चांडिल : बिहार स्पंज की जमीन पर हल जोतने की कोशिश, नौकरी की मांग

NewsCode Jharkhand | 11 April, 2018 8:59 PM
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कंपनी 6 सालों से है बंद

चांडिल(सरायकेला)।   जिले के चांडिल अनुमंडल स्थित बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड कंपनी की खाली पड़ी जमीन पर रैयातदारों ने हल जोतने का प्रयास किया । दयावती मोदी विद्यालय के खेल के मैदान पर हल जोतने की कोशिश हुई। इस दौरान काफी संख्या में रैयातदार और ग्रामीण मौजूद रहे। वहीं नाराज रैयतदारों ने कम्पनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

आपको बता दें कि पहुंचे पिछले छः सालों से कंपनी बंद पड़ी है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि वे कम्पनी के बंद होने से बेरोजगार हो गए हैं। स्कूल का खर्च वहन नहीं कर सकते। वहीं ग्रामीणों का कहना था कि स्कूल के खाली जमीन पर खेती कर वे बच्चों का फीस भरेंगे।

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रंगदारी मांगने का आरोप

उधर कम्पनी प्रबंधन का कहना है कि पहले से ही बच्चों का 50 फीसदी फीस माफ कर दिया गया है। वहीं कंपनी प्रबंधन ने मजदूर यूनियन पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। हालांकि घटना की सूचना मिलते ही चांडिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया। बावजूद इसके ग्रामीणों का विरोध जारी रहा। हालांकि कंपनी प्रबंधन द्वारा रैयतदारों के मामले से शीर्ष प्रबंधन को अवगत कराने और जल्द ही बीच का रास्ता निकाले जाने का आश्वासन दिया।

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रांची : केंदीय मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री ने की बैठक, विकास योजनाओं पर की चर्चा

NewsCode Jharkhand | 14 August, 2018 8:57 PM
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रांची। केंद्रीय मंत्री वन पर्यावरण तथा जलवायु  परिवर्तन डॉ. हर्षवर्धन की अध्यक्षता में केंद्रीय कोयला मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरेन्द्र सिंह के साथ झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास की अहम बैठक नई दिल्ली के पर्यावरण भवन में हुई। यह बैठक कोयला मंत्रालय, वन पर्यावरण जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा इस्पात मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के साथ झारखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुई।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही दल के सरकार अर्थात डबल इंजन का फायदा झारखंड को मिल रहा है आज की बैठक मील का पत्थर साबित होगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव तथा बड़ी भारी संख्या में लोगों को रोजगार दिए जाने की संभावना बढ़ी है।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले सप्ताह केंद्रीय कोयला सचिव के नेतृत्व में अधिकारियों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल धनबाद आएगा और झरिया सहित विभिन्न मसलों पर बेहतर संभावनाओं की तलाश होगी। मुख्यमंत्री ने कहा यह सरकार जनसरोकार की सरकार है इसलिए हमारी बैठक का मुख्य मुद्दा भी जनसरोकार ही है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री से जमशेदपुर से अमृतसर चलने वाली ट्रेन को सप्ताह के 3 दिनों से बढ़ाकर हर रोज चलाए जाने की मांग की तथा उस ट्रेन में पैंट्री कार की सुविधा भी बढ़ाने की मांग की। उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश से देवघर तक श्रावणी मेला के लिए नई मेला ट्रेन चलाए जाने की भी मांग की।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि विभिन्न मामलों में केंद्र के साथ समन्वय सहयोग और समयबद्ध निष्पादन आधारित कार्य हो रहे हैं। इससे झारखण्ड का समय सापेक्ष विकास हो रहा है और वन पर्यावरण का संरक्षण एवं संवर्धन भी हो रहा है।

बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोयला, पर्यावरण, उर्जा और इस्पात की कई परियोजनाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में झारखंड में लाखों की तादाद में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि झरिया कोल क्षेत्र के विस्थापितों की समस्याओं को सुलझाने के लिए कोयला सचिव के नेतृत्व में अगले सप्ताह एक केंद्रीय टीम झरिया जाएगी।

बैठक में केंद्रीय कोयला सचिव, केंद्रीय इस्पात सचिव, केंद्रीय पर्यावरण सचिव, वन महानिदेशक, केंद्रीय खनन सचिव  तथा झारखंड की ओर से मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, डी के तिवारी, इंदुशेखर चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. सुनील कुमार वर्णवाल, झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय कुमार, खनन सचिव अबूबकर सिद्दीख पी समेत कई आलाधिकारी भी मौजूद थे।

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स्वतंत्रता दिवस : राष्ट्र के नाम संदेश में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गांधी जी को किया याद

NewsCode | 14 August, 2018 10:25 PM
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के 72वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ महज राजनीतिक स्वतंत्रता हासिल करना नहीं, बल्कि आजादी के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के सपनों के भारत का निर्माण करना भी है। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया को सही अर्थों में भारतीयता से पहचान कराई। राष्ट्रपति ने 21वीं सदी में गांधी जी के अहिंसा के सिद्धांतों को उपयोगी और प्रासंगिक बताते हुए देशवासियों से उनके सुझाए गए रास्ते पर चलने और उनके विचारों को आत्मसात करने की अपील की तथा कहा कि समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

रामनाथ कोविंद ने कहा कि इस बार स्वतंत्रता दिवस की खास बात यह है कि कुछ ही सप्ताह बाद दो अक्टूबर से महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के समारोह शुरू हो जाएंगे। गांधीजी ने न केवल स्वाधीनता संग्राम का नेतृत्व किया, बल्कि वह देशवासियों के नैतिक पथ-प्रदर्शक भी थे और सदैव बने रहेंगे।

उन्होंने अहिंसा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, गांधीजी का महानतम संदेश यही था कि हिंसा की अपेक्षा अहिंसा की शक्ति कहीं अधिक है। प्रहार करने की अपेक्षा संयम बरतना कहीं अधिक सराहनीय है तथा हमारे समाज में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। गांधीजी ने अहिंसा का यह अमोघ अस्त्र हमें प्रदान किया है। उनकी अन्य शिक्षाओं की तरह अहिंसा का यह मंत्र भी भारत की प्राचीन परंपरा में मौजूद था और आज 21वीं सदी में भी हमारे जीवन में यह उतना ही उपयोगी और प्रासंगिक है।

राष्ट्रपति ने गांधीजी के विचारों की गहराई को समझने के प्रयास का जरूरत पर बल देते हुए कहा, गांधीजी को राजनीति और स्वाधीनता की सीमित परिभाषाएं मंजूर नहीं थीं। गांधीजी जब और उनकी पत्नी कस्तूरबा, चंपारण में नील की खेती करने वाले किसानों के आंदोलन के सिलसिले में बिहार गए तो वहां उन्होंने काफी समय स्थानीय लोगों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों, को स्वच्छता और स्वास्थ्य की शिक्षा देने में लगाया। चंपारण में और अन्य बहुत से स्थानों पर गांधीजी ने स्वयं स्वच्छता अभियान का नेतृत्व भी किया। उन्होंने साफ-सफाई को आत्मानुशासन और शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि आजादी के सात दशक बाद हमारी विकास गाथा की दुनिया भर में सराहना हो रही है। ऐसे में हमें ध्यान भटकाने वाले मुद्दों में न उलझ कर देश को आगे ले जाने पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि खुले में शौच मुक्त भारत, सबको घर, सबको बिजली, सभी घरों में गैस कनेक्शन का लक्ष्य पूरा होने के करीब है।

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धनबाद : सांसद आदर्श ग्राम योजना को लेकर जिला समन्वय समिति ने की बैठक

NewsCode Jharkhand | 14 August, 2018 9:54 PM
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धनबाद। सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत करमाटांड गांव को लेकर आज राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।

इस अवसर पर सांसद ने कहा कि वर्ष 2014 से 2019 तक हर सांसद को 3 गांव का चयन कर वहां मूलभूत सुविधा, सामाजिक चेतना इत्यादि से गांव को मॉडल गांव बनाना है।

डेढ़ साल में करमाटांड गांव की सूरत बदल जाएगी – महेश पोद्दार

उन्होंने कहा कि करमाटांड में मूलभूत सुविधाएं कम है। करमाटांड गांव का विकास करके उसे लोगों के लिए एक उदाहरण बनाना है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में करमाटांड गांव की सूरत बदल जाएगी। वहां के हर घर में बिजली, पक्की सड़क, पेयजल, शिक्षा इत्यादि की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। आने वाले डेढ़ साल के बाद करमाटांड में परिवर्तन देखने को मिलेगा।

सांसद ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास की सोच के कारण देश और झारखंड बदल रहा है।

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सांसद ने कहा कि गांव का पिछड़ापन चिंता का विषय है। प्रधानमंत्री की दूरदृष्टिता के कारण देश के सैकड़ों गांव मॉडल गांव में परिवर्तित हो रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मील का पत्थर साबित होगा।

करमाटांड जलद बनेगा मॉडल गांव

उन्होंने कहा कि करमाटांड को जल्दी मॉडल गांव बनाना है। प्राथमिकता के आधार पर सड़क, बिजली इत्यादि को स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि सारी योजनाओं को कुशलता पूर्वक लागू करना है। इसका दायित्व हम सब पर है। यह सामाजिक चेतना का कार्यक्रम है तथा जिला प्रशासन के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।

उन्होंने बताया कि सांसद आदर्श ग्राम योजना केंद्र द्वारा प्रायोजित है तथा डेढ़ साल में सब साथ मिलकर बहुत सारे बदलाव कर सकते हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि कुछ सांसद आदर्श ग्राम योजना के वीडियो तथा तस्वीरें वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं। वेबसाइट को देखने से प्रेरणा मिलेगी।

बैठक में उपायुक्त ने इस योजना को चुनौती के रूप में लेने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि करमाटांड में पानी, बिजली, सड़क इत्यादि कि जो भी जरूरत होंगी, उसे युद्ध स्तर पर मुहैया कराया जाएगा।

बैठक में महापौर चंद्रशेखर अग्रवाल, सिन्दरी विधायक फूलचंद मंडल, उप विकास आयुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिविल सर्जन एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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