निकाय उपचुनाव परिणाम : लक्ष्मी कुमारी 356 वोट से विजयी घोषित

NewsCode Jharkhand | 20 April, 2018 2:12 PM
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देवघर। नगर निगम उप-चुनाव, 2018 की प्रत्याशी लक्ष्मी कुमारी 356 वोट से विजयी घोषित की गयी। लक्ष्मी कुमारी की कुल प्राप्त मतों की संख्या 899 है। वहीं इनके निकटतम प्रतिद्वंदी मौसम देवी को कुल 543 मत प्राप्त हुआ है। इसके अलावा नोटा की संख्या 25 है।

नगर निगम उप-चुनाव, 2018 के तहत वार्ड नंबर-25 के वार्ड पार्षद पद हेतु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच  पंचायत प्रशिक्षण केन्द्र, जसीडीह, में शांतिपूर्ण मतगणना कार्य सम्पन्न कराया गया।

मतगणना केन्द्र पर मतगणना कर्मी, दंडाधिकारी व सुरक्षा कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वाहन करते देखा गया।

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बोकारो : स्‍वच्‍छता सर्वेक्षण में चास को देशभर में 19वां व राज्‍य में पहला स्‍थान प्राप्‍त

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 1:18 PM
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पीएम ने जारी किया स्वच्छता सर्वेक्षण का रिपोर्ट कार्ड

बोकारो। भारत सरकार की शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वच्छ्ता सर्वेक्षण में चास नगर निगम को झारखंड में पहला स्थान प्राप्त हुआ। वहीं नगर परिषद फुसरो को राज्य में चौथा स्थान मिला है। भारत सरकार की शहरी विकास मंत्रालय ने देश भर में हुई स्वच्छता सर्वेक्षण का रिपोर्ट कार्ड जारी किया।

जबकि देशभर में स्वच्छता सर्वेक्षण में चास नगर निगम को 19वां स्थान प्राप्त हुआ। फुसरो नगर परिषद को देश में 29वां स्थान मिला और झारखंड में चौथा स्‍थान।  रैंक जारी होने पर बधाईयों का तांता लगा रहा।

चास : लोगों का सपना हुआ पूरा, अमृत योजना के रूप में मिला ये उपहार

उपायुक्त  मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने दोनों कार्यपालक पदाधिकारियों को बधाई देते दोनों क्षेत्रों के जनता को भी शुभकामनाएं दी और भविष्य में और भी बेहतर की उम्मीद जताई। गौरतलब है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में रिपोर्ट जारी किया है।

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दिल्ली में 14,000 से ज्यादा पेड़ों की कटाई के विरोध में ‘आप’ का चिपका आंदोलन

NewsCode | 24 June, 2018 7:54 PM
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पुनर्विकास के नाम पर 14 हजार से ज्यादा पेड़ काटने का विरोध तेज हो गया है। आम लोगों के साथ अब आम आदमी पार्टी भी इसके खिलाफ उतर आई है। आज रविवार को सरोजिनी नगर में पार्टी ने एक बड़े चिपको आंदोलन का आयोजन किया। सोशल मीडिया में #DelhiChipkoAndolan लगातार ट्रेंड कर रहा है।

दिल्ली सरकार में ‘आप’ के मंत्री इमरान हुसैन ने कई विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पेड़ों से चिपककर विरोध-प्रदर्शन किया। लोग हाथ से लिखे पोस्टर के साथ पेड़ों को बचाने की अपील करने के लिए वहां पहुंचे थे।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी से इस प्रोजेक्ट को किसी दूसरे जगह शिफ्ट करने की अपील की।

वहीं, पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि, “जब सारी जनता , दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार पेड़ों के बारे में इतनी चिंतित है तो केन्द्र सरकार प्रोजेक्ट बंद कर दे। अब कोई पेड़ ना काटा जाए”

बता दें कि सरोजिनी नगर में शनिवार को भी पेड़ काटने के विरोध में कुछ स्थानीय लोगों और युवाओं ने पेड़ से चिपककर उसे बचाने की अपील की।उनका कहना था कि सुंदर नगर में पेड़ कट चुके हैं। अब सरोजिनी नगर व आरकेपुरम में इन्हें काटा जाना है। हम इसका विरोध कर रहे है। सभी ने कहा कि प्रदूषण मुक्त दिल्ली का नारा पेड़ काटने से पूरा नहीं होगा।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने दक्षिणी दिल्ली में स्थित सात सरकारी आवसीय कॉलोनियों के पुनर्विकास का प्रस्ताव बनाया था। केंद्र सरकार की कैबिनेट इस पुनर्विकास प्लान को वर्ष 2016 में ही मंजूरी दे चुकी है। इसके तहत ही दक्षिणी दिल्ली में स्थित किदवई नगर में 1123, नेताजी नगर में 2294, नैरोजी नगर में 1454, मोहम्मदपुर में 363 और सरोजनी नगर में 11 हजार से अधिक पेड़ काटे जाने हैं। नैरोजी में पेड़ों की कटाई भी शुरू हो चुकी है। अब इन पेड़ों की कटाई का विरोध शुरू हो गया है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि वह जितने पेड़ काटेंगे उससे दोगुना पौधे लगाएं जाएंगे। पूरा पुनर्विकास प्लान ग्रीन प्रोजेक्ट होगा।

1973 में पहली बार हुआ था चिपको आंदोलन

चिपको आंदोलन की शुरुआत उत्तराखंड के चमोली में वर्ष 1973 में हुई थी। तब ग्रामीण किसानों ने राज्य के वन ठेकेदारों द्वारा वनों और जंगलों को काटने के विरोध में चिपको आन्दोलन चलाया था। चिपको आंदोलन का सीधे-सीधे अर्थ है किसी चीज से चिपककर उसकी रक्षा करना। जब यह आंदोलन वहां पर चल रहा था, तब वनों की कटाई को रोकने के लिए गांव के पुरुष और महिलाएं पेड़ों से लिपट जाती थीं और ठेकेदारों को पेड़ नहीं काटने देती थी। इस आंदोलन में महिलाओं की संख्या अधिक होती थी।

जानिए क्या है चिपको आंदोलन, जिस पर Google ने बनाया डूडल

इस आंदोलन को चंडीप्रसाद भट्ट, गौरा देवी और ग्रामीणों ने मिलकर अंजाम दिया था। बाद में प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी सुन्दरलाल बहुगुणा ने आगे बढ़ाया। आंदोलन को सम्यक जीविका पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है। जिस समय यह आन्दोलन चल रहा था, उस समय केंद्र की राजनीति में भी पर्यावरण एक एजेंडा बन गया था। इस आंदोलन को देखते हुए तत्कालीन केंद्र सरकार ने वन संरक्षण अधिनियम बनाया।

चिपको आंदोलन आज अधिक प्रासंगिक

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धनबाद : झरिया के अस्तित्‍व को बचाने के लिए फिर होगा आंदोलन

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 7:48 PM
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झरिया को उजाडने की सरकारी मंसूबे को जनता कामयाब नहीं होने देगी

धनबाद (झरिया)। झरिया के अस्तित्व को बचाने के लिए एक बार फिर आंदोलन होगा। इसबार आंदोलन की मुख्‍य भूमिका में पूर्व मंत्री समरेश सिंह रहेंगे। आंदोलन की रुपरेखा तैयार करने के बावत आज झरिया प्रेस क्लब में समरेश सिंह की अगुवाई में बैठक हुई जिसमें पूर्व में हो चुके झरिया आंदोलन से जुड़े कई लोगों ने भाग लिया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि झरिया को बचाने के लिए यह आखिरी आंदोलन होगा। इस आंदोलन में झरिया की जनता पूरी ईमानदारी से लड़ेगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बंद आर एस पी कॉलेज को उसी जगह चालू किया जाएगा जहां वह है। इसके लिए कोर्ट जाना पड़े या कहीं और लेकिन बंद कॉलेज को खुलवाया जाएगा। बैठक में भाग ले रह लोगों ने एकसुर से कहा कि केंद्र व राज्य सरकार झरिया के अस्तित्व को खत्म करना चाहती है जिसे यहां की जनता सफल नहीं होने देगी।

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