चांडिल : मनोज स्पोर्ट्स ने गम्हरिया को 5-1 से रौंदा, लीग के सुपर 6 में शामिल 

NewsCode Jharkhand | 11 September, 2017 9:36 PM
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चांडिल (सरायकेला-खरसावां)। जिला सरायकेला-खरसावां में जिला स्तरीय फुटबॉल लीग मैच खेला जा रहा है। आज सोमवार को चाण्डिल अनुमण्डल के मनोज स्‍पोर्टिंग ड्रीम क्लब चांडिल ने गम्हरिया के ज्ञानदीप स्पोट एकाडेमी को 5-1 से हरा कर जिला के सुपर 6 में स्थान बनाया।

मनोज स्पोर्टिंग के सचिव अकाश दास ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि‍ यह मैच हमारी टीम के लिए महत्वपूर्ण था। टीम के खिलाड़ियों के उत्साह ने मैच प्रारंभ के 7 मिनट के अन्दर मिशन टुडू ने पहला गोल दागा। फिर बारी-बारी से रमेश, भीम, रवीन्द्र,ठाकुर के प्रहार का सामना नहीं कर सके।

उन्‍होंने बताया कि‍ चाण्डिल की टीम जिला लीग में पहली बार सुपर 6 में शामिल हुआ है। इस टीम पर चाण्डिल अनुमण्डल पदाधिकारी भगीरथ प्रसाद, डीएसपी संदीप भगत एवं चाण्डिल बुद्धिजिवी मंच के सहयोग से आज गम्हरिया को 5-1 से रौद कर जिला लीग सुपर 6 में शामिल हुआ। इस मौके पर रवीन्द्र सिंह, पूर्व मुखिया आसनबनी श्री गुरूचरण सिंह, मधु बनर्जी, कमल क्‍लब के प्रखण्ड अध्यक्ष मनोज सिंह उपस्थित थे।

जामताड़ा : विश्व ओलंपिक दिवस पर खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 9:20 AM
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सफल प्रतिभागियों को किया गया सम्‍मानित

जामताड़ा। विश्व ओलंपिक दिवस पर संत एंथोनी स्कूल कायस्थपाड़ा परिसर में विभिन्न एथलेटिक्स खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। खेल प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं के लिए अलग अलग प्रतियोगिता रखा गया।

प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागी को राजकीय बालिका उच्च विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार स्वर्णकार,संत एंथोनी स्कूल के सचिव डीडी भंडारी और सचिव डॉ. चंचल भंडारी ने संयुक्त रूप से पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

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मौके पर डीडी भंडारी ने छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए नियमित खेल अभ्यास जारी रखें। नियमित रूप से प्रतियोगिता में भाग लेने से खेल प्रदर्शन के बेहतर कला का ज्ञान मिलता है।

खेल प्रतियोगिता में हारने के बाद खिलाड़ियों को खेल कला का प्रदर्शन में हुई चूक में सुधार का मौका मिलता है। प्राचार्य नरेश कुमार स्वर्णकार ने कहा खिलाडियों को कदापि हतोत्साहित नहीं होना चाहिए,बल्कि बेहतर खेल अभ्यास के प्रति ध्यान देते रहना चाहिए।

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दिल्ली में 14,000 से ज्यादा पेड़ों की कटाई के विरोध में ‘आप’ का चिपका आंदोलन

NewsCode | 24 June, 2018 7:54 PM
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पुनर्विकास के नाम पर 14 हजार से ज्यादा पेड़ काटने का विरोध तेज हो गया है। आम लोगों के साथ अब आम आदमी पार्टी भी इसके खिलाफ उतर आई है। आज रविवार को सरोजिनी नगर में पार्टी ने एक बड़े चिपको आंदोलन का आयोजन किया। सोशल मीडिया में #DelhiChipkoAndolan लगातार ट्रेंड कर रहा है।

दिल्ली सरकार में ‘आप’ के मंत्री इमरान हुसैन ने कई विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पेड़ों से चिपककर विरोध-प्रदर्शन किया। लोग हाथ से लिखे पोस्टर के साथ पेड़ों को बचाने की अपील करने के लिए वहां पहुंचे थे।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी से इस प्रोजेक्ट को किसी दूसरे जगह शिफ्ट करने की अपील की।

वहीं, पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि, “जब सारी जनता , दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार पेड़ों के बारे में इतनी चिंतित है तो केन्द्र सरकार प्रोजेक्ट बंद कर दे। अब कोई पेड़ ना काटा जाए”

बता दें कि सरोजिनी नगर में शनिवार को भी पेड़ काटने के विरोध में कुछ स्थानीय लोगों और युवाओं ने पेड़ से चिपककर उसे बचाने की अपील की।उनका कहना था कि सुंदर नगर में पेड़ कट चुके हैं। अब सरोजिनी नगर व आरकेपुरम में इन्हें काटा जाना है। हम इसका विरोध कर रहे है। सभी ने कहा कि प्रदूषण मुक्त दिल्ली का नारा पेड़ काटने से पूरा नहीं होगा।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने दक्षिणी दिल्ली में स्थित सात सरकारी आवसीय कॉलोनियों के पुनर्विकास का प्रस्ताव बनाया था। केंद्र सरकार की कैबिनेट इस पुनर्विकास प्लान को वर्ष 2016 में ही मंजूरी दे चुकी है। इसके तहत ही दक्षिणी दिल्ली में स्थित किदवई नगर में 1123, नेताजी नगर में 2294, नैरोजी नगर में 1454, मोहम्मदपुर में 363 और सरोजनी नगर में 11 हजार से अधिक पेड़ काटे जाने हैं। नैरोजी में पेड़ों की कटाई भी शुरू हो चुकी है। अब इन पेड़ों की कटाई का विरोध शुरू हो गया है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि वह जितने पेड़ काटेंगे उससे दोगुना पौधे लगाएं जाएंगे। पूरा पुनर्विकास प्लान ग्रीन प्रोजेक्ट होगा।

1973 में पहली बार हुआ था चिपको आंदोलन

चिपको आंदोलन की शुरुआत उत्तराखंड के चमोली में वर्ष 1973 में हुई थी। तब ग्रामीण किसानों ने राज्य के वन ठेकेदारों द्वारा वनों और जंगलों को काटने के विरोध में चिपको आन्दोलन चलाया था। चिपको आंदोलन का सीधे-सीधे अर्थ है किसी चीज से चिपककर उसकी रक्षा करना। जब यह आंदोलन वहां पर चल रहा था, तब वनों की कटाई को रोकने के लिए गांव के पुरुष और महिलाएं पेड़ों से लिपट जाती थीं और ठेकेदारों को पेड़ नहीं काटने देती थी। इस आंदोलन में महिलाओं की संख्या अधिक होती थी।

जानिए क्या है चिपको आंदोलन, जिस पर Google ने बनाया डूडल

इस आंदोलन को चंडीप्रसाद भट्ट, गौरा देवी और ग्रामीणों ने मिलकर अंजाम दिया था। बाद में प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी सुन्दरलाल बहुगुणा ने आगे बढ़ाया। आंदोलन को सम्यक जीविका पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है। जिस समय यह आन्दोलन चल रहा था, उस समय केंद्र की राजनीति में भी पर्यावरण एक एजेंडा बन गया था। इस आंदोलन को देखते हुए तत्कालीन केंद्र सरकार ने वन संरक्षण अधिनियम बनाया।

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धनबाद : झरिया के अस्तित्‍व को बचाने के लिए फिर होगा आंदोलन

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 7:48 PM
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झरिया को उजाडने की सरकारी मंसूबे को जनता कामयाब नहीं होने देगी

धनबाद (झरिया)। झरिया के अस्तित्व को बचाने के लिए एक बार फिर आंदोलन होगा। इसबार आंदोलन की मुख्‍य भूमिका में पूर्व मंत्री समरेश सिंह रहेंगे। आंदोलन की रुपरेखा तैयार करने के बावत आज झरिया प्रेस क्लब में समरेश सिंह की अगुवाई में बैठक हुई जिसमें पूर्व में हो चुके झरिया आंदोलन से जुड़े कई लोगों ने भाग लिया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि झरिया को बचाने के लिए यह आखिरी आंदोलन होगा। इस आंदोलन में झरिया की जनता पूरी ईमानदारी से लड़ेगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बंद आर एस पी कॉलेज को उसी जगह चालू किया जाएगा जहां वह है। इसके लिए कोर्ट जाना पड़े या कहीं और लेकिन बंद कॉलेज को खुलवाया जाएगा। बैठक में भाग ले रह लोगों ने एकसुर से कहा कि केंद्र व राज्य सरकार झरिया के अस्तित्व को खत्म करना चाहती है जिसे यहां की जनता सफल नहीं होने देगी।

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