एक अगस्त से महंगी होंगी होंडा की कारें, जानें कितनी बढ़ेगी कीमत

NewsCode | 10 July, 2018 2:10 PM
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होंडा ने अपनी सभी कारों की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद होंडा की कारें दस हजार रूपए से लेकर 35,000 रूपए तक महंगी हो जायेंगी। बढ़ी हुई कीमतें एक अगस्त 2018 से लागू होंगी।

कंपनी के अनुसार कच्चे माल की लागत, किराया और कस्टम ड्यूटी बढ़ने की वजह से कारों दाम बढ़ाए जा रहे हैं। कंपनी के इस फैसले के बाद होंडा की सभी कारें महंगी होंगी। इस लिस्ट में होंडा की हाल ही में आई 2018 अमेज़ समेत ब्रियोजैज़डब्ल्यूआर-वीसिटीबीआर-वीसीआर-वी और अकॉर्ड शामिल हैं।

होंडा से पहले पिछले महिने हुंडई मोटर्स ने भी कारों के दाम बढ़ाये थे। हुंडई के इस फैसले के बाद कंपनी की लोकप्रिय पेशकश क्रेटा दो फीसदी तक महंगी हो गई थी।

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पितृ पक्ष 2018: श्राद्ध क्रिया में इन खास बातों का रखें ख्याल

NewsCode | 23 September, 2018 5:27 PM
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हिंदू कर्मकांड में श्रद्धा और मंत्र के मेल से पूर्वपुरुषों (पितरों) की आत्मा की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे श्राद्ध कहते हैं। हमारे जिन सगे-संबंधियों का देहांत हो गया है, वे पितृलोक में या यत्र-तत्र विचरण करते हैं, उनके लिए पिंडदान किया जाता है। बच्चों एवं संन्यासियों के लिए पिंडदान नहीं किया जाता। गणेश विसर्जन और अनंत चतुर्दशी के बाद शुरू होते हैं श्राद्ध। हर साल श्राद्ध भाद्रपद शुक्लपक्ष पूर्णिमा से शुरू होकर अश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या तक चलते हैं।

अगर पंडित से श्राद्ध नहीं करा पाते तो सूर्य नारायण के आगे अपने दोनों हाथ ऊपर करके ये बोलें : “हे सूर्य नारायण ! मेरे पिता (नाम), अमुक (नाम) का बेटा, अमुक जाति (नाम), (अगर जाति, कुल, गोत्र नहीं याद तो ब्रह्म गोत्र बोल दें) को आप संतुष्ट/सुखी रखें। इस निमित्त मैं आपको अर्घ्य व भोजन करता हूं।” इसके पश्चात् आप भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और भोग लगायें।

 इन बातों का रखें खास ख्याल –

– श्राद्ध में कपड़े और अनाज दान करना ना भूलें। इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

– बताया जाता है कि श्राद्ध दोपहर उपरांत ही किया जाना चाहिए। जानकारों के अनुसार जब सूर्य की छाया पैरों पर पड़ने लगे तो श्राद्ध का समय हो जाता है। दोपहर या सुबह में किये गए श्राद्ध का कोई मतलब नहीं होता है।

– जिस दिन श्राद्ध करना हो उससे एक दिन पूर्व ही उत्तम ब्राह्मणों को निमंत्रण दे दें। परंतु श्राद्ध के दिन कोई अनिमंत्रित तपस्वी ब्राह्मण घर पर पधारें तो उन्हें भी भोजन कराना चाहिए।  ब्राह्मण भोज के वक्त खाना दोनों हाथों से परोसें, एक हाथ से खाने को पकड़ना अशुभ माना जाता है।

– श्राद्ध के दिन घर में सात्विक भोजन ही बनना चाहिए। इस दिन खाने में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल  नहीं होना चाहिए। गौर करने वाली बात यह भी है कि पितरों को जमीन के नीचे पैदा होने वाली सब्जियां नहीं चढ़ाई जाती हैं। इनमें अरबी, आलू, मूली, बैंगन और अन्य कई सब्जियों शामिल हैं।

– पूरे विधान में मंत्र का बड़ा महत्व है। श्राद्धकर्म में आपके द्वारा दी गयी वस्तु कितनी भी बेशकीमती क्यों न हो, आपके द्वारा यदि मंत्र का उच्चारण ठीक न हो तो काम व्यर्थ हो जाता है। मंत्रोच्चारण शुद्ध होना चाहिए और जिसके निमित्त श्राद्ध करते हों उसके नाम का उच्चारण भी शुद्ध करना चाहिए।

– श्राद्ध के दिन अपने पितरों के नाम से ज्यादा से ज्यादा गरीबों को दान करें।

– पिंडदान करते वक्त जनेऊ हमेशा दाएं कंधे पर रखें।

 पिंडदान करते वक्त तुलसी जरूर रखें।

– कभी भी स्टील के पात्र से पिंडदान ना करें, बल्कि कांसे या तांबे या फिर चांदी की पत्तल इस्तेमाल करें।

– पिंडदान हमेशा दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके ही करें।

– पिता का श्राद्ध बेटा ही करे या फिर बहू करे। पोते या पोतियों से पिंडदान ना कराएं।

– श्राद्ध करने वाला व्यक्ति श्राद्ध के 16 दिनों में मन को शांत रखें।

– श्राद्ध हमेशा अपने घर या फिर सार्वजनिक भूमि पर ही करे। किसी और के घर पर श्राद्ध ना करें।


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बाघमारा : कार्यकर्ता सम्‍मेलन कर पार्टी में जान फूंकने की तैयारी में कांग्रेस

NewsCode Jharkhand | 24 September, 2018 7:45 AM
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बाघमारा। बीसीसीएल के  सामुदायिक भवन डुमरा में कांग्रेस पार्टी द्वारा को बाघमारा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस सह इंटक कार्यकर्ताओ का एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के दौरान पार्टी की मजबूती,कार्यकर्ताओं में जागरुकता, कोयला क्षेत्र से जुड़े मजदूरों का उत्थान आदि पर विचार प्रकट किया गया।

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सम्मेलन में मुख्य रुप से उपस्थित पूर्व विधायक ओपी लाल ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। सरकार द्वारा आम  जनता को ठगने का पुरा तैयारी  के लिए  स्टार्टप इंडिया, डिजिटल इंडिया, नोटबंदी, जन धन योजना,  बुलेटट्रेन, फसल बीमा सहित अन्य योजनाएं फेल हो गयी है।

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शौचालय की आड़ में करोड़ों रुपये खर्च किये गए लेकिन वह योजना भी पानी के अभाव में बेकार साबित हो रही है। स्वर्गीय राजीव गांधी के द्वारा लाया गया  बोफोर्स तोप को लेकर विपक्ष ने जमकर हैय तौबा मचाया गया। लेकिन युद्ध के दौरान सौनिकों के द्वारा फायर करने पर उसका विशेषता का गुणगान कर राजीव गांधी का नाम  अपने-आप आने लगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेत्री रेखा देवी द्वारा जिस प्रकार अथक मेहनत कर इस सम्मेलन में भीड़ जुटाने का काम की है उससे प्रतीत होता है कि अब बाघमारा की जनता  परिवर्तन की जरूरत महसूस कर रही है। फिर से कांग्रेस का झंडा बुलंद होने का आगाज  हो गया है ।

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सम्मेलन की अध्यक्षता कर रही जीप सदस्य रेखा देवी ने कहा कि बाघमारा के साथ-साथ राज्य तथा देश की जनता जिस प्रकार कांग्रेस की राज में सुख चैन से रहती थी। उसे भाजपा द्वारा छिनने का काम किया गया। जिस उम्मीद से जनता द्वारा भाजपा को सत्ता में लाने का काम किया गया।

भाजपा द्वारा ठीक उसके विपरीत काम किया जा रहा है। महंगाई, बेरोजगारी, भुखमरी, महिला उत्पीड़न जैसे समस्याओं से जूझने का काम हो रहा है। कोल इंडिया में कार्य करने वाले मजदूर भाइयों के प्रति भी भाजपा सरकार द्वारा बेईमानी करने का काम किया जा रहा है। जिसका कारण है कि मजदूरों को मिलने वाली सुविधा में कटौती हो रही है।

कार्यक्रम पूर्व मंत्री ओ पी लाल, जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, ऐके झा, रामपिरित यादव, रवी चौबे, लगनदेव यादव, इन्द्र यादव, संतोष दास, धनेश्वर ठाकुर सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे ।

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गुमला : 18 हाथियों ने मचाया कोहराम, एक की मौत

NewsCode Jharkhand | 24 September, 2018 7:28 AM
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गुमला। भरनो प्रखंड के अमलीया पंचायत अंतर्गत रायकेरा बांधडिपा गांव निवासी रसीद अंसारी की मौत रविवार की रात्रि 8 बजे जगंली हाथियों के हमले से हो गया। ज्ञात हो की पीछे दो दिनों से अमलीया जंगल में 18 जंगली हाथीयों का झुण्ड ने अपना डेरा जमाये हुए है।

इन हाथियों के झुंड में 4 हाथी के बच्चे भी शामिल हैं, हाथियों के आने से गांव के लोग भयभीत हैं और गांव के आसपास अफरा तरफी का माहौल पैदा हो गया है। जंगली हाथियों ने रायकेरा बांधडिपा गांव निवासी रसीद अंसारी को उसके घर के समीप ही हमला कर मार डाला है। इसकी सूचना वन विभाग के बांधडिपा गांव में वन विभाग के प्रति लोगो का आक्रोश फुटा है।

पिछले दो दिनों से ग्रामीणों के द्वारा वन विभाग के पदाधिकारियो को दूरभाष पर जंगली हाथियों के आने की सूचना दी गयी । परन्तु वन विभाग के पदाधिकारियो के द्वारा कोई भी पहल नही की,अंततः वन विभाग के इस लापरवाही से एक ग्रामीण की जान चली गयी। ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति काफी आक्रोश नजर आ रहा हैं। वहीं हाथियों ने बांधडिपा स्कुल के दो दरवाजा को भी छत्रिग्रस्त कर दिया है।

हाथियों के आ जाने से भय का माहौल बना हुआ है। 18 जंगली हाथियों  झुण्ड के धमक से अमलीया,रायकेरा,बांधडिपा,समसेरा,करंज टोली आसपास के कई गांवों के ग्रामीण हाथियों के दस्तक से काफी भयभीत हैं।और वन विभाग से हाथियों को भगाने की मांग की गयी है।

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