चाईबासा : टाटा डीएमयू को गुवा से रवाना करने पर बनी सहमति

NewsCode Jharkhand | 11 October, 2017 9:31 AM

चाईबासा : टाटा डीएमयू को गुवा से रवाना करने पर बनी सहमति

चाईबासा। टाटा डीएमयू को गुवा से रात्रि ढाई से तीन बजे के बीच टाटा के लिए रवाना करने पर सहमति बन गई है। चाईबासा चेम्बर के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने अध्यक्ष नितिन प्रकाश के नेतृत्व में चक्रधरपुर डिवीजन के रेल प्रबंधक छत्रशाल सिंह से भेट कर उन्हें कोल्हान-लोहांचल रेल खण्ड से संबंधित एक 16 सुत्री मांगपत्र सौंप कर खरसावां-चाईबासा-क्योंकर रेलखंड में और यात्री गडि़यां चलाने की मांग की।

चाईबासा चेम्बर का कहा कि पूरे देशभर में सबसे ज्यादा राजस्व देने के बावजूद भी रेलमंत्रालय इस क्षेत्र की लगातार उपेक्षा कर रहा है। काफी विचार विमर्श के बाद रेलवे ने चेम्बर के इस प्रस्ताव पर सहमति जताई कि गुवा-टाटा डीएमयू को यदि गुवा से रात्रि ढाई से तीन बजे टाटा के लिए रवाना किया जाये तो कोलहान-लोहांचल के हजारों रेलयात्री टाटा नगर से सुबह खुलने व गुजरने वाली आधे दर्जन से ज्यादा ट्रेनों का लाभ उठा सकते है। इससे रेलयात्रियों को तो सुविधा मिलेगी ही रेलवे को भी राजस्व में भारी वृद्धि होगी।

चेम्बर द्वारा जनशताब्दी में 12:30 के बाद टिकट नहीं मिलने का भी मामला उठाया गया, जिस पर डीआरएम ने अविलंब सुधार का आश्वासन दिया। चेम्बर द्वारा चाईबासा में पूर्व की तरह ही गुडस यार्ड की मांग करने पर इस बात पर सहमति बनी की चाईबासा के बजाय यदि गुडस यार्ड पाण्ड्राशली रेलवे स्टेशन पर बनाया जाये तो क्षेत्र के व्यवसायियों को ज्यादा फायदा होगा।

बैठक में डीआरएम के साथ-साथ सिनियर डीसीएम भास्कर तथा सिनियर डीओएम सत्यम प्रकाश भी उपस्थित थे। चेम्बर के प्रतिनिधि मंडल में संस्थापक अनुप सुलतानियां, पूर्व अध्यक्ष ललित शर्मा, सचिव मधुसुदन अग्रवाल, उपाध्यक्ष दिलीप खण्डेलवाल, कोषाध्यक्ष विकास गोयल, कार्यकारिणी सदस्य वकिल खान, नितिन अग्रवाल एवं अनुराग प्रसाद शामिल थे।

जमशेदपुर : दिव्यांगों को सशक्त बनाने की ओर एक कदम, सरयू राय ने बांटा ई रिक्शा

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:59 PM

जमशेदपुर : दिव्यांगों को सशक्त बनाने की ओर एक कदम, सरयू राय ने बांटा ई रिक्शा

जमशेदपुर।  जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति द्वारा दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ई-रिक्शा दिया जा रहा है। इसी क्रम में जेएनएसी द्वारा बुधवार को तीन दिव्यांगों के बीच ई रिक्शा का वितरण किया गया।

इस दौरान मुख्य रूप से मौजूद मंत्री सरयू राय ने इन दिव्यांगों को ई-रिक्शा की चाबी और गाड़ी के कागजात सौंपे। मौके पर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के विशेष पदाधिकारी, कर्मचारी और लाभुक के परिवार जन मौजूद रहे। ई रिक्शा पाकर दिव्यांग लाभुकों के चेहरे पर ख़ुशी देखी गयी।

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बता दें की नगर विकास विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को ये रिक्शा दिए जा रहा है। फिलहाल 50 बीपीएल नागरिकों को यह रिक्शे दिए जाने है और ई रिक्शा की दस प्रतिशत राशि खरीदने वाले को खर्च करना पड़ेगा। वहीं खरीददार को रजिस्ट्रेशन, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा आदि का शुल्क भी देना होगा।

इस मौके पर मौजूद मंत्री सरयू राय ने कहा कि ई रिक्शा के संचालन से प्रदूषण भी कम होगा और जरुरतमंदों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू हो चुकी है जो एक सुखद पहल है। वहीँ ई रिक्शा पाकर लाभुक भी काफी खुश नजर आए।

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देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:56 PM

देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

फिल्ट्रेशन से शिवगंगा का पानी 70 फीसदी हुआ साफ

देवघर। देवघर देव की  नगरिया है और यहां सालों भर आस्था का संगम देखने को मिलता है। देवघर का पवित्र शिवगंगा आस्था का केंद्र के साथ-साथ लोगों के जल का मुख्य स्रोत भी है। भक्त यहीं स्नान कर बाबा भोले को जल चढ़ाने के लिए जाते हैं, लेकिन रखरखाव और पानी को शुद्ध करने में प्रशासन नाकाम रहे। जिसके वजह से यहां का पानी दूषित हो गया। कुछ ही सालों में यहां का जल अशुद्ध हो गया, साथ ही पानी में कई तरह के कीटाणु भी पनपने लगे हैं।

रघुवर सरकार ने सबसे पहले शिवगंगा को शुद्ध करने के लिए फिल्ट्रेशन प्लांट को मंजूरी दी और अब यह फिल्ट्रेशन प्लांट काम भी करने लगा है। पिछले 6 महीनों से यह फिल्ट्रेशन प्लांट दिन-रात पानी को शुद्ध करने में लगा है और आज हालात ऐसे हैं कि शिवगंगा का 70 फीसदी जल शुद्ध हो चुका है।

आस्था की डुबकी शुद्ध जल में लगाएंगे श्रद्धालु

अधिकारी बताते हैं कि सावन आते-आते शिवगंगा का पानी 90 फीसदी से ज्यादा शुद्ध हो जाएगा। इस बार के श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालु आस्था की डुबकी शुद्ध जल में लगाएंगे। इतना ही  जानकार बताते हैं कि अगर इसी गति से पानी शुद्ध होता रहा तो सरोवर का जल पीने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

बाबा भोलेनाथ की नगरी जहां पर सुल्तानगंज से जल लेकर श्रद्धालु बाबा भोले के शिवलिंग पर जल अर्पण करते हैं। जो भक्त सुल्तानगंज से नहीं आते वह इसी पवित्र शिवगंगा में डुबकी लगाकर यहां का जल बाबा भोले को चढ़ाते हैं, लेकिन रखरखाव और सही नीति नहीं रहने के कारण जल दूषित हो गया।

छह महीनों से जल की हो रही सफाई

देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

 

आगामी श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। इस बार सरोवर में स्वच्छ जल से स्नान कर सकेंगे। नगर आयुक्त संजय कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 6 महीनों से लगातार शिवगंगा के जल को साफ करने की प्रक्रिया जारी है। फिल्ट्रेशन प्लांट 24 घंटे काम कर रहा है और 70 फीसदी से ज्यादा पानी साफ हो चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि 2018 के श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालु स्वच्छ जल में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

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पहले से काफी बदलाव आया : स्‍थानीय

देवघर के स्थानीय लोग भी मानते हैं कि पहले और अभी की स्थिति में काफी बदलाव आया है। पहले इसका जल शुद्ध नहीं था और लोग इसमें स्नान करने से कतराते थे। साथ ही इसका जल बदबू भी देने लगा था जिससे कई तरह के चर्म रोग होने लगे थे। फिल्ट्रेशन प्लांट के काम करने के बाद अब जल के स्तर और इसकी शुद्धता में काफी परिवर्तन आया है और अब भक्त इसमें निसंकोच स्नान कर सकते हैं।

वहीं फिल्ट्रेशन प्लांट में काम कर रहे कर्मी का कहना है कि 70 फीसदी से ज्यादा जल शुद्ध हो चुका है और सावन के मेले के समय 90 फीसदी से ज्यादा जल शुद्ध हो जाएगा। शिवगंगा का जल शुद्ध करने में 8 कर्मचारी दिन रात लगे हुए हैं।

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देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:43 PM

देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

देवघर फिल्म निर्माण के लिए अच्छा लोकेशन

देवघर। रघुवर सरकार के झारखंड में फिल्म नीति की घोषणा और फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी दिए जाने की पहल के बाद झारखंड में जहां निर्माता-निर्देशकों का फिल्म बनाने के प्रति रुझान बढ़ा है। वहीं देव नगरी देवघर में भी फिल्मों के प्रति निर्माता-निर्देशकों का आकर्षण बढ़ने लगा है।

मनोरम प्राकृतिक छटाओं के बीच स्थित देवघर फिल्म निर्माताओं के अच्छे लोकेशन के लिए एक बेहतर जगह मानी जा रही है देवघर की बात करें तो यहां आधे दर्जन से ज्यादा सिनेमा हॉल थे लेकिन फिल्म नीति की घोषणा नहीं होने और महंगी फिल्मों के कारण लगातार एक के बाद एक सिनेमा हॉल बंद होते गए और आज स्थिति यह है कि देवघर में महज 2 सिनेमा घर ही चल रहे हैं।

जबकि फिल्म नीति की घोषणा होने के बाद ट्रेंड बदला और देवघर में रिलैक्स जैसे मल्टीप्लैक्स खुलने लगे हैं। रघुवर सरकार की फिल्म नीति की घोषणा और सब्सिडी के बाद देवघर फिल्म निर्माताओं के लिए सबसे सस्ती और मनोरम जगह साबित हो रही है, जिसके कारण निर्माता देवघर में भी फिल्में बना रहे हैं।

देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

1999 और 2000 के सालों में सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ लगा करती थी। शो समाप्त होने के बाद सड़कों पर लोगों की भीड़ देखकर लोग अंदाजा लगा लेते थे कि शायद किसी सिनेमा हॉल का कोई शो खत्म हुआ है।

आज हालात यह है कि पिछले 14 सालों में एक के बाद एक सिनेमा हॉल बंद होते गए और आज यह खंडहर में तब्दील हो गए है, लेकिन रघुवर सरकार बनने के बाद फिल्म नीति की घोषणा हुई और निर्माताओं को फिल्म बनाने के लिए सुविधाएं प्रदान की जाने लगी। साथ ही इन्हें सब्सिडी भी दी जाने लगी जिसके बाद निर्माता-निर्देशकों की पहली पसंद है।

झारखंड फिल्म एडवाइजरी कमेटी की सदस्य पायल कश्यप जो झारखंड की पहली महिला निर्देशिका हैं, उनका कहना है कि रघुवर सरकार के फिल्म नीति के बाद बॉलीवुड का रुझान भी झारखंड की तरफ बढ़ा है। देवघर एक पर्यटक स्थल भी है और इसकी पहचान भारतवर्ष में है। ऐसे में यहां के मनोरम दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं लिहाजा आज यहां लगातार दो फिल्मों की शूटिंग होने जा रही है, जिसका मुहूर्त भी हो चुका है और वह समय दूर नहीं जब देवघर बॉलीवुड की पहली पसंद बनेगी।

संथाल परगना का पहला मल्टीप्लैक्स OLX

देवघर के खंडहर में तब्दील हो चुके यह सिनेमाघर के दिन फिर से वापस आने वाले हैं जिसकी शुरुआत मल्टीप्लेक्स खोले जाने से शुरू हो चुकी है। आज देवघर में संथाल परगना का पहला मल्टीप्लैक्स OLX खुल चुका है।

वहीं दूसरी तरफ कई सिनेमाघर मालिक भी अपने सिनेमाघरों को फिर से शुरू करने की कवायद शुरू कर चुके हैं। श्रम मंत्री राज पलिवार ने कहा कि रघुवर सरकार के फिल्म नीति लागू किए जाने के बाद फिल्मों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है और सिनेमाघरों के पुराने दिन फिर से वापस आने वाले हैं

देवघर में फिल्मों के निर्माण होने से स्थानीय कलाकार उत्साहित

देवघर में फिल्मों के निर्माण होने से ना सिर्फ निर्माता-निर्देशक उत्साहित है बल्कि यहां के स्थानीय कलाकार भी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड के कई कलाकार यहां अपना मुहूर्त कर रहे हैं।  ऐसे में भोजपुरी फिल्मों का क्रेज और फिल्मों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है।

कलाकार भी कहते हैं कि उनकी हैसियत नहीं है कि वह मुंबई जैसे शहरों में जाकर स्ट्रगल करें। ऐसे में देवघर में ही उन्हें मौका मिल रहा है जबकि लेडी सिंघम जैसे फिल्मों के निर्देशक कहते हैं कि देवघर का लोकेशन बहुत अच्छा है और लोगों को काफी पसंद भी आ रहा है।

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वही बॉलीवुड की अदाकारा ऐश्वर्या भी कहती है कि इन्हें देवघर आकर अच्छा लगा और यहां के लोकेशन और लोगों का व्यवहार भी इतना पसंद आया कि यह बार-बार यहां फिल्म शूटिंग के लिए आना चाहते हैं

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