बुंडू : स्कूल में ग्रामीणों का हंगामा, प्रधान शिक्षक को बीइइओ ने किया पदमुक्त

NewsCode Jharkhand | 17 May, 2018 8:51 PM

बुंडू : स्कूल में ग्रामीणों का हंगामा, प्रधान शिक्षक को बीइइओ ने किया पदमुक्त

प्रधान शिक्षक पर मनमानी का आरोप

बुंडू (रांची)।  केंद्र सरकार और राज्य सरकार के तत्वधान में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गाँव के हर घर में शौचालय निर्माण कार्य कराये जा रहे है। वहीं शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले बुंडू के राजकीय उत्क्रमित मध्य विधालय बड़कोलमा का हाल बेहाल है। स्कूल के प्रधान शिक्षक राजकुमार मिंज की दबंगाई से विद्यार्थी और उनके अभिभावक पिड़ित और गुस्से में हैं।

गुरुवार को बड़कोलमा गाँव के सैकड़ों महिला-पुरुष स्कूल आ पहुँचे और प्रधान शिक्षक को स्कूल में पढ़ाने से मना कर दिया। ग्रामीणों के समर्थन में स्थानीय मुखिया भी मौजूद थे। स्कूल की माहौल बिगड़ते देख एरिया ऑफसर सह बुंडू बीइइओ रामप्रसाद महतो स्कूल पहुँचकर समस्या से अवगत हुए।

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ग्रामीणों ने जमकर किया हंगामा

ग्रामीणों ने कहा कि दो शौचालय खराब है गंदगियों का अंबार लगा हुआ है दोनों में दरवाजा भी नही है। एक शौचालय में ताला लटका हुआ रहता है। शौचालय का गढ़डा भी खोदा हुआ नही है और निर्माण किया गया है। विद्यार्थियों को कई महिने से अंडे भी नही मिल रही है। छात्रवृति राशि भी बच्चों को नही दी जा रही है। परित्याग प्रमाण पत्र में भी पैसे लेकर दिया जा रहा है। साईकिल वितरण से लेकर रसाईया तक की समस्या ग्रामीणों ने दी।

बीइइओ स्वयं स्कूल के कार्यालय की गंदगी देखकर भड़के। उन्होने तुरंत प्रधान शिक्षक राजकुमार मिंज पर कार्रवाई करते हुए पद से मुक्त कर दिया और सहायक शिक्षिका को कमान मिला।

59 हजार राशि की अवैध निकासी

विद्यालय प्रबंधक समिति के खाते से 59 हजार रुपये की अवैध निकासी का मामला भी सामने आया है। बीइइओ स्वयं इस मामले की इंक्यारी कर रहे हैं। स्कूल को मिले गैस सेलेण्डर का उपयोग नही होने पर बीइइओ उपयोग में लाने का आदेश दिया। वहीं पूर्व संजोजिका कल्पना देवी ने बतायी कि कई चेक में उन्हे हस्ताक्षर कराया गया और खाते से अवैध राशि की निकासी की गयी है।

शिक्षक राजकुमार मिंज को स्कूल से हटाने की माँग

स्कूल के शिक्षक राजकुमार मिंज को हटाने के लिए ग्रामीणों ने बीइइओ को लिखित आवेदन दिये है। ग्रामीणों ने शिक्षक पर आरोप लगाये है कि बच्चे और अभिभावकों से दुर्व्यवहार करते हैं, बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाली छात्रवृति व अन्य पर पैसे की माँग करते हैं, ग्रामीणों ने शिक्षक को नही हटाने पर उग्र अंदोलन करने की चेतावनी दिए है। बीइइओ ने इस पर कार्रवाई करने का आश्वासन ग्रामीणों को दिए है।

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देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:56 PM

देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

फिल्ट्रेशन से शिवगंगा का पानी 70 फीसदी हुआ साफ

देवघर। देवघर देव की  नगरिया है और यहां सालों भर आस्था का संगम देखने को मिलता है। देवघर का पवित्र शिवगंगा आस्था का केंद्र के साथ-साथ लोगों के जल का मुख्य स्रोत भी है। भक्त यहीं स्नान कर बाबा भोले को जल चढ़ाने के लिए जाते हैं, लेकिन रखरखाव और पानी को शुद्ध करने में प्रशासन नाकाम रहे। जिसके वजह से यहां का पानी दूषित हो गया। कुछ ही सालों में यहां का जल अशुद्ध हो गया, साथ ही पानी में कई तरह के कीटाणु भी पनपने लगे हैं।

रघुवर सरकार ने सबसे पहले शिवगंगा को शुद्ध करने के लिए फिल्ट्रेशन प्लांट को मंजूरी दी और अब यह फिल्ट्रेशन प्लांट काम भी करने लगा है। पिछले 6 महीनों से यह फिल्ट्रेशन प्लांट दिन-रात पानी को शुद्ध करने में लगा है और आज हालात ऐसे हैं कि शिवगंगा का 70 फीसदी जल शुद्ध हो चुका है।

आस्था की डुबकी शुद्ध जल में लगाएंगे श्रद्धालु

अधिकारी बताते हैं कि सावन आते-आते शिवगंगा का पानी 90 फीसदी से ज्यादा शुद्ध हो जाएगा। इस बार के श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालु आस्था की डुबकी शुद्ध जल में लगाएंगे। इतना ही  जानकार बताते हैं कि अगर इसी गति से पानी शुद्ध होता रहा तो सरोवर का जल पीने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

बाबा भोलेनाथ की नगरी जहां पर सुल्तानगंज से जल लेकर श्रद्धालु बाबा भोले के शिवलिंग पर जल अर्पण करते हैं। जो भक्त सुल्तानगंज से नहीं आते वह इसी पवित्र शिवगंगा में डुबकी लगाकर यहां का जल बाबा भोले को चढ़ाते हैं, लेकिन रखरखाव और सही नीति नहीं रहने के कारण जल दूषित हो गया।

छह महीनों से जल की हो रही सफाई

देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

 

आगामी श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। इस बार सरोवर में स्वच्छ जल से स्नान कर सकेंगे। नगर आयुक्त संजय कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 6 महीनों से लगातार शिवगंगा के जल को साफ करने की प्रक्रिया जारी है। फिल्ट्रेशन प्लांट 24 घंटे काम कर रहा है और 70 फीसदी से ज्यादा पानी साफ हो चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि 2018 के श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालु स्वच्छ जल में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

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पहले से काफी बदलाव आया : स्‍थानीय

देवघर के स्थानीय लोग भी मानते हैं कि पहले और अभी की स्थिति में काफी बदलाव आया है। पहले इसका जल शुद्ध नहीं था और लोग इसमें स्नान करने से कतराते थे। साथ ही इसका जल बदबू भी देने लगा था जिससे कई तरह के चर्म रोग होने लगे थे। फिल्ट्रेशन प्लांट के काम करने के बाद अब जल के स्तर और इसकी शुद्धता में काफी परिवर्तन आया है और अब भक्त इसमें निसंकोच स्नान कर सकते हैं।

वहीं फिल्ट्रेशन प्लांट में काम कर रहे कर्मी का कहना है कि 70 फीसदी से ज्यादा जल शुद्ध हो चुका है और सावन के मेले के समय 90 फीसदी से ज्यादा जल शुद्ध हो जाएगा। शिवगंगा का जल शुद्ध करने में 8 कर्मचारी दिन रात लगे हुए हैं।

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गोमिया : देश व झारखंड के गरीबों को बर्बाद कर देगी बीजेपी- बाबूलाल मरांडी

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:52 PM

गोमिया : देश व झारखंड के गरीबों को बर्बाद कर देगी बीजेपी- बाबूलाल मरांडी

गोमिया(बोकारो)। विधानसभा उपचुनाव में सभी पार्टियां अपनी जोर आजमाईश में जुटी है। वहीं जेएमएम उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे जेवीएम सुप्रीमो सह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने गरीबों को बचाने के लिये बीजेपी को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।

बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुये उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रदेश के साथ-साथ देश को बर्बाद कर देगी और गरीबों को उजाड़ देगी। बीजेपी के शासन काल में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा। बाबूलाल ने बताया कि विकास का मतलब सिर्फ बिजली, सड़क नहीं, गरीबों को भरपेट भोजन मिलना चाहिये।

 बीजेपी पर आरोप लगाते हुये उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2016 में 11 हजार विधवा महिलाओं को आवास देने की घोषणा की थी लेकिन सिर्फ 69 ही आवास बनकर तैयार हुआ, बाकी बना ही नहीं। यही नहीं योजना भी स्वीकृत नहीं है।

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25 मई को प्रधानंत्री के दौरे पर बाबूलाल ने चुटकी ली और जनता की ओर इशारा करते हुये उन्हें (पीएम को) याद दिलाने की बात कही कि एक साल पहले साहेबगंज में गंगा पुल का शिलान्यास किया गया था जो अब तक बनकर तैयार नहीं है, उसका क्या? प्रधानमंत्री को बाबूलाल ने झूठा करार देते हुये कहा कि जनता उनके झूठ को कितना झेलेगी।

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देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:43 PM

देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

देवघर फिल्म निर्माण के लिए अच्छा लोकेशन

देवघर। रघुवर सरकार के झारखंड में फिल्म नीति की घोषणा और फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी दिए जाने की पहल के बाद झारखंड में जहां निर्माता-निर्देशकों का फिल्म बनाने के प्रति रुझान बढ़ा है। वहीं देव नगरी देवघर में भी फिल्मों के प्रति निर्माता-निर्देशकों का आकर्षण बढ़ने लगा है।

मनोरम प्राकृतिक छटाओं के बीच स्थित देवघर फिल्म निर्माताओं के अच्छे लोकेशन के लिए एक बेहतर जगह मानी जा रही है देवघर की बात करें तो यहां आधे दर्जन से ज्यादा सिनेमा हॉल थे लेकिन फिल्म नीति की घोषणा नहीं होने और महंगी फिल्मों के कारण लगातार एक के बाद एक सिनेमा हॉल बंद होते गए और आज स्थिति यह है कि देवघर में महज 2 सिनेमा घर ही चल रहे हैं।

जबकि फिल्म नीति की घोषणा होने के बाद ट्रेंड बदला और देवघर में रिलैक्स जैसे मल्टीप्लैक्स खुलने लगे हैं। रघुवर सरकार की फिल्म नीति की घोषणा और सब्सिडी के बाद देवघर फिल्म निर्माताओं के लिए सबसे सस्ती और मनोरम जगह साबित हो रही है, जिसके कारण निर्माता देवघर में भी फिल्में बना रहे हैं।

देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

1999 और 2000 के सालों में सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ लगा करती थी। शो समाप्त होने के बाद सड़कों पर लोगों की भीड़ देखकर लोग अंदाजा लगा लेते थे कि शायद किसी सिनेमा हॉल का कोई शो खत्म हुआ है।

आज हालात यह है कि पिछले 14 सालों में एक के बाद एक सिनेमा हॉल बंद होते गए और आज यह खंडहर में तब्दील हो गए है, लेकिन रघुवर सरकार बनने के बाद फिल्म नीति की घोषणा हुई और निर्माताओं को फिल्म बनाने के लिए सुविधाएं प्रदान की जाने लगी। साथ ही इन्हें सब्सिडी भी दी जाने लगी जिसके बाद निर्माता-निर्देशकों की पहली पसंद है।

झारखंड फिल्म एडवाइजरी कमेटी की सदस्य पायल कश्यप जो झारखंड की पहली महिला निर्देशिका हैं, उनका कहना है कि रघुवर सरकार के फिल्म नीति के बाद बॉलीवुड का रुझान भी झारखंड की तरफ बढ़ा है। देवघर एक पर्यटक स्थल भी है और इसकी पहचान भारतवर्ष में है। ऐसे में यहां के मनोरम दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं लिहाजा आज यहां लगातार दो फिल्मों की शूटिंग होने जा रही है, जिसका मुहूर्त भी हो चुका है और वह समय दूर नहीं जब देवघर बॉलीवुड की पहली पसंद बनेगी।

संथाल परगना का पहला मल्टीप्लैक्स OLX

देवघर के खंडहर में तब्दील हो चुके यह सिनेमाघर के दिन फिर से वापस आने वाले हैं जिसकी शुरुआत मल्टीप्लेक्स खोले जाने से शुरू हो चुकी है। आज देवघर में संथाल परगना का पहला मल्टीप्लैक्स OLX खुल चुका है।

वहीं दूसरी तरफ कई सिनेमाघर मालिक भी अपने सिनेमाघरों को फिर से शुरू करने की कवायद शुरू कर चुके हैं। श्रम मंत्री राज पलिवार ने कहा कि रघुवर सरकार के फिल्म नीति लागू किए जाने के बाद फिल्मों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है और सिनेमाघरों के पुराने दिन फिर से वापस आने वाले हैं

देवघर में फिल्मों के निर्माण होने से स्थानीय कलाकार उत्साहित

देवघर में फिल्मों के निर्माण होने से ना सिर्फ निर्माता-निर्देशक उत्साहित है बल्कि यहां के स्थानीय कलाकार भी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड के कई कलाकार यहां अपना मुहूर्त कर रहे हैं।  ऐसे में भोजपुरी फिल्मों का क्रेज और फिल्मों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है।

कलाकार भी कहते हैं कि उनकी हैसियत नहीं है कि वह मुंबई जैसे शहरों में जाकर स्ट्रगल करें। ऐसे में देवघर में ही उन्हें मौका मिल रहा है जबकि लेडी सिंघम जैसे फिल्मों के निर्देशक कहते हैं कि देवघर का लोकेशन बहुत अच्छा है और लोगों को काफी पसंद भी आ रहा है।

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वही बॉलीवुड की अदाकारा ऐश्वर्या भी कहती है कि इन्हें देवघर आकर अच्छा लगा और यहां के लोकेशन और लोगों का व्यवहार भी इतना पसंद आया कि यह बार-बार यहां फिल्म शूटिंग के लिए आना चाहते हैं

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