बोकारो: क्रांति वीर रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा लगाने के लेकर हुई बैठक

NewsCode Jharkhand | 11 February, 2018 3:53 PM

बोकारो: क्रांति वीर रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा लगाने के लेकर हुई बैठक

चंदनकियारी (बोकारो) । हरदयाल बाबू विकास मंच कि और से चंदनकियारी के खेडाडीह में बैठक किया गया। जिसकी अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष जगन्नाथ रजवार ने किया। बैठक में चुआड़ विद्रोह के महानायक क्रांति वीर शहीद रघुनाथ महतो स्मृति के लिए निर्णय लिया गया। जिसके लिए मंच का संगठनिक विस्तार एवं शहीद रघुनाथ महतो के जीवनी पर प्रकाशडाली गयी।

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कार्यक्रम के तहत आगामी दिनांक 25 फरवरी को हुटूपाथर (घाघरी मोड़ ) में बैठक का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। मौके पर राधेश्याम केवर्त, कुमुद महतो, बलराम महतो, महेश्वर रजवार, राम प्रसाद टुडू ,अशोक बाउरी , श्यामपद दास, रसराज महतो ,समीर सेन गुप्त , भुटू महतो, दु:ख हरण बनर्जी, सपन रजवार, तूफान साहनी के अलावे गण मान्य समाज सेवी उपस्थित हुए।

बड़ा सवाल : अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो…

Rakesh Kumar | 20 April, 2018 11:48 PM

बड़ा सवाल : अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो…

रांची। हाल के दिनों में कुछ लोगों के जुबां से इस बात का जिक्र किया जा रहा है कि— अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो…. ।

इस मुद्दे पर अगर गहराई से बात की जाए तो कई सवाल खड़े हो गए हैं।

झारखंड में इस संदर्भ में जब हम चर्चा करते हैं तो इसपर बहस तेज हो जाती है। सवाल यह खड़ा होता है कि यहां युवतियां कितनी सुरक्षित हैं। हाल के दिनों झारखंड में जिस तरह से लड़कियों के साथ रेप और उसके बाद हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे समाज में असुरक्षा की भावना तेजी से पनपने लगी है। इसके साथ साथ मामलों के उद्भेदन और निष्पादन करने में कमी दिखाई पड़ी है, उससे पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। युवतियों की हत्या के कई मामले ऐसे हैं, जिसमें पुलिस का निशाना उसके नजदीकी लोगों पर ही है। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या युवतियां अपनों के बीच सुरक्षित हैं या नहीं ।

राजधानी की कुछ घटनाएं इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि लड़कियां खुद को सुरक्षित नहीं मान रही हैं। हाल के दिनों में अरगोड़ा के पास की रहनेवाली अफसाना परवीन की हत्या ने समाज के लोगों को हिला कर रख दिया है। हत्या के पीछे के कारणों को खंगालने में पुलिसिया तंत्र लगी हुई है लेकिन इस हत्या ने समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि आखिर अफसाना की हत्या उसके किसी अपने के ही हाथों तो नहीं की गई है। यह एक बड़ा सवाल है कि लड़कियां अपने नजदीकी लोगों पर कैसे भरोसा करे।

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अफसाना का मामला पहला मामला नहीं है जिसकी गुत्थी सुलक्ष नहीं पाई है। बूटी मोड के एक इंजीनियंरिग कालेज की छात्रा जया की हत्या भी जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। मामले की जांच अब सीबीआई के द्वारा की जा रही है, लेकिन एक साल के अधिक का समय बीतने के बाद भी इस हत्या के कारणों के साथ साथ हत्यारों का गिरफ्त में नहीं आना एक बड़ा सवाल है।

भारतीय होने पर गर्व लेकिन इस वजह से शर्मिंदा हैं शिल्पा शेट्टीभारतीय होने पर गर्व लेकिन इस वजह से शर्मिंदा हैं शिल्पा शेट्टी

अगर हम आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले राज्य एक साल में 1300 से अधिक रेप के के मामले पुलिस में दर्ज कराए गए। इस तरह से हर दिन एक बलात्कार की घटना जरुर हो रही है। इससे साफ है कि समाज में बड़ी विकृति आ रही है, जो लड़कियों को असुरक्षित कर रही हैं।

जानकार इस बात की जद्दोजेहद में लगे हुए हैं कि इस तरह की विकृति के क्या कारण हो सकते हैं। लेकिन समाज के सामने एक बड़ा सवाल है कि आखिर हम कैसे समाज का निर्माण करें, जिससे बेटियां सुरक्षित रह सके।

पिछले एक साल में रेप के मामलों के आंकड़े

मार्च 17         99

अप्रैल 17        120

मई 17         141

जून 17         122

जुलाई 17        138

अगस्त 17      103

सितंबर 17       112

अक्टूबर 17       106

नवंबर 17            62

दिसंबर 17       116

जनवरी 17       90

फरवरी 17        108

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धनबाद : ‘नो कैश’ पर राजनीति शुरू, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

कोयलांचल में नो कैश पर फायदा उठाने में विपक्षी दल

NewsCode Jharkhand | 19 April, 2018 4:15 PM

धनबाद : ‘नो कैश’ पर राजनीति शुरू, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

धनबाद। एटीएम में पैसे नहीं रहने से जनता हलकान हैं वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियों को ये सुनहरा मौका दिख रहा है। इसी मुद्दे पर विपक्षी पार्टियां भाजपा सरकार पर हमलावर हैं। कांग्रेस ने केंद्र की मोदी और राज्‍य की रघुवर सरकार पर करारा हमला बोला है। कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री मन्‍नान मल्लिक ने कहा कि पहले लोग नोटबंदी से परेशान थे अब नो कैश से परेशान हैं।

वहीं धनबाद जिले में राजनीति इतनी तेज हो गयी है की कहीं धरना दिया जा रहा है तो कहीं एटीएम में माला पहनाकर विरोध कर रहे हैं। नो कैश की पॉलिटिक्स में अब आम आदमी पार्टी भी कूद पड़ी है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्‍होंने डेमो एटीएम प्रस्‍तुत कर ‘भारतीय जुमला बैंक’ लिख कर अपना विरोध जताया।

कोयलांचल में बीते दो माह से कैश की किल्लत लगातार बनी हुई है। बैंक शाखाओं से लेकर एटीएम तक खाली हो गए हैं। शहर के ज्यादातर एटीएम बंद हैं। लगन के समय पर कैश की किल्‍लत होना लोगों को परेशान करने जैसा है। किसी को बेटी की शादी करानी है तो किसी को बेटे की स्कूल में नामांकन के लिए पैसों की जरूरत है। मगर बैंकों के गेट पर बोर्ड टांगा हुआ है की आपको सिर्फ 5000 हजार ही मिलेंगे।

पाकुड़ : एटीएम बना शोभा की वस्तु, पैसे नही मिलने से ग्राहको में रोष

धनबाद में ज्यादातर एटीएम में पैसे नहीं होने के बाद अब आम लोग बैंकों की ओर रुख कर दिया है। बैंकों में अब पैसे के लिए लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। लेकिन बैंक सिर्फ  5000 रुपये ही दे रही है उससे ज्यादा नहीं दे रही है। जिसके कारण ग्राहक परेशान दिख रहे हैं।

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वर्ल्‍ड लीवर डे विशेष : अपने लीवर को कैसे रखें स्वस्थ, पढ़िये…क्या करें और क्या नहीं

Om Prakash | 18 April, 2018 8:12 PM

वर्ल्‍ड लीवर डे विशेष : अपने लीवर को कैसे रखें स्वस्थ, पढ़िये…क्या करें और क्या नहीं

स्वस्थ लीवर, स्वस्थ शरीर का आधार

रांचीहर साल 19 अप्रैल को वर्ल्‍ड लीवर डे मनाया जाता है, जिसका उद्देश्‍य लोगों में लीवर से जुड़ी अलग-अलग तरह की परेशानियों पर जागरुकता फैलाना है। डब्‍लयूएचओ के अनुसार लीवर से जुड़ी बीमारियां भारत में होने वाली मौतों के कॉमन कारणों में दसवें नंबर पर है। मस्तिष्क को छोड़कर लीवर शरीर का सबसे जटिल और दूसरा सबसे बड़ा अंग है। यह शरीर के पाचन तंत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मनुष्य जो भी खाता और पीता है सभी लीवर से होकर गुजरती है। इसका अगर उचित तरीके से देखभाल नहीं किया गया तो मनुष्य को जिंदगी का भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

जटिल कार्य समेत सैकड़ों काम करता है लीवर

  1. शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालना।
  2. संक्रमणों और बीमारियों से लड़ना।
  3. रक्त शर्करा को नियमित करना।
  4. कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करना।
  5. रक्त के थक्के (अधिक मोटा/गाढ़ा करना) में सहायता करना।
  6. पित्त निकालना (तरल पाचन तंत्र और वसा को तोड़ने में सहायता करता है)।

आमतौर पर लीवर की बीमारी किसी भी साफ़ संकेतों अथवा लक्षणों को पैदा नहीं करता। जब तक कि लीवर की बीमारी पूरी तरह से बढ़े और क्षतिग्रस्त न हो जाए। इस स्थिति में संभावित लक्षण भूख और वज़न में कमी अथवा पीलिया हो सकता है।

ये करें

लीवर स्वस्थ रखने के लिए कुछ सुझाव

अपने लीवर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं। इसके लिये स्वस्थ और संतुलित आहार का उपयोग करें तथा नियमित रूप से व्यायाम करें।

  1. नींबू और नीबू का रस तथा हरी चाय का उपयोग करें।
  2. लहसुन, अंगूर, गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां, सेव और अखरोट खाएं।
  3. जैतून का तेल और सन के बीजों का उपयोग करें।
  4. वैकल्पिक अनाज (मोटा अनाज़, बाजरा और कूटू) को प्राथमिकता दें।
  5. हरी पत्तेदार सब्जियों (बंद गोभी, ब्रोकोली और गोभी) को शामिल करें।
  6. आहार में हल्दी का प्रयोग अवश्य करें।
  7. सभी खाद्य समूहों के आहारों जैसे अनाज, प्रोटीन, दुग्ध उत्पादों, फल, सब्जियों और वसा का उपयोग करें।
  8. रेशायुक्त ताजे फलों, सब्जियों, मिश्रित अनाज युक्त रोटियों, चावल और अनाजों का उपयोग करें।

ये न करें

अल्कोहल, धूम्रपान और ड्रग्स का सेवन न करें

लीवर कोशिकाओं को अल्कोहल धूम्रपान और ड्रग्स नुकसान अथवा नष्ट कर देता है। यहां तक कि निष्क्रिय धूम्रपान के संपर्क में भी नहीं आना चाहिए।

किसी भी दवा को शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लें

जब दवाओं को गलत तरीके अथवा गलत संयोजन से लिया जाता है तो लीवर आसानी से ख़राब हो सकता हैं।

जहरीले रसायनों से सावधान रहें

लीवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों जैसे एयरोसोल, सफाई उत्पादों, कीटनाशकों, विषाक्त पदार्थों से बचें।

मोटापे से बचें ।

अपने लीवर की सुरक्षा के लिए हैपेटाइटिस को रोकें

हेपेटाइटिस शब्द का उपयोग लीवर की सूजन के लिए किया जाता हैं। यह वायरल संक्रमण अथवा अल्कोहल जैसे हानिकारक पदार्थों के संपर्क में आने के कारण होता है। हेपेटाइटिस लक्षण रहित और सीमित लक्षणों के साथ हो सकता है लेकिन इसमें प्राय: पीलिया, अत्यधिक थकान (भूख में कमी) और अस्वस्थता की अगुआई होती है।

टीकाकरण कराएं

हेपेटाइटिस के खिलाफ़ टीकाकरण अवश्य कराएं।  “हेपेटाइटिस ए” और “हेपेटाइटिस बी” के लिए टीकाकरण उपलब्ध है।

आयुर्वेदिक पद्धति लीवर के लिए

आयुर्वेदिक पद्धति लीवर के लिए एक समग्र पद्धति का प्रतिपादन करती है। इस पद्धति में आहार, व्यायाम और तनाव कम करने के तरीके जैसे कि योग और प्राणायाम शामिल हैं।

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