बुद्ध पूर्णिमा विशेष : चतरा स्थित इटखोरी के कण-कण में बसे हैं शान्ति दूत भगवान बुद्ध

NewsCode Jharkhand | 29 April, 2018 7:21 PM
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कालखंड में इटखोरी का भदुली बौद्ध धर्म का मुख्य केंद्र था 

चतरा। शांति के दूत भगवान बुद्ध का नाता सिर्फ इटखोरी के भदुली नामक स्थान से ही नहीं रहा है। बल्कि बुद्ध इटखोरी के कण-कण में रचे बसे हैं। यहां के आधे दर्जन से अधिक गांवों में भगवान बुद्ध की प्राचीन प्रतिमाएं तथा बौद्ध धर्म से जुड़े पुरावशेष आज भी विद्यमान है। नौवीं-दसवीं शताब्दी काल में पाल वंश के शासन के दौरान इस क्षेत्र में बौद्ध धर्म का गहरा प्रभाव था।

भदुली में महाने नदी के तट पर बुद्ध विहार की स्थापना की गई थी। इटखोरी के गांवों में भी बौद्ध धर्म के कई मठ मंदिरों का निर्माण हुआ था। जो कालांतर में किसी विध्वंस के कारण ध्वस्त हो गए। मगर उन मठ मंदिरों के पुरावशेष आज ही यहां के गांव में मौजूद है।

इटखोरी के भदुली के बाद बौद्ध धर्म के सबसे ज्यादा पुरावशेष करमा खुर्द गांव में पाए गए हैं। पुरातात्विक सर्वेक्षण के दौरान इस गांव में भगवान बुद्ध की विभिन्न मुद्राओं की प्रतिमाओं के साथ मनौती स्तूप एवं बौद्ध धर्म से जुड़ी कई कलाकृतियां मिली है।

करमा खुर्द गांव के समीप सिंघरोली में एक पुरातात्विक टीले की पहचान की गई है। जिसे बौद्ध स्तूप बताया जा रहा है। करवा खुर्द गांव के अलावा संढा, परसौनी, कोनी, सीरिया आदि गांव में भी बौद्ध धर्म के पुरावशेष मौजूद हैं।

इतिहासकार तथा पुरातत्ववेत्ता बताते हैं कि उस कालखंड में इटखोरी का भदुली बौद्ध धर्म का मुख्य केंद्र था। इटखोरी के गांव में भी बौद्ध धर्म के कई मठ-मंदिर बनाए गए थे। विध्वंस व बौद्धौं के पलायन पर शोध की दरकार इटखोरी में बौद्ध धर्म के प्रभाव का प्रमाण तो यहां मौजूद है। लेकिन बौद्ध धर्म के मठ-मंदिरों के विध्वंस तथा बौद्धौं के यहां से पलायन की वजह अब तक सामने नहीं आ पाई है।

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इस पर बड़े शोध की दरकार है। बौद्ध धर्म के प्राचीन मठ मंदिरों से तो यह साबित हो जाता है कि यह क्षेत्र प्राचीन काल में बौद्ध धर्म के प्रभाव में था। ऐसे में बौद्ध धर्म के मानने वाले लोगों की संख्या भी उस वक्त यहां अच्छी खासी होगी।

फिर अचानक बौद्ध धर्म के मठ मंदिरों का विध्वंस कैसे हुआ? यह रह रहें बौद्ध धर्म के अनुयायी अचानक कहां चले गए, इन बातों से भी पर्दा उठाने की आवश्यकता है।
वर्ष 2011-12 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के द्वारा की गई पुरातात्विक खुदाई के दौरान यहां ग्यारहवीं-बारहवीं शताब्दी तक की सभ्यता के प्रमाण मिले हैं।

क्यों मनाई जाती हैं बुद्ध पूर्णिमा ?

वैशाख मास की पूर्णिमा के दिन मनाई जाने वाली ‘बुद्ध पूर्णिमा’ को ‘वैशाख पूर्णिमा’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन 563 ईसा पूर्व में भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। इसी दिन बुद्ध ने 483 ईसा पूर्व में 80 साल की उम्र में, देवरिया जिले के कुशीनगर में निर्वाण प्राप्त किया था। भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण, ये तीनों एक ही दिन अर्थात वैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुए थे। भगवान बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक थे। यह पर्व बुद्ध अनुयायियों के लिए काफी महत्त्व रखता है। बौद्ध धर्म को मानने वाले भगवान बुद्ध के उपदेशों का पालन करते हैं।भगवान बुद्ध का पहला उपदेश ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ के नाम से जाना जाता है। यह पहला उपदेश भगवान बुद्ध ने आषाढ़ पूर्णिमा के दिन पांच भिक्षुओं को दिया था।

बुद्ध पूर्णिमा का महत्व 
बुद्ध पूर्णिमा के दिन मठों में भक्‍त इकठ्ठा हो कर एक साथ उपासना करते हैं, दीप जलाते हैं, बुद्ध की शिक्षाओं का अनुसरण करने का संकल्प लेते हैं और उनपर फूल चढा कर मोमबत्‍तियां जलाकर उनके पैर छू कर शांति की प्रार्थना करते हैं। बहुत से भक्‍त तो इस दिन व्रत भी रखते हैं और भगवान बुद्ध को फल व मिठाई चढ़ाते हैं।

वैशाख मास की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस बार यह दिन 30 अप्रैल, सोमवार को पड़ रहा है। यह पर्व भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसी दिन बोधगया में पीपल के वृक्ष के नीचे गौतम बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी। वैशाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध ने गोरखपुर से 50 किलोमीटर दूर स्थित कुशीनगर में महानिर्वाण की ओर प्रस्थान किया था।

हिंदू धर्म के अनुसार भगवान बुद्ध, विष्णु जी के नौवें अवतार हैं। कहा जाता है कि इस दिन प्रात: सुबह उठ कर स्‍नान, दान और पूजा-पाठ करने से आपके सारे कष्‍ट दूर हो जाते हैं। इस दिन यदि कोई कुछ मीठा दान करता है तो उसे गौदान के बराबर ही फल मिलता है।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस दिन जो व्‍यक्‍ति गंगा स्नान करता है उसके कई जन्‍मों के पुराने पाप धुल जाते हैं।

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चक्रधरपुर : नहीं रहे पूर्व रात्रि प्रहरी जीत बहादुर थापा

NewsCode Jharkhand | 12 October, 2018 4:06 PM
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श्रद्धांजलि

चक्रधरपुर । गुदरी बाजार में रात्रि प्रहरी के रूप में कार्य कर चुके जीत बहादुर थापा का व्यक्तित्‍‍‍व अपने जीवन काल से ही संघर्षशील रहा। इन्‍‍‍‍‍‍‍‍होंने  जवानी वा बुढ़ापा गुदरी बाजार में  ही गुजार दी।

पूरी तरह से चरमरा गई थी आर्थिक स्थिति

करीब 30 साल की सेवा इन्‍होंने यहां दी। एक दुर्घटना में पीठ की कमर की हड्डी टूट गई। उसके बाद वो बाजार छोड़ चले गये। इस घटना ने इनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरीके से चरमरा गई। इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। लोगों से पैसे मांग कर अपना गुजर- बसर कर रहे थे।

2 अक्टूबर 2017 को गांधी जयंती के दिन मैं इनके पास पहुंचा, तो पता लगा सरकार से इनको कोई सुविधा नहीं मिल रही । तब हम लोगों ने वादा किया कि जब तक सरकार आपको आपका हक नहीं दे देती, तब तक  संगठन आप को सहायता प्रदान करेगी।

निरंतर प्रयास से  इनको सरकारी मदद दिलायी गई।  जब तक सरकारी मदद नहीं मिली, तब तक आर्थिक सहयोग भी करते रहे।

हम संतुष्ट हैंं कि हमने आखिरी समय में  इनकी आंखों में संतुष्टि का भाव देखा और हम लोगों ने इनसे कहा भी था कि आप जीवित रहेंं, हम आपसे वादा करते हैं कि आपको एक अपना घर सरकार से मुहैया कराने की कोशिश करेंगे।

आज से एक सप्‍ताह पहले इनका देहांत हो गया। आज उनकी सुध लेने के लिए इनके निवास पहुंचा तो वहां के आस -पड़ोस के लोगों ने बताया कि पिछले गुरुवार को उनका देहांत हो गया।अफसोस है कि जीत बहादुर थापा हमारे बीच नहीं रहे।

रामगोपाल जेना

चक्रधरपुर

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कैसा रहेगा आज आपका दिन ? जानें आज दिनांक 16-10-2018 का अपना राशिफल

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सुप्रभात मित्रों! परिवार में प्यार से लेकर तक़रार, व्यापार में मुनाफा से लेकर उधार, सेहत में बुखार से लेकर सुधार, करियर, रोजगार, कार इत्यादि के लिए कैसा रहेगा आज आपका दिन। पढ़ें अपना राशिफल :

मेष/Aries (मार्च 21-अप्रैल 20) – आज मानसिक रूप से अशांत रह सकते हैं, हर कार्य को ध्यानपूर्वक करना होगा, कार्यक्षेत्र में परेशानी हो सकती है, दोपहर बाद राह चलने में सावधानी रखें।

वृष/Taurus (अप्रैल 21–मई 21) – साहस के साथ काम करेंगे, कार्य-व्यवसाय में तरक्की की संभावना है, प्रोपर्टी के क्षेत्र में निवेश कर सकते हैं, पारिवारिक सुख का आनंद मिलेगा।

मिथुन/Gemini (मई 22–21 जून) – मानसिक रूप से दबाव में रहेंगे, कार्य-व्यवसाय में लाभ होगा, अचानक नुकसान हो सकते हैं, पत्नी के सेहत का ख्याल रखें।

कर्क/Cancer (जून 22–जुलाई 23) – स्थिर मानसिकता से काम करेंगे, युवाओं के विवाह की बात हो सकती है, प्रेम करने वाले भी विवाह कर सकते हैं, विदेश यात्रा का लाभ मिलेगा।

सिंह/Leo (जुलाई 24–अगस्त 23) – घर-वाहन के खरीद पर ध्यान केन्द्रित हो सकता है, साझेदारी वाले व्यवसाय के लिए समय अनुकूल है, कर्मचारियों के ऊपर दबाव बनाना उचित नहीं होगा , खर्च की अधिकता होगी।

कन्या/Virgo (अगस्त 24–सितंबर 23) – हिम्मत के साथ काम करने का लाभ मिलेगा, छोटे कर्मचारियों का सहयोग मिलेगा, कार्य विस्तार के लिए किसी से मुलाकात हो सकती है, प्रेम करने वाले के लिए भी समय अनुकूल है।

तुला/Libra (सितंबर 24–अक्टूबर 23) – धन की चिन्ता होगी, पारिवारिक समस्या से मन परेशान हो सकता है , कार्य व्यवसाय में तरक्की के लिए दूसरे पर आश्रित हो सकते हैं, दाम्पत्य सुख भी सामान्य है।

वृश्चिक/Scorpio (अक्टूबर 24–नवंबर 22) – विचार स्वस्थ होंगे, साहस के साथ काम को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे, प्रापर्टी के क्षेत्र में किसी प्रकार निवेश नुकसान दे सकता है, मां के सेहत का ध्यान रखना होगा।

धनु/Sagittarius (नवंबर 23–दिसंबर 21) – मन और वाणी दोनों पर नियंत्रण जरूरी है, मानसिक रूप से पीड़ित हो सकते हैं ,आमदनी के साथ-साथ खर्च की अधिकता है, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है।

मकर/Capricorn (दिसंबर 22–जनवरी 20) – प्रभावपूर्ण वाणी बोलेंगे, आप अनुभवी हैं ऐसा प्रदर्शित करेंगे, धन लाभ की संभावना है, धन संचित करने का भी विचार करेंगे।

कुंभ/Aquarius  (जनवरी 20–फरवरी 19) – कार्य व्यवसाय के ऊपर ध्यान केन्द्रित रहेगा, सांसारिक सुखों को भोगने का समय है, कार्य व्यवसाय की तरक्की से प्रसन्नता होगी, निवेश का लाभ मिलेगा।

मीन/Pisces (फरवरी 20–मार्च 20) – धार्मिक कार्यों में रूचि लेंगे, कार्य व्यवसाय सामान्य है , नुकसान न हो इसका ध्यान रखना होगा, विवाह की बात टूट सकती है।


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कैसा रहेगा आज आपका दिन ? जानें आज दिनांक 14-10-2018 का अपना राशिफल

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मेष/Aries (मार्च 21-अप्रैल 20) – चोट-चपेट से बचना चाहिए, सेहत का भी ध्यान रखें, पारिवारिक समस्याओं के ऊपर ध्यान देना होगा, माता के सेहत का ध्यान रखें।

वृष/Taurus (अप्रैल 21–मई 21) – मानसिक रूप से भावुक रहेंगे, लंबी यात्रा के योग हो सकते हैं, कार्य व्यवसाय उत्तम है, परिवार के साथ समय गुजारना पसंद करेंगे।

मिथुन/Gemini (मई 22–21 जून) – दृढ़तापूर्वक कार्य करने का लाभ मिलेगा, पार्टनर के साथ मिलकर व्यापार बढ़ाने का प्रयास करेंगे, युवाओं के विवाह की बात होगी, नये कार्य की योजना भी बना सकते हैं।

कर्क/Cancer (जून 22–जुलाई 23) – क्रोध करने से बचें, कार्य व्यवसाय उत्तम है, साझेदारी में काम प्रारंभ न करें, दाम्पत्य जीवन में दबाव महसूस करेंगे।

सिंह/Leo (जुलाई 24–अगस्त 23) – परिवार की चिंता होगी, प्रोपर्टी से संबंधित खरीद-बिक्री सावधानी से करें, युवा अपने दोस्तों पर विशेष भरोसा करेंगे, विशिष्ट व्यक्तियों का सहयोग मिलेगा।

कन्या/Virgo (अगस्त 24–सितंबर 23) – सामर्थ्य का विकास होगा, अपने मन के अनुकूल घर लेने में सफल हो सकते हैं, पारिवारिक सदस्यों का सहयोग मिलेगा, कार्य व्यवसाय उत्तम है।

तुला/Libra (सितंबर 24–अक्टूबर 23) – धन निवेश की चिंता होगी, आगे नयी नौकरी की तलाश होगी, शारीरिक रूप से थकान महसूस करेंगे, कार्य व्यवसाय की चिंता होगी।

वृश्चिक/Scorpio (अक्टूबर 24–नवंबर 22) – कार्य क्षेत्र में निवेश की योजना होगी, निवेश पर ध्यान भी रखना होगा, कर्मचारियों का सहयोग नहीं मिलेगा, भाई के साथ मनमुटाव हो सकता है।

धनु/Sagittarius (नवंबर 23–दिसंबर 21) – मानसिक रूप से चिंताग्रस्त हो सकते हैं, वाणी पर नियंत्रण जरूरी है, जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा, ईश्वर भक्ति में मन लगेगा।

मकर/Capricorn (दिसंबर 22–जनवरी 20) – गुस्सा करने से बचें, कार्य व्यसाय पर ध्यान देना होगा, अचानक कार्य क्षेत्र में दबाव महसूस करेंगे, अति आत्मविश्वास में न रहें।

कुंभ/Aquarius  (जनवरी 20–फरवरी 19) – कार्य व्यवसाय उत्तम है, अपेक्षा के अनुकूल लाभ की संभावना है, अनुभवी लोगों का सहयोग मिलेगा, प्रेम संबध प्रगाढ़ होंगे।

मीन/Pisces (फरवरी 20–मार्च 20) – धार्मिक कार्य करने वाले के लिए समय अनुकूल है, घर खरीदने का सपना पूरा हो सकता है, कार्य व्यवसाय सामान्य है, दाम्पत्य सुख उत्तम है।


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