चाण्डिल : चार दशक से बाढ़ का दंश झेलने को अभिशप्त हैं ईचागढ़ के विस्थापित 

NewsCode Jharkhand | 11 July, 2018 4:15 PM
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चाण्डिल। चार दशक बाद भी चाण्डिल डैम के विस्थापितों को न्याय नहीं मिल पाया है और न ही अब कोई उनकी सुध ले रहा है। इस दर्द को अपने सीने में ही दबाकर जीने को विवश, इन विस्थापितों को समझ में नहीं आ रहा है कि वे अपना दुखड़ा आखिर किसके सामने रोएं।

यह मामला सरायकेला जिला अंतर्गत चाण्डिल डैम के कारण विस्थापित हुए 116 गांवों का है, जिसके विस्थापितों को आजतक न तो पूरा मुआवजा ही मिल पाया है और न ही उनका पुनर्वास हो सका है। वहीं ये विस्थापित पिछले 40 वर्षों से बाढ़ का दंश झेलने को भी अभिशप्त हैं।

चाण्डिल : चार दशक से बाढ़ का दंश झेलने को अभिशप्त हैं ईचागढ़ के विस्थापित 

राज्य सरकार की विस्थापन नीति का भी, इन्हें आजतक सही से लाभ नहीं मिल पाया है। सरकारी विभाग, बरसात के पूर्व कई वादे तो करते हैं लेकिन होता कुछ भी नहीं है।

चाण्डिल : चार दशक से बाढ़ का दंश झेलने को अभिशप्त हैं ईचागढ़ के विस्थापित 

पिछले महीने चाण्डिल अनुमण्डल पदाधिकारी की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन समिति की बैठक हुई थी जिसमें पुनर्वास पदाधिकारी को 10 दिनों के भीतर, विस्थापितों को मुआवजे की राशि और भूमि उपलब्ध करने का आदेश दिया गया था। साथ ही वैसे विस्थापितों को भी चिन्हित करने का निर्देश दिया गया था, जो  मुआवजे की राशि लेने के बाद भी डूब क्षेत्र में ही बसे हुए हैं लेकिन करीब एक माह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

चाण्डिल : चार दशक से बाढ़ का दंश झेलने को अभिशप्त हैं ईचागढ़ के विस्थापित 

वहीं दुसरी  ओर चाण्डिल डैम के विस्थापितों पर राजनीति भी शुरू हो गई है। सांसद रामटहल चौधरी ने सम्पूर्ण परियोजना को मछली पालन केन्द्र बता दिया जिसे लेकर विस्थापितों में काफी नाराजगी है।

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विस्थापितों का आरोप है कि विगत पांच वर्षों में मुआवजा और पैकेज की झूठी राजनीति करके, उन्हें चौराहे पर खड़ा कर दिया गया है। विस्थापित इस बात से भी परेशान हैं कि इस वर्ष डैम डिविजन, ईचागढ़ के डूब क्षेत्र से जबरन उन्हें हटाने की तैयारी कर रहा है।

चाण्डिल : चार दशक से बाढ़ का दंश झेलने को अभिशप्त हैं ईचागढ़ के विस्थापित 

चाण्डिल डैम स्थित स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय योजना के अंतर्गत, सिंचाई और विद्युत् उत्पादन सहित कई योजनाएं जुड़ी हैं। वर्तमान में राज्य एवं केन्द्र, दोनों ही जगह पर बीजेपी की सरकार है, इसके बावजूद भी विस्थापितों को, न्याय नहीं मिल पाने का मलाल है। उनका आरोप है कि बीजेपी ने, मात्र एक वोट वैंक के रूप में उनका इस्तेमाल किया है और इन पांच वर्षों में, सांसद और विधायक ने विस्थापितों को सिर्फ छलने का काम ही किया है।

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LIVE: पीएम मोदी का कांग्रेस पर तंज, कहा- मेरी शुभकामनाएं 2024 में आप फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाएं

NewsCode | 20 July, 2018 9:39 PM
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संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन है और आज लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ पहले अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराई जाएगी. बुधवार को टीडीपी सांसद की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मंजूर किया था, जिसके बाद उस पर चर्चा के लिए शुक्रवार का दिन तय हुआ था.

संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन है और आज लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ पहले अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराई जाएगी. बुधवार को टीडीपी सांसद की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मंजूर किया था, जिसके बाद उस पर चर्चा के लिए शुक्रवार का दिन तय हुआ था.

अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने भी भाषण दिया. राहुल गांधी अपना भाषण खत्‍म करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास गए और उनके गले लगकर हाथ मिलाया.

LIVE UPDATES:

पीएम मोदी ने बोलना शुरू किया-

प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान लोकसभा में जमकर हंगामा,  विपक्षी नेताओं लगा रहे वी वांट जस्टिस के नारे

-जब हम डिजिटल लेनदेन की बात करने लगे तो सदन में बैठे लोग बताने लगे कि हमारे देश में लोग अनपढ़ हैं.

-ऐसे लोगों को हमारे देश की जनता ने तमाचा मारा है. इनकी यही मानसिकता गलत है

-यह अच्छा मौका है कि हमें अपनी बात कहने का बात मिल ही रहा है लेकिन देश को यह चेहरा भी देखने का मौका मिला है कि कैसे नकारात्मक राजनीति ने कुछ लोगों को घेर कर रखा हुआ है और उन सब का चेहरा निखर कर बाहर आया है.

-कई लोगों के मन में यह सवाल आया कि यह प्रस्ताव आया क्यों? विपक्ष के पास बहुमत नहीं है फिर भी यह प्रस्ताव लाया गया. सरकार को गिराने के लिए इतना ही उतावलापन था तो इसे 48 घंटे और टालने की कोशिश क्यों की गई. अगर चर्चा की तैयारी ही नहीं थी तो इसे लाया ही क्यों?

पिछले दो वर्ष में पांच करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए : अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

– किसानों की आय 2022 तक दोगुनी कर देंगे : अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा, ”हम ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम करते रहे.”

– अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा : प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान लोकसभा में जमकर हंगामा

– लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर भरोसा ज़रूरी, सवा सौ करोड़ देशवासियों पर अविश्वास न करें : अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

– साथियों की परीक्षा लेने के लिए अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जाना चाहिए : लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

– न मांझी, न रहबर, न हक में हवाएं, है कश्ती भी जर्जर, यह कैसा सफर है : अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

– न संख्या है, न बहुमत, फिर भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, देश देख रहा है, कैसी नकारात्मकता है : अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

– अविश्‍वास प्रस्‍ताव के बहाने अपने कुनबे को जमाने की कोशिश की गई है.

– राहुल गांधी के गले मिलने पर पीएम मोदी बोले- कुर्सी पर पहुंचने की जल्‍दबाजी है.

– पीएम मोदी ने कहा , संसद में बहुमत नहीं फिर भी अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाया गया है.

 -तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी ने कहा, “आप राम पर भी अपनी मनॉपली (एकाधिकार) करना चाहते हैं.”

-हमें रूस-अमेरिका नहीं, हिन्दू-मुस्लिम के बीच फैल रही नफरत मारेगी : नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद फारुक अब्दुल्ला

– मॉब लिंचिंग सिर्फ 1984 में नहीं हुई थी, वह 2002 में भी हुई : AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी

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दुमका : मामूली विवाद को लेकर शिक्षक ने छात्र को बेहरमी से पीटा

NewsCode Jharkhand | 20 July, 2018 9:37 PM
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दुमका। शहर के डॉन बास्को स्कूल में एक छात्र का पीटाई करने का मामला नगर थाना पहुंचा। जहां स्कूल के वर्ग-6 में पढ़ाई करने वाले कृष्ण कुमार वर्मा और उसके पिता विजय कुमार वर्मा ने आरोपी शिक्षक के विरूद्ध लिखित शिकायत किया है।

दुमका : सहकारिता सह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को घूस लेते ACB ने दबोचा

मामले में पीड़ित छात्र के पिता और छात्र ने बताया कि एक सहपाठी से मामूली विवाद को लेकर सहपाठी के शिकायत पर शिक्षक प्रकाश मुर्मू ने बेहरमी से पीटाई कर दिया है। शिक्षक रूल टूटने तक पिटाई करते रहा। जब इसकी जानकारी पिता विजय वर्मा को छात्र के दोस्तों ने दी।

दुमका : हंसडीहा थाना का छत जर्जर होकर गिरा, हवलदार गंभीर रूप से घायल

 

मामले में अभिभावक द्वारा प्राचार्य रोज मेरी हेम्ब्रम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद पीड़ित छात्र घर पहुंचा। जहां स्कूल ड्रेस चेंज करते समय उसकी मां और दादी देख मामले में आरोपी छात्र को सजा दिलाने को लेकर नगर थाना पहुंचे। नगर थाना पुलिस देवव्रत पोद्दार ने अभिभावक के शिकायत पर आरोपी शिक्षक को बुलाने का निर्देश दिया।

समाचार लिखे जानते तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पायी है। इधर मामले में प्राचार्या रोज मेरी हेम्ब्रम ने सफाई देते हुए कहा कि यह पहली घटना है, शिक्षक के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। शिक्षक की वैसे कोई मंशा नहीं थी, जिससे छात्र और उसके परिवार को किसी प्रकार की क्षति पहुंचे।

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 पलामू : भू-माफियाओं से परेशान ग्रामीण अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर

NewsCode Jharkhand | 20 July, 2018 9:34 PM
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पलामू। सरकार द्वारा भूमिहीनों को  जमीन दिया गया था मगर भूमाफियाओं द्वारा गलत तरीके से जमीन को हड़पने का काम किया गया है जिसके विरोध में पाटन प्रखंड के सोले गांव के 20 दलित परिवार पिछले 17 जुलाई से कचहरी परिसर में आमरण अनशन पर हैं। ग्रामीणों की  मांग है कि प्रशासन भूमाफियाओं से उनके जमीन को मुक्त कराएं। दरअसल 1987 में भूमिहीन परिवारों को सरकार ने ही भूदान दिया था जिसका ग्रामीण लगातार लगान भी जमा कर रहे थे।

पाटन प्रखंड के सोले गांव के 20 दलित परिवार को 31 साल पहले 40 एकड़ जमीन सरकार ने भूमिहीन होने के नाते दिया था मगर बाद में सीओ कार्यालय के कर्मियों की मिलीभगत से भूमाफियाओं ने इनकी जमीन को फर्जी कागज बनाकर हड़प लिया, जिसका विरोध में यह ग्रामीणअनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर हैं।

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इनके समर्थन में मजदूर संगठन के नेताओं ने भी साथ दिया है।उनका कहना है कि पिछले कई सालों से यहां के दलित परिवार प्रखंड और जिला मुख्यालय का चक्कर काट कर थक चुके हैं मगर इनको न्याय नहीं मिला। इधर धरना पर बैठे पीड़ित ग्रामीणों का भी कहना है कि जान दे देंगे मगर जब तक सरकार व प्रशासन मांग पूरी नहीं करेगी तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा ।वहीं इधर आमरण अनशन पर बैठे परिवारों से मिलने आये सदर सीओ शिव शंकर पांडे का कहना है कि जल्द ही इन ग्रामीणों की समस्याएं प्रशासन दूर करेगी।

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