे के ब्यौरे साझा करने के मुद्दे पर देश से ‘‘झूठ’’ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कथित भ्रष्टाचार के मामलों में ‘‘भागीदार’’ हैं, ‘‘चौकीदार’’ नहीं। लोकसभा में राजग सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल ने अपने भाषण में कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने एक बैठक के दौरान उनसे साफ साफ कहा था कि 58,000 करोड़ रुपये के राफेल लड़ाकू विमान से संबंधित ब्यौरे साझा करने में कोई दिक्कत नहीं है।

राहुल गांधी की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद फ्रांस के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि भारत के साथ 2008 में किया गया सुरक्षा समझौता गोपनीय है और दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों की संचालन क्षमताओं के संबंध में इस गोपनीयता की रक्षा करना कानूनी रूप से बाध्यकारी है। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या समझौते के प्रावधान भारत सरकार को राफेल सौदे से जुड़े कीमत के ब्यौरे का खुलासा करने से रोकते हैं।

कांग्रेस राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाती रही है और उपकरण एवं हथियारों की कीमत सहित उससे जुड़े ब्यौरे मांगती रही है लेकिन सरकार फ्रांस के साथ गोपनीय समझौते का हवाला देते हुए ब्यौरे साझा करने से इनकार करती रही है।

राहुल ने कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पर करारा हमला करते हुए मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें मुस्कुराते देख सकता हूं, घबराहट की झलक है। वह दूर देख रहे हैं, मेरी आंखों में नहीं देख रहे।’ राहुल की इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष से विरोध तेज हो गया जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीट से खड़े होकर उनका सामना किया।

आपको याद दिला दें कि राहुल संसद में कहा था कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री के दबाव में देश से झूठ बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि किसकी मदद की जा रही है, क्यों की जा रही है, निर्मलाजी, प्रधानमंत्री देश को बताएं।

हालांकि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस आरोप को पूरी तरह गलत करार दिया कि राफेल विमान सौदे के संदर्भ में फ्रांस और भारत के बीच गोपनीयता का कोई समझौता नहीं हुआ है। सीतारमण ने कहा कि लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भारत और फ्रांस के बीच 2008 में समझौता हुआ था।

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गाजियाबाद में धराशायी हुई पांच मंजिला इमारत, योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

NewsCode | 22 July, 2018 11:02 PM
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गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रविवार को 5 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई है। इसमें एक व्यक्ति की हताहत होने की खबर है जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इमारत के मलबे में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में यह बिल्डिंग गिरी है, वह पूरी तरह से अवैध रूप से बसाई गई है।

खबरों के मुताबिक प्रसन्नजीत गौतम नाम के शख्स की ज़मीन है। बिल्डर मनीष गोयल नाम का शख्स है। दोनों ही अभी पुलिस की पंहुच से दूर हैं। इन दोनों के परिवार वालों पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा है।

हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के एसएसपी को सख्त कार्रवाई करने को कहा है। सीएम की सख्ती के बाद दोषियों की गिरफ्तारी को पुलिस की चार टीमों का गठन कर दिया गया है। वहीं मृतकों के परिजनों को दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की गयी है। याद रहे कि पांच दिन पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतें भरभराकर गिर गईं थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस इमारत में चार लोग हिस्सेदार हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेसमेंट मिलाकर पांच तल वाली बिल्डिंग में 17 मजदूर काम कर रहे थे। दोपहर पौने तीन बजे इमारत भरभराकर गिर गई और उसमें काम कर रहे सभी मजदूर मलबे में दब गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दो मजदूरों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम और पुलिस ने देर शाम तक मलबे से छह मजदूरों को निकाला। इनमें से एक को संयुक्त अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

सामने आई बिल्डर की लापरवाही

गाजियाबाद इमारत हादसे में बिल्डर की बड़ी लापरवाही भी सामने आई हैै। घटनास्थल पर काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि बिल्डिंग के एक हिस्से में दरार आ गई थी, जिसके बारे में बिल्डर को जानकारी थी। बिल्डर ने मजदूरों को इस दरार को भरने को कहा और इमारत में जबरदस्ती काम जारी रखा।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस और NDRF की टीम पहुंच चुकी है राहत और बचाव का कार्य जारी है। बचाव के कार्य में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत के गिरते उमसें कई मजदूर मौजूद थे। हादसे में घायल महिला गुलाबरानी (47), शिवा (8) व देवेन्द्र (5) साल की हालत गंभीर बनी हुई है। तीनों को जिला संयुक्त अस्पताल से जीटीबी दिल्ली रेफर कर दिया गया है।

कभी भी गिर सकती है ग्रेटर नोएडा की 13 मंजिला इमारत

ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर बीटा-2 में नई बिल्डिंग बनाने के लिए की गई गहरी खुदाई और उसमें जमे पानी की वजह से पास की 13 मंजिला बिल्डिंग पर खतरा मंडराने लगा है। इमारत की दीवार में दरारें आ गई हैं। 13 मंजिला बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है।

बारिश के पानी और बिल्डर की मनमानी से 180 परिवारों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 की स्पार्क डिवाइन में रहनेवाले लोगों की नींद सोसाइटी के ठीक बगल में खोदे गए 25 फीट गहरे गड्ढे के कारण गायब हो गई है। ऐसे में यहां के 20 परिवार अपना फ्लैट खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।

बता दें कि गड्ढे से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का दफ्तर महज 500 मीटर की दूरी पर है। थाना और भी पास है, लेकिन किसी ने भी इस बड़े खतरे और खुदाई की ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, लोगों के विरोध के बाद ग्रेटर नोएडा प्रशासन एक्शन मोड में आया है। पानी को निकालने के लिए पंप लाया गया। गड्ढे को भरने का काम भी शुरू हो गया

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