चतरा : कलश यात्रा के साथ शुरू हुई नौ दिवसीय रुद्र चंडी महायज्ञ

NewsCode Jharkhand | 16 May, 2018 5:05 PM

चतरा : कलश यात्रा के साथ शुरू हुई नौ दिवसीय रुद्र चंडी महायज्ञ

चतरा। सदर प्रखंड के  लेम पंचायत के सिंघपुर गांव में नौ दिवसीय श्री रुद्र चंडी महायज्ञ को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान भक्तिमय नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु कलश यात्रा में शामिल हुए।

श्रद्धालुओं ने सदर प्रखंड के डहुरी तालाब से पुरोहित नंद किशोर पांडेय द्वारा मंत्रोचारण के साथ कलश में जल भरकर गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा आरंभ किया। कलश यात्रा डहुरी से होते हुए मरमदिरी, सतौर, भोजिया आदि गांवों का भ्रमण करते हुए कार्यक्रम स्थल पर आकर समाप्त हुई।

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इस दौरान समिति के अध्यक्ष मूलचंद साहू ने बताया कि श्री रुद्र चंडी महायज्ञ नौ दिनों तक चलेगा। बताया कि 17 से 23 मई तक अयोध्या से चलकर आये मिथलेश्वरी शास्त्री के द्वारा प्रवचन सत्र का आयोजन किया गया है। 24 को पूर्णाहुति के साथ यज्ञ का समापन किया जाएगा।

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देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:56 PM

देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

फिल्ट्रेशन से शिवगंगा का पानी 70 फीसदी हुआ साफ

देवघर। देवघर देव की  नगरिया है और यहां सालों भर आस्था का संगम देखने को मिलता है। देवघर का पवित्र शिवगंगा आस्था का केंद्र के साथ-साथ लोगों के जल का मुख्य स्रोत भी है। भक्त यहीं स्नान कर बाबा भोले को जल चढ़ाने के लिए जाते हैं, लेकिन रखरखाव और पानी को शुद्ध करने में प्रशासन नाकाम रहे। जिसके वजह से यहां का पानी दूषित हो गया। कुछ ही सालों में यहां का जल अशुद्ध हो गया, साथ ही पानी में कई तरह के कीटाणु भी पनपने लगे हैं।

रघुवर सरकार ने सबसे पहले शिवगंगा को शुद्ध करने के लिए फिल्ट्रेशन प्लांट को मंजूरी दी और अब यह फिल्ट्रेशन प्लांट काम भी करने लगा है। पिछले 6 महीनों से यह फिल्ट्रेशन प्लांट दिन-रात पानी को शुद्ध करने में लगा है और आज हालात ऐसे हैं कि शिवगंगा का 70 फीसदी जल शुद्ध हो चुका है।

आस्था की डुबकी शुद्ध जल में लगाएंगे श्रद्धालु

अधिकारी बताते हैं कि सावन आते-आते शिवगंगा का पानी 90 फीसदी से ज्यादा शुद्ध हो जाएगा। इस बार के श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालु आस्था की डुबकी शुद्ध जल में लगाएंगे। इतना ही  जानकार बताते हैं कि अगर इसी गति से पानी शुद्ध होता रहा तो सरोवर का जल पीने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

बाबा भोलेनाथ की नगरी जहां पर सुल्तानगंज से जल लेकर श्रद्धालु बाबा भोले के शिवलिंग पर जल अर्पण करते हैं। जो भक्त सुल्तानगंज से नहीं आते वह इसी पवित्र शिवगंगा में डुबकी लगाकर यहां का जल बाबा भोले को चढ़ाते हैं, लेकिन रखरखाव और सही नीति नहीं रहने के कारण जल दूषित हो गया।

छह महीनों से जल की हो रही सफाई

देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

 

आगामी श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। इस बार सरोवर में स्वच्छ जल से स्नान कर सकेंगे। नगर आयुक्त संजय कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 6 महीनों से लगातार शिवगंगा के जल को साफ करने की प्रक्रिया जारी है। फिल्ट्रेशन प्लांट 24 घंटे काम कर रहा है और 70 फीसदी से ज्यादा पानी साफ हो चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि 2018 के श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालु स्वच्छ जल में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

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पहले से काफी बदलाव आया : स्‍थानीय

देवघर के स्थानीय लोग भी मानते हैं कि पहले और अभी की स्थिति में काफी बदलाव आया है। पहले इसका जल शुद्ध नहीं था और लोग इसमें स्नान करने से कतराते थे। साथ ही इसका जल बदबू भी देने लगा था जिससे कई तरह के चर्म रोग होने लगे थे। फिल्ट्रेशन प्लांट के काम करने के बाद अब जल के स्तर और इसकी शुद्धता में काफी परिवर्तन आया है और अब भक्त इसमें निसंकोच स्नान कर सकते हैं।

वहीं फिल्ट्रेशन प्लांट में काम कर रहे कर्मी का कहना है कि 70 फीसदी से ज्यादा जल शुद्ध हो चुका है और सावन के मेले के समय 90 फीसदी से ज्यादा जल शुद्ध हो जाएगा। शिवगंगा का जल शुद्ध करने में 8 कर्मचारी दिन रात लगे हुए हैं।

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जमशेदपुर : बंगाली समुदाय की सुहागिनों ने मां मंगल चंडी की विशेष पूजा-अर्चना की

NewsCode Jharkhand | 22 May, 2018 1:38 PM

जमशेदपुर : बंगाली समुदाय की सुहागिनों ने मां मंगल चंडी की विशेष पूजा-अर्चना की

हर वर्ष ज्येष्ठ माह के प्रथम मंगलवार को होता है

जमशेदपुर। शहर में ज्येष्ठ माह के प्रथम मंगलवार को मां मंगल चंडी की पूजा बंग भाषी समुदाय के लोगों ने बड़ी धूम धाम से मनाया। इस अवसर पर काफी संख्या में बंगाली समुदाय की महिलाएं साकची चिनाब रोड स्थित  दुर्गा बाड़ी की काली मंदिर में आयोजित सामूहिक पूजा-अर्चना में शामिल हुई।

इस दौरान श्रद्धालुओं ने मौसम के नए फल-फूल माता की प्रतिमा पर चढ़ाए और पूजा-अर्चना कर परिवार के सुख-शांति की कामना की। बताया जाता है कि बंगाली समाज में ज्येष्ठ माह में प्रत्येक मंगलवार को मंगल चंडी की पूजा अर्चना की जाती है। यह पूजा काफी शुभ फलदायक मानी जाती है।

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बंगाली समुदाय की सुहागिन महिलाओं पूरे दिन उपवास रख कर विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की। यह विशेष पूजा पति की लंबी उम्र की कामना के लिए की जाती है। पूजा करने के लिए शहर के सभी मंदिर में महिलाओं की भीड़ लगी थी।

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देवघर : बाबा मंदिर के सरदार पंडा अजितानंद ओझा का निधन, शोक की लहर  

NewsCode Jharkhand | 22 May, 2018 11:38 AM

देवघर : बाबा मंदिर के सरदार पंडा अजितानंद ओझा का निधन, शोक की लहर  

हृदय गति रुकने से हुई मौत

देवघर। बाबा बैद्यनाथ मंदिर के सरदार पंडा अजितानंद ओझा का निधन हो गया। तीर्थ पुरोहितों में शोक की लहर है। 46 वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट के निर्देश पर पिछले वर्ष 6 जुलाई को पूरे धार्मिक अनुष्ठान के साथ हुई थी सरदार पंडा की ताजपोशी।

अहले सुबह 7 बजे जप करने के दौरान उन्‍होंने अंतिम सांस ली थी। जानकारी के मुताबिक सुबह नित्यदिन की तरह स्नान कर के पूजा पाठ करने के बाद जप कर रहे थे। इसी दरम्यान शरदार पण्डा अजितानंद ओझा का अचानक हृदय गति रुकने से मौत हो गई।

ख़बर सुनते ही पंडा समाज के तीर्थपूरोहितो में शोक की लहर है। बाबा मंदिर के गद्दी की लड़ाई शरदार पंडा द्वारा 46 साल तक लंबी लड़ाई के बाद हाइ कोर्ट से जीत हुई थी।

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श्राइन बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री रघुवर दास के आदेश के बाद विधिवत ताजपोशी हुआ था। इस ऐतिहासिक घड़ी में हजारों लोग साक्षी बने थे, जब उन्‍होंने आवास पर अंतिम सांस लिए।

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