2018 हुंडई क्रेटा Vs रेनो कैप्चर, जानिए कौन सी कार है बेहतर

NewsCode | 7 July, 2018 5:50 PM
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भारतीय ग्राहकों का रूझान इन दिनों कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में हुंडई क्रेटा सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है। इसका मुकाबला रेनो कैप्चर से है। यहां हमने कद-काठी और केबिन स्पेस के मोर्चे पर दोनों कारों की तुलना की है, तो क्या रहे इस तुलना के नतीजे जानेंगे यहां…

कद-काठी

Hyundai Creta Vs Renault Captur

फ्रंट

Hyundai Creta Renault Captur
हुंडई क्रेटा रेनो कैप्चर
फ्रंट हैडरूम 920 एमएम – 980 एमएम 940 एमएम – 990 एमएम
फ्रंट लैगरूम 925 एमएम – 1120 एमएम 945 एमएम – 1085 एमएम
फ्रंट नी रूम 610 एमएम – 840 एमएम 540 एमएम – 730 एमएम
सीट बेस (लंबाई) 595 एमएम 490 एमएम
सीट बेस (चौड़ाई) 505 एमएम 505 एमएम

रियर

Hyundai Creta Renault Captur
हुंडई क्रेटा रेनो कैप्चर
केबिन चौड़ाई 1400 एमएम 1355 एमएम
हैडरूम 980 एमएम 945 एमएम
शोल्डर रूम 1250 एमएम 1280 एमएम
नी रूम 615 एमएम – 920 एमएम 640 एमएम – 850 एमएम
सीट बेस (लंबाई) 450 एमएम 460 एमएम
सीट बेस (चौड़ाई) 1260 एमएम 1245 एमएम
सीट बेस (ऊंचाई) 640 एमएम 590 एमएम
बूट स्पेस 402 लीटर 392 लीटर

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पितृ पक्ष 2018: श्राद्ध क्रिया में इन खास बातों का रखें ख्याल

NewsCode | 23 September, 2018 5:27 PM
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हिंदू कर्मकांड में श्रद्धा और मंत्र के मेल से पूर्वपुरुषों (पितरों) की आत्मा की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे श्राद्ध कहते हैं। हमारे जिन सगे-संबंधियों का देहांत हो गया है, वे पितृलोक में या यत्र-तत्र विचरण करते हैं, उनके लिए पिंडदान किया जाता है। बच्चों एवं संन्यासियों के लिए पिंडदान नहीं किया जाता। गणेश विसर्जन और अनंत चतुर्दशी के बाद शुरू होते हैं श्राद्ध। हर साल श्राद्ध भाद्रपद शुक्लपक्ष पूर्णिमा से शुरू होकर अश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या तक चलते हैं।

अगर पंडित से श्राद्ध नहीं करा पाते तो सूर्य नारायण के आगे अपने दोनों हाथ ऊपर करके ये बोलें : “हे सूर्य नारायण ! मेरे पिता (नाम), अमुक (नाम) का बेटा, अमुक जाति (नाम), (अगर जाति, कुल, गोत्र नहीं याद तो ब्रह्म गोत्र बोल दें) को आप संतुष्ट/सुखी रखें। इस निमित्त मैं आपको अर्घ्य व भोजन करता हूं।” इसके पश्चात् आप भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और भोग लगायें।

 इन बातों का रखें खास ख्याल –

– श्राद्ध में कपड़े और अनाज दान करना ना भूलें। इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

– बताया जाता है कि श्राद्ध दोपहर उपरांत ही किया जाना चाहिए। जानकारों के अनुसार जब सूर्य की छाया पैरों पर पड़ने लगे तो श्राद्ध का समय हो जाता है। दोपहर या सुबह में किये गए श्राद्ध का कोई मतलब नहीं होता है।

– जिस दिन श्राद्ध करना हो उससे एक दिन पूर्व ही उत्तम ब्राह्मणों को निमंत्रण दे दें। परंतु श्राद्ध के दिन कोई अनिमंत्रित तपस्वी ब्राह्मण घर पर पधारें तो उन्हें भी भोजन कराना चाहिए।  ब्राह्मण भोज के वक्त खाना दोनों हाथों से परोसें, एक हाथ से खाने को पकड़ना अशुभ माना जाता है।

– श्राद्ध के दिन घर में सात्विक भोजन ही बनना चाहिए। इस दिन खाने में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल  नहीं होना चाहिए। गौर करने वाली बात यह भी है कि पितरों को जमीन के नीचे पैदा होने वाली सब्जियां नहीं चढ़ाई जाती हैं। इनमें अरबी, आलू, मूली, बैंगन और अन्य कई सब्जियों शामिल हैं।

– पूरे विधान में मंत्र का बड़ा महत्व है। श्राद्धकर्म में आपके द्वारा दी गयी वस्तु कितनी भी बेशकीमती क्यों न हो, आपके द्वारा यदि मंत्र का उच्चारण ठीक न हो तो काम व्यर्थ हो जाता है। मंत्रोच्चारण शुद्ध होना चाहिए और जिसके निमित्त श्राद्ध करते हों उसके नाम का उच्चारण भी शुद्ध करना चाहिए।

– श्राद्ध के दिन अपने पितरों के नाम से ज्यादा से ज्यादा गरीबों को दान करें।

– पिंडदान करते वक्त जनेऊ हमेशा दाएं कंधे पर रखें।

 पिंडदान करते वक्त तुलसी जरूर रखें।

– कभी भी स्टील के पात्र से पिंडदान ना करें, बल्कि कांसे या तांबे या फिर चांदी की पत्तल इस्तेमाल करें।

– पिंडदान हमेशा दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके ही करें।

– पिता का श्राद्ध बेटा ही करे या फिर बहू करे। पोते या पोतियों से पिंडदान ना कराएं।

– श्राद्ध करने वाला व्यक्ति श्राद्ध के 16 दिनों में मन को शांत रखें।

– श्राद्ध हमेशा अपने घर या फिर सार्वजनिक भूमि पर ही करे। किसी और के घर पर श्राद्ध ना करें।


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सरिया : दिल्ली में आंदोलन को लेकर डीलरों का दल हुआ रवाना

NewsCode Jharkhand | 23 September, 2018 6:19 PM
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10 सूत्री मांगों को लेकर दिल्ली में होगा जेल भरो आंदोलन

सरिया(गिरिडीह)। ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन झारखंड इकाई के बैनर तले सरिया के दर्जनों डीलर जेल भरो अभियान को लेकर रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए।

इस बाबत सरिया प्रखंड डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप कुमार व सचिव रामसेवक सिंह ने बताया कि पीडीएस डीलर जिस प्रकार जनता की सेवा कर रहे हैं,  उस अनुकूल सरकार उन्हें सुविधा उपलब्ध नहीं करा रही है।

इस कारण उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।  इसको लेकर ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन अपनी 10 सूत्री मांगों के समर्थन में दिल्ली में आगामी 25 सितंबर को जेल भरो अभियान करेगी।

इन मांगो को लेकर आंदोलन

मांगों में तेल में डीबीटी समाप्त किया जाए, जिससे गरीबों को सस्ता में तेल मिले। सभी जरूरमन्दों को राशन का लाभ मिले। नई दुकानों की बहाली बंद हो। राशन डीलर्स को प्रति क्विंटल ₹250 कमीशन मिले। पीडीएस डीलर्स को 30 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी प्रतिमाह दी जाए आदि शामिल हैं।

ये हुए रवाना

दिल्ली जाने वालों में रामसेवक सिंह, अनूप कुमार तर्वे, शिबी मोदी, मिंटू जैन, पंकज रजक, महादेव यादव, रामदेव राम, समसुद्दीन अंसारी, रामेश्वर प्रसाद, जय प्रकाश यादव समेत अन्य डीलर शामिल हैं।

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गिरिडीह :  प्रधानमंत्री ने अपनी बहनों को भेजा तोहफा, राखी के बदले आया स्मार पत्र

NewsCode Jharkhand | 23 September, 2018 6:08 PM
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गिरिडीह।  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गिरिडीह की दो बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा भेजा है।  मोहलीचुआ की रहने वाली रामबाबू साहू की पुत्री सेजल कुमारी और चाहत कुमारी ने प्रधानमंत्री को राखी भेजी थी।

राखी मिलने के बाद पीएमओ से इन दोनों बहनों के लिए स्मार पत्र आया है। बताया गया कि पिछले साल भी इन दोनों बहनों ने प्रधानमंत्री को राखी भेजी थी और पिछले साल भी उन्हें स्मार पत्र मिला था।

इस बार भी स्मार पत्र मिलने से दोनों बहनें बेहद खुश हैं। इनका कहना है कि प्रधानमंत्री सहृदय व्यक्ति हैं और उन्होंने दिल से राखी स्वीकार की। इसी वजह से वहां से प्रमाण पत्र भेजा गया है।

स्मार पत्र मिलने से परिवार  के  सदस्य भी हर्षित हैं। बताया गया कि ये दोनों बहनें हर साल देश के सैनिकों को भी राखी भेजती हैं ताकि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों की कलाईयाँ सूनी न रह जाए।

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