चक्रधरपुर : हारूप मेला में इड़गुनाथ मंदिर का खास महत्व, भक्तोंं की लगती है भीड़

NewsCode Jharkhand | 14 June, 2018 4:15 PM
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चक्रधरपुर। 15 जून को पश्चिमी बंगाल के हारूपडी गांव में विशाल मेला का आयोजन किया जायेगा। 14 जून से ही जागरण के साथ पूजा अर्चना प्रारंभ हो गया है। जनजाति रिवाजानुसार मेला परिसर में स्थित इड़गुनाथ मंदिर में ब्राह्मण प्रथा नहीं हैं। गांव के नाया ही पूजा-पाठ सम्पन्न कराता है।

14 जून को दिनभर पूजा अर्चना के बाद शाम होते ही छऊ नृत्य का दौर प्रारंम्भ होता है जो लगातार रातभर चलता है। सुबह होते ही जलार्पण की लम्बी कतार हो जाती है। दिनभर मेला के साथ-साथ जलाभिषेक का कार्यक्रम होता है। विशेषकर विवाहित युवतियां पुत्र प्राप्ती की कामना के साथ जल चढ़ाती हैं।

हारूप को आम मेला भी कहते हैं

हारूप मेला में पके आम का भंडार रहता है। यहां विभिन्न किस्म के रसीले व स्वादिष्ट आम खासे सस्ते पाये जाते हैं। जिस कारण यह मेला आम मेला के नाम से भी प्रचलित है।

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हारूपडी गांव के नाम से हारूप मेला व इड़गुनाथ बाबा के नाम से इड़गुनाथ मेला प्रचलित हैं। इड़गुनाथ अति प्राचीन खण्डहर नुमा चौकुना मंदिर पर अवस्थित है। चौकुना चाहरदिवारी के निशान व चारकुनिया तालाब पर स्थित हैं। जिसके कारण शोधकर्ताओं का मानना है कि यहां कभी जैन धर्म के अनुयायी लोगों का निवास स्थान रहा होगा और इसे जैन मूर्ति माना जाने लगा। जैन धर्म के इस मंदिर को बाद में इड़गुनाथ मंदिर के नाम से जाना गया और बुड़ा बाबा का दर्जा दिया गया।

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रांची : मलूटी मंदिर पर लिखी गयी पुस्तक “BEYOND COMPARISION मलूटी” का हुआ विमोचन

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2018 5:19 PM
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रांची। झारखंड के 18 वे स्थापना दिवस के अवसर पर राजस्व निबंधन भूमि सुधार पर्यटन कला संस्कृति खेल कूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री अमर कुमार बाउरी ने मलूटी मंदिर पर लिखी गयी एक पुस्तक “BEYOND COMPARISION मलूटी” का विमोचन किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि मलूटी झारखंड की ऐतिहासिक धरोहर में से एक है। मुख्यमंत्री रघुवर दास के दिशा निर्देश पर वर्ष 2015 से यहां के मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है और इस ऐतिहासिक धरोहर की बचने की पहल की जा रही है।

उन्होंने बताया कि पूर्व में मलूटी पर कई पुस्तकें लिखी गयी है लेकिन उन पुस्तकों में गहन शोध नही किया गया। उन्होंने बताया कि मलूटी में 108 टेराकोटा की मंदिर है। लेकिन वक़्त के साथ और देख रेख के आभाव में इसका अस्तित्व मिटता जा रहा था। लेकिन अब यहां के मंदिरों को आकार मिलना शुरू हो गया है। उन्होंने इस पुस्तक के लिए लेखक सोमनाथ आर्य को धन्यवाद दिया।

पुस्तक विमोचन के मौके पर BEYOND COMPARISION मलूटी के लेखक सोमनाथ आर्य ने बताया कि उनका मलूटी मंदिर के तरफ स्कूल के दिनों से ही विशेष रुझान रहा है और जब मौका मिला तो इस पर पुस्तक लिखने का सौभाग्य मिला है।

उन्होंने बताया कि पुस्तक लिखने से पहले इस पर विशेष शोध किया गया। आईआईटी मुम्बई के सिद्धांत एनआईएफटी चिन्नई के डिज़ाइनर राकेश रंजन और प्रकाशक लक्ष्मी शास्त्री, शोधकर्ता प्रतीक प्रकाश के सहयोग से इस पुस्तक को तैयार किया गया है।

उन्होंने स्थानीय जानकार गोपाल दास मुखर्जी को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार ने मलूटी को नया रूप दिया है। अब यह मंदिर देश दुनिया के साथ विश्व मानचित्र पर भी अपना विशेष पहचान बनाएगा।

कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री अमर कुमार बाउरी, मंत्री के आप्त सचिव सुशान्तो मुखर्जी, मंत्री के ओएसडी अवध कुमार, लेखक सोमनाथ आर्या, प्रकाशक लक्ष्मी शास्त्री सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे।

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रांची : राजकीय कार्यक्रम में हंगामा करने पर 216 पारा शिक्षक बर्खास्त

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2018 7:20 PM
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600 अन्य की बर्खास्तगी को लेकर कार्रवाई, गिरफ्तार कर पारा शिक्षकों को कैंप जेल में रखा गया

रांची। झारखंड राज्य स्थापना दिवस के दिन पूरे राज्य भर से राजधानी रांची में आए पारा शिक्षकों ने सरकारी कार्यक्रम को बाधा पहुंचाने की कोशिश की। साथ ही विधि व्यवस्था को अपने हाथ में लेकर पत्थरबाजी भी की।

विधि व्यवस्था में लगे  पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षक, सिटी पुलिस अधीक्षक  एवम् ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारियों पर  पारा शिक्षकों  ने  हमला किया जिससे कई पुलिसकर्मी और  पदाधिकारी गंभीर रूप से जख्मी हुए।

पारा शिक्षकों द्वारा सरकारी कार्यक्रम में व्यवधान डालने, विधि व्यवस्था को तोड़ने एवम् सरकारी लोगो पर हमला करने की घटना को बेहद अशोभनीय एवम् गंभीर रूप से लेते हुए  वीडियो रिकॉर्डिंग एवम् कार्यक्रम स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरा से  लिए फुटेज एवम् अन्य प्रमाणों के आधार पर  16 प्रखंड के कुल 216 पर शिक्षकों को बर्खास्त किया गया।

साथ ही लगभग 600 पारा शिक्षकों को जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई खेलगांव एवम् रेड क्रॉस अस्थायी जेल में गिरफ़्तार कर रखा गया है। जिन पर सीसीटीवी कैमरा एवम्  वीडियो रिकॉर्डिंग से मिले प्रमाण के आधार पर बर्खास्त करने की कारवाई चल रही है।

अन्य जिलों के जिलाधिकारियों को भी यहां शामिल पारा शिक्षकों की सूची भेजी जा रही है जिसके आधार पर  चिन्हित कर अनुशासनात्मक कारवाई की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।  स्थापना दिवस एक राजकीय दिवस है जी सम्पूर्ण राजवसियो के लिए सम्मान एवम् गौरव  का दिन है।

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रांची : झारखंड स्थापना दिवस- संपूर्ण झारखंड खुले में शौच मुक्त घोषित, करीब 2100 को मिला नियुक्ति पत्र

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2018 7:02 PM
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रांची। झारखंड राज्य स्थापना दिवस मना रहा है। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ने संपूर्ण झारखंड को खुले में शौच से मुक्त किये जाने की घोषणा की। समारोह में राज्य के तीन जिलों देवघर, हजारीबाग और लोहरदगा को पूर्ण विद्युतीकृत किये जाने की घोषणा की गयी।

इस मौके पर अरबों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन के साथ ही परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। समारोह में करीब 2100 लोगों को नियुक्ति पत्र का भी वितरण किया गया।

झारखंड स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य की जनता को कई सौगात दी। रांची में आयोजित मुख्य समारोह में उन्होंने राज्य को खुले में शौच से मुक्त किये जाने की घोषणा की।  उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर लोगों की आदतों में भी अब बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने हर घर तक बिजली पहुंचाने के अपने वायदों को पूरा करते हुए राज्य के तीन जिलों देवघर, लोहरदगा और हजारीबाग को पूर्ण रूप से विद्युतीकृत होने का भी ऐलान किया। इस दौरान श्री दास ने कहा कि वर्तमान सरकार  पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से काम कर रही  है और अब तक इस पर एक भी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे है।

इस दौरान राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश के विकास में झारखंड का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि जनता को चुनी हुई सरकार से आकांक्षाएं होती है , जिसे पूरा करने में सरकार लगी है।

समारोह के दौरान अरबों रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया और कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन भी हुआ। करीब 2100 लोगों के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण और झारखंड और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। जिला मुख्यालयों में भी परिसंपत्तियों का वितरण हुआ।

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