बोकारो : बिहार में शराब खपाने की तैयारी काे पुलिस ने किया नाकाम

NewsCode Jharkhand | 17 November, 2017 9:10 PM
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अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़ायी, बोलेरो समेत एक गिरफ्तार

बोकारो। बोकारो पुलिस ने एक बार फिर से अवैध विदेशी शराब की खेप पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने शराब से लदे बोलेरो के साथ एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है। बिहार में शराब खपाने की तैयारी को बोकारो पुलिस ने विफल कर दिया।

अहले सुबह गश्ती के दौरान सेक्टर 12 थाना पुलिस ने काली मंदिर के पास सफेद बोलेरो के साथ जाते एक वाहन के साथ दो बाइक सवार को देख कर शंका हुई पुलिस की गाड़ी देखकर दोनों बाईक सवार फरार हो गए।  वहीं गाड़ी का पीछा कर रोका गया तो जांच करने पर गाड़ी के पीछे 60 पेटी अंग्रेजी शराब मिली।

पुलिस चालक समेत गाड़ी को जब्त कर थाना ले गई। पुलिस के अनुसार सिपाही सिंह नामक व्यक्ति इस धंधे का मुख्य सरगना है। पुलिस वाहन मालिक का पता लगा रही है, गाड़ी बिना नंबर की है।

मामले की जानकारी आबकारी विभाग के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गयी है। अवैध कारोबारियों के लिंक को पकड़ पाने में विफल है पुलिस और उत्पाद विभाग इसके पूर्व भी बोकारो जिला के विभिन्न थाना क्षेत्र से अवैध  विदेशी तथा देसी शराब की बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी है।

लेकिन अभी तक इसके मुख्य कारोबारी तक पुलिस पहुंच नही पाई है। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि कारोबारी की पहुंच कितने उपर तक है। सूत्रों के अनुसार बोकारो में इस तरह के  अवैध कारोबार का संचालन शराब कारोबार में सिंडिकेट का एक प्रमुख व्यक्ति कर रहा है।

जिसकी तूती आज भी पुलिस और विभाग में बोलती है। यह कारोबारी सरकारी दुकान में भी अवैध शराब को खपाने का काम अपने रखे लोगों के द्वारा कर रहा है।

और पढ़ें : बोकारो : साथ ना दे कमजोरों का, यह साथी है चोरों का, ये अन्धा कानून है !

रांची : नाबालिग लड़की से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 7:21 PM
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रांची। 23 जून को 14 वर्षीय नाबालिग लड़की डोंगर बसली से ट्रेन पकड़कर रांची अपने रिश्तेदार के घर जा रही थी, रांची रेलवे स्टेशन से पथलकुदवा के लिए चली परंतु रास्ता भटक कर चर्च रोड में पहुंच गई और पथलकुदवा जाने का रास्ता पूछने लगी। इसी बीच एक लड़का उसे बहला-फुसलाकर रात को 10 बजे अपने कमरे में ले गया। वहां पर लड़के ने लड़की को डरा धमका कर दुष्कर्म किया और अगली सुबह उसे उसके घर के लिए टेंपो पकड़ा दिया।

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लड़की ने समझदारी दिखाते हुए आरोपी लड़की के मोबाइल से अपने रिश्तेदार को फोन की जिसके बाद उसके रिश्तेदार बहू बाजार आकर पीड़िता को ले गए और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छानबीन शुरू की और 12 घंटे के अंदर आरोपी को चर्च रोड से गिरफ्तार कर लिया। वही आरोपी के पास लड़की के रिश्तेदार को फोन किया गया मोबाइल और कुछ कपड़े बरामद किया गया।

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दिल्ली में 14,000 से ज्यादा पेड़ों की कटाई के विरोध में ‘आप’ का चिपका आंदोलन

NewsCode | 24 June, 2018 7:54 PM
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पुनर्विकास के नाम पर 14 हजार से ज्यादा पेड़ काटने का विरोध तेज हो गया है। आम लोगों के साथ अब आम आदमी पार्टी भी इसके खिलाफ उतर आई है। आज रविवार को सरोजिनी नगर में पार्टी ने एक बड़े चिपको आंदोलन का आयोजन किया। सोशल मीडिया में #DelhiChipkoAndolan लगातार ट्रेंड कर रहा है।

दिल्ली सरकार में ‘आप’ के मंत्री इमरान हुसैन ने कई विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पेड़ों से चिपककर विरोध-प्रदर्शन किया। लोग हाथ से लिखे पोस्टर के साथ पेड़ों को बचाने की अपील करने के लिए वहां पहुंचे थे।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी से इस प्रोजेक्ट को किसी दूसरे जगह शिफ्ट करने की अपील की।

वहीं, पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि, “जब सारी जनता , दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार पेड़ों के बारे में इतनी चिंतित है तो केन्द्र सरकार प्रोजेक्ट बंद कर दे। अब कोई पेड़ ना काटा जाए”

बता दें कि सरोजिनी नगर में शनिवार को भी पेड़ काटने के विरोध में कुछ स्थानीय लोगों और युवाओं ने पेड़ से चिपककर उसे बचाने की अपील की।उनका कहना था कि सुंदर नगर में पेड़ कट चुके हैं। अब सरोजिनी नगर व आरकेपुरम में इन्हें काटा जाना है। हम इसका विरोध कर रहे है। सभी ने कहा कि प्रदूषण मुक्त दिल्ली का नारा पेड़ काटने से पूरा नहीं होगा।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने दक्षिणी दिल्ली में स्थित सात सरकारी आवसीय कॉलोनियों के पुनर्विकास का प्रस्ताव बनाया था। केंद्र सरकार की कैबिनेट इस पुनर्विकास प्लान को वर्ष 2016 में ही मंजूरी दे चुकी है। इसके तहत ही दक्षिणी दिल्ली में स्थित किदवई नगर में 1123, नेताजी नगर में 2294, नैरोजी नगर में 1454, मोहम्मदपुर में 363 और सरोजनी नगर में 11 हजार से अधिक पेड़ काटे जाने हैं। नैरोजी में पेड़ों की कटाई भी शुरू हो चुकी है। अब इन पेड़ों की कटाई का विरोध शुरू हो गया है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि वह जितने पेड़ काटेंगे उससे दोगुना पौधे लगाएं जाएंगे। पूरा पुनर्विकास प्लान ग्रीन प्रोजेक्ट होगा।

1973 में पहली बार हुआ था चिपको आंदोलन

चिपको आंदोलन की शुरुआत उत्तराखंड के चमोली में वर्ष 1973 में हुई थी। तब ग्रामीण किसानों ने राज्य के वन ठेकेदारों द्वारा वनों और जंगलों को काटने के विरोध में चिपको आन्दोलन चलाया था। चिपको आंदोलन का सीधे-सीधे अर्थ है किसी चीज से चिपककर उसकी रक्षा करना। जब यह आंदोलन वहां पर चल रहा था, तब वनों की कटाई को रोकने के लिए गांव के पुरुष और महिलाएं पेड़ों से लिपट जाती थीं और ठेकेदारों को पेड़ नहीं काटने देती थी। इस आंदोलन में महिलाओं की संख्या अधिक होती थी।

जानिए क्या है चिपको आंदोलन, जिस पर Google ने बनाया डूडल

इस आंदोलन को चंडीप्रसाद भट्ट, गौरा देवी और ग्रामीणों ने मिलकर अंजाम दिया था। बाद में प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी सुन्दरलाल बहुगुणा ने आगे बढ़ाया। आंदोलन को सम्यक जीविका पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है। जिस समय यह आन्दोलन चल रहा था, उस समय केंद्र की राजनीति में भी पर्यावरण एक एजेंडा बन गया था। इस आंदोलन को देखते हुए तत्कालीन केंद्र सरकार ने वन संरक्षण अधिनियम बनाया।

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धनबाद : झरिया के अस्तित्‍व को बचाने के लिए फिर होगा आंदोलन

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 7:48 PM
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झरिया को उजाडने की सरकारी मंसूबे को जनता कामयाब नहीं होने देगी

धनबाद (झरिया)। झरिया के अस्तित्व को बचाने के लिए एक बार फिर आंदोलन होगा। इसबार आंदोलन की मुख्‍य भूमिका में पूर्व मंत्री समरेश सिंह रहेंगे। आंदोलन की रुपरेखा तैयार करने के बावत आज झरिया प्रेस क्लब में समरेश सिंह की अगुवाई में बैठक हुई जिसमें पूर्व में हो चुके झरिया आंदोलन से जुड़े कई लोगों ने भाग लिया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि झरिया को बचाने के लिए यह आखिरी आंदोलन होगा। इस आंदोलन में झरिया की जनता पूरी ईमानदारी से लड़ेगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बंद आर एस पी कॉलेज को उसी जगह चालू किया जाएगा जहां वह है। इसके लिए कोर्ट जाना पड़े या कहीं और लेकिन बंद कॉलेज को खुलवाया जाएगा। बैठक में भाग ले रह लोगों ने एकसुर से कहा कि केंद्र व राज्य सरकार झरिया के अस्तित्व को खत्म करना चाहती है जिसे यहां की जनता सफल नहीं होने देगी।

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