चांडिल : नैक की टीम ने सिंहभूम कॉलेज को दिया ‘बी’ ग्रेड

Subhash Shekhar | 3 November, 2017 2:32 PM
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चांडिल(सरायकेला)। चांडिल अनुमंडल के 99 प्रतिशत लोग कृषि पर आश्रित है। यहां के अभिभावक चाहते हुए भी अपने बच्चों को उच्च शिक्षा नहीं दे पाते है। अनुमंडल का एकमात्र स्नात्‍तकोतर सिंहभूम कॉलेज पर उच्च शिक्षा के लिए आश्रित है। अनुमंडल में सिंहभूम कॉलेज चांडिल कोल्हान विश्वविद्यालय का एकमात्र स्नात्‍तकोतर महाविद्यालय है। महाविद्यालय में साधन की भी कमी है। इसके बावजूद प्राचार्य, शिक्षक, शिकोत्तर कर्मचारी, छात्रसंघ, छात्र-छात्राएं, समाजसेवी व अभिभावकों के सहयोग से महाविद्यालय प्रबंधन के कार्य से संतोषजनक पाकर नेशनल एसेशमेंट एंड एक्रीडिएशन कॉउंसिल (नैक) नई दिल्ली ने इस महाविद्यालय को 2.14 अंको के साथ ’बी’ ग्रेड प्रदान किया।

सिंहभूम कॉलेज को ’बी’ ग्रेड मिलने पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर है। स्नातक तृतीय वर्ष की छात्रा किरण प्रमाणिक ने कहा कि प्राचार्य डॉ0 जीपी रजवार, शिक्षक, शिक्षकोत्तर कर्मचारी, छात्रसंघ व अभिभावक संघ के मेहनत से कॉलेज को ’बी’ ग्रेड प्राप्त हुआ। मंजू सिंह ने कहा कि महाविद्यालय में शिक्षक की कमी दूर होने की आशा है। स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा विभा कुमारी ने कहा कि अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षा में लाभ मिलेगा. स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा सुनीता कुमारी ने कहा कि महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा नियमित रुप से कक्षाएं लेने के लिए शिक्षक नियुक्ति  की आवश्यकता है। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष बिनोद माझी ने कहा कि सभी के सहयोग से बी ग्रेड प्राप्त हुआ है। स्नातक तृतीय वर्ष के छात्र सुरेश माझी ने कहा कि अब चांडिल अनुमंडल के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए कई प्रकार की सुविधा दी जाएगी। मार्शल मुर्मू ने कहा कि नैक के पदाधिकारी बधाई के पात्र है। जिनके सही निरीक्षण से यह ग्रेड प्राप्त हुआ। स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र सुभाष उरांव ने कहा कि हम सभी विद्यार्थी, अभिभावक व शिक्षक-शिक्षकोत्तर कर्मचारियों को महाविद्यालय के विकास के लिए प्रयास करना होगा।

 

चक्रधरपुर : शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के फीडर को जल्द अलग करेें-गिलुुुुवा

NewsCode Jharkhand | 25 September, 2018 9:48 PM
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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद गिलुवा ने विद्युत विभाग के कार्यपालक व सहायक अभियंता के संग की बैठक

चक्रधरपुर। भाजपा के अध्यक्ष व सांसद लक्ष्मण गिलुआ ने  विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता  रविशंकर एवं सहायक अभियंता मनोज कुमार निराला के संग बैठक की। बैठक में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र को अलग अलग फीडर  करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए।

ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्र में हो रही पर परेशानी से अभियंताओं को प्रदेश अध्यक्ष व सांसद गिलुआ  ने अवगत कराया। इस दौरान मौके पर जिला भाजपा उपाध्यक्ष शेष नारायण लाल नगर अध्यक्ष दीपक सिंह सामाजिक कार्यकर्ता सतीश ठक्कर भी मौजूद थे।

चक्रधरपुर : हावड़ा से मुंबई जा रही गीतांजलि सुपरफास्ट ट्रेन इलेक्ट्रिक पोल से टकरायी,कोई हताहत नहीं

विदित हो कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के फीडर को विशेषकर पोटका बंगाली टोला जलाराम मेडिकल पंप रोड नागेंद्र नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में चैनपुर से लेकर खूंटपानी  प्रखंड के दर्जनों गांव में विद्युत आपूर्ति  होती है।  एक ही फीडर में रहने के कारण  बंगाली टोला पोटका, पम्परोड, जलाराम मेडिकल समेत वार्ड 17,19 , 20 व 21 का कुछ इलाकेे पूरी तरह प्रभावित होतेे हैंं।

 इसी प्रकार के ग्रामीण क्षेत्र में लोग परेशान होते हैंं। चैनपुर से लेकर खूंटपानी प्रखण्ड के भोया तक लोग परेशान रहते हैंं। ये समस्या महज एक फीडर से रहने के कारण हो रही है।  कार्यपालक अभियंता रवि शंकर  ने सांसद श्री गिलुआ को आश्वस्त किया है कि 15 दिनों के अंदर पूरी व्यवस्था  ठीक कर ली जाएगी ।

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जमशेदपुर : छुुुुट्टी मांगी, न‍हीं मिली, गर्भावस्‍था के पांंचवें माह में ड्यूूटी करने को मजबूर सुरक्षाकर्मी

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:58 PM
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एमजीएम अस्पताल की संवेदनहीनता

जमशेदपुर। जमशेदपुर का एमजीएम अस्पताल इन दिनों फिर से सुर्खियों में है। वैसे इस बार यह अस्पताल अलग ही तरह के कारनामों को लेकर सुर्खियों में है।

इस अस्पताल की लापरवाही की खबरें तो आम बात है, लेकिन इस बार इस अस्पताल में काम कर रही महिला सुरक्षाकर्मियों की क्या स्थिति है, यह बता रहे हैं।

किस तरह 8 महीने की गर्भवती महिला सुरक्षाकर्मी ड्यूटी करने को मजबूर है। ऐसा नहीं है कि उस महिला कर्मी ने छुट्टी के लिए गुहार नहीं लगाई थी।

इस महिला ने प्रेगनेंसी लीव का आवेदन दिया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन या होमगार्ड  के वरीय अधिकारी इस महिला के आवेदन को निरस्त करते हुए इतना ही कहा कि जब तुम्हें परेशानी होगी तो तुम्हें छुट्टी दे दी जाएगी।

ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही महिला ड्यूूटी करने को मजबूर

अब सवाल यह उठता है कि आखिर 8 महीने की गर्भवती महिला को क्या परेशानी नहीं हो रही होगी ?  क्या एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और झारखंड सरकार का गृह रक्षा वाहिनी विभाग इतना संवेदनहीन हो गया है कि जो महिला अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही, उसे अस्पताल की सुरक्षा में लगा दिया गया।

वैसे यह कोई पहली महिला नहीं है, जो गर्भवती होने के बाद भी ड्यूटी बजा रही है, बल्कि इनकी जैसी और भी एक महिला सुरक्षाकर्मी यहां ड्यूटी पर तैनात है।

पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का है प्रावधान

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकारी योजना जिसके तहत महिलाओं को पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का प्रावधान है, उसका उल्‍लंघन हो रहा है। यदि महिला होमगार्ड की जवान के साथ कुछ अनहोनी हो जाए तो उसके लिए कौन जिम्मेवार होगा।

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NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:19 PM
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लोहरदगा। शहर के बड़ा तालाब, जामा मस्जिद आदि क्षेत्रों में नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान में लोहरदगा सदर अंचलाधिकारी परमेश्वर कुशवाहा, सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक शैलेश प्रसाद, नगर परिषद के सिटी मैनेजर आफताब आलम सहित कई अधिकारी और पुलिस बल के जवान मौजूद थे। अतिक्रमण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। अतिक्रमण का दोषी पाए जाने पर, ऑन द स्‍पॉट कई दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया। नगर परिषद के इस अभियान से दुकानदारों में भी डर का माहौल देखा जा रहा है।

लोहरदगा : अतिक्रमण हटाओ अभियान से दुकानदारों में हड़कंप

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अतिक्रमण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए जाने के बाद से नगर परिषद अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चला रहा है। इस दौरान क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आने पर, अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले नगर परिषद ने कई बार दुकानदारों को चेतावनी देते हुए अतिक्रमण नहीं करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके अतिक्रमण होने की वजह से सड़कें संकरी हो गई थी और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थी। जिसकी वजह से नगर परिषद और अंचल प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने को लेकर जोरदार अभियान चलाया।

लोहरदगा : टेबल-कुर्सी ही संभालते हैं कार्यालय, मत्स्य अधिकारी रहते हैं गायब 

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