बिहार: शराबबंदी कानून में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी, बदल गए ये नियम

NewsCode | 12 July, 2018 1:12 PM
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पटना। बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने शराबबंदी कानून में बड़े बदलाव को मंजूरी दी है। बुधवार को बिहार राज्य मंत्रिपरिषद ने इसमें कई बदलाव किए और राज्य सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में इसे पास कराएगी।

बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 में संशोधन विधेयक 2018 सहित तीन अन्य संशोधन विधेयकों को विधानमंडल सत्र में पेश किए जाने की खबर है। संशोधन विधेयक में शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए मौजूदा सजा के प्रावधान में बदलाव कर उसे कम किए जाने की बात कही गई है। हालाँकि, कुछ मामलों में सजा को सख्त भी किया गया है।

सजा में ढील

नीतीश सरकार ने कुछ नियमों में नरमी बरती है। नए नियमों के मुताबिक, अब कोई व्यक्ति पहली बार शराब पीते पकड़ा जाता है तो उसे 50 हजार रुपये का जुर्माना या तीन महीने की सजा हो सकती है। अभी सजा 5 से 10 साल की है। इसके अलावा मिलावटी या अवैध शराब बेचने पर अब 10 साल की जगह उम्रकैद की सजा होगी। यही नहीं, कानून में अगर किसी होटल या प्रतिष्ठान में कोई शराब पीते पकड़ा गया, तो पूरे परिसर की बजाए उसी कमरे को सील किया जाएगा, जिसमें शराब मिलेगी।

पहली बार पीते पकड़े जाने के बाद अगर कोई व्यक्ति दुबारा पकड़ा जाता है तो उसे 1 से 5 साल की सजा और 1 से 5 लाख तक आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। अभी शराब के नशे में पकड़े जाने पर 5 साल तक की सजा और एक लाख तक के अर्थदंड का प्रावधान है। वहीं, नशे की हालत में हुड़दंग करने या घर-दफ्तर में शराब पीने की अनुमति देने पर 10 साल की सजा और उम्रकैद का प्रावधान है।

शराब पीते पहली बार पकड़े जाने पर अब तक गैर जमानती सजा का प्रावधान था, लेकिन संशोधित प्रावधान में इसे जमानती बना दिया गया है। इसके अलावा सामूहिक जुर्माना भी ख़त्म कर दिया गया है। पहले के कानून में किसी गांव, मोहल्ले पर सामूहिक जुर्माना लगता था, जिसे पुलिस की पुष्टि के बाद डीएम द्वारा लगाया जाता था।

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इसी तरह किसी घर में रखी शराब या किसी वाहन में पकड़े जाने पर घर या वाहन को जब्त नहीं किया जाएगा। साथ ही किसी पशु गाड़ी पर शराब पकड़ाने पर पशुओं को नहीं पकड़ा जाएगा।अब किसी व्यक्ति के शराब पीते पकड़े जाने पर परिवार में 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों की बजाए सिर्फ पीने वाले को ही पकड़ा जाएगा।

अगर किसी परिसर में मकान मालिक की जानकारी के बिना शराब का अवैध भंडारण किया जाता है तो सिर्फ किराएदार पर ही कार्रवाई होगी और मकान जब्त नहीं होगा।अभी मकान मालिक को भी 8 साल की सजा का प्रावधान है। नए नियम में यदि मकान मालिक को वहां शराब पीने या भंडारण की जानकारी है तो उसे सूचना नहीं देने के आरोप में अब अधिकतम दो वर्ष की सजा होगी।

20 जुलाई से बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधानसचिव अरूण कुमार सिंह ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने कुल 33 विषयों पर विचार कर उन्हें मंजूरी प्रदान कर दी है। गौरतलब है कि बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र आगामी 20 जुलाई से शुरू होने वाला है।

आपको याद दिला दें कि बिहार में पांच अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है और इसे सख्ती से लागू किए जाने के लिए नीतीश कुमार सरकार ने बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 को सर्वसम्मिति से विधानमंडल से पारित करवाया था। बाद में इसके कुछ प्रावधानों को कड़ा बताए जाने व इस कानून का दुरूपयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष द्वारा इसकी आलोचना की जाती रही है।

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रांची : बीजेपी प्रदेश कार्यालय में अनंत कुमार को दी गई श्रद्धांजलि

NewsCode Jharkhand | 12 November, 2018 5:36 PM
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रांची। बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन कैंसर से पीड़ित होने के कारण हुई। निधन की सूचना मिलने पर झारखंड बीजेपी प्रदेश कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिसमें मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, सीपी सिंह, रामटहल चौधरी, शिवपूजन पाठक, दीपक प्रकाश, दीनदयाल बरनवाल भाजपा के कार्यकर्ता उपस्थित थे सबों ने उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त किए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने कहा हमारी पार्टी के लिए अनंत कुमार के निधन से अपूरणीय क्षति हुई है। जिसका भरपाई हम लोग नहीं कर पाएंगे। वह एक ऐसे नेता थे। जो भाजपा के कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का कार्य करते थे।

संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए हमेशा रणनीति बनाते रहते थे। और कुछ वर्ष पूर्व झारखंड में चुनाव प्रभारी के रूप में हुई आए थे। फिलहाल कहा जाए तो राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महामहिम कोविंद राम के साथ रांची दौरे पर आए थे।

बहुत ही मिलनसार व्यक्ति थे। राज्यसभा में कभी भी बोलते हुए उनके चेहरे पर किसी भी प्रकार का गुस्से का सिकन तक नहीं देखने को मिलते थे। बहुत ही शांत स्वभाव के व्यक्ति थे उनके साथ काम करने का मौका हमें भी मिला है।

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बोकारो : भीषण डकैती मामले का खुलासा, जेवरात के साथ दो अपराधी गिरफ्तार

NewsCode Jharkhand | 12 November, 2018 7:46 PM
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बोकारो। बीते 26 सितंबर को चास थाना क्षेत्र में ठेकेदार रामसेवक के घर हुई दिनदहाड़े 25 लाख की डकैती मामले का खुलासा हो गया है। रविवार को गिरफ्तार विभाष पासवान और पिंकू पांडेय की स्वीकारोक्ति बयान पर इस कांड में शामिल लूटे गए जेवरात के साथ अन्य दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसकी जानकारी एसपी कार्तिक एस ने प्रेस वार्ता कर दी।

गिरफ्तार अपराधियों ने सेक्टर 12 में अधिवक्ता के घर और कॉपरेटिव कॉलोनी में चिकित्सक के घर डकैती का प्रयास करने के भी मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकारी है।

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों अपराधियों ने दोनों घर से लूटे गए मोबाइल फोन का आईईएमआई कोड बदलने के आरोप में दो दुकानदारों और एक ऑल्टो कार के मालिक को गिरफ्तार किया गया है।

कार्तिक एस ने बातया कि रविवार को गिरफ्तार किए गए अपराधियों के बयान पर ठेकेदार के घर रेकी करने वाले अख्तर हुसैन और एक अन्य साथी मोहम्मद जाहिद उर्फ मंटू को डकैती में लूटे गए तीन जोड़ी पायल और चार मोबाइल के साथ चास स्थित सिटी मॉल के पास से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार लूटे गए मोबाइल का आईईएमआई कोड को बदलने वाले दुकानदार सिद्धेश्वर माहतो और सैयद हुसैन अंसारी को भी लैपटॉप, मोबाइल समेत अन्य सामानों के साथ गिरफ्तार किया गया है।

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रांची : बाबूलाल मरांडी ने कैंसर अस्पताल के शिलान्यास पर सरकार से किये सवाल

NewsCode Jharkhand | 12 November, 2018 5:17 PM
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रांची। झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रेस वार्ता कर कहा है कि झारखंड सरकार द्वारा रांची में कैंसर अस्पताल के शिलान्यास का हम स्वागत करते हैं। राज्य के नागरिकों को इसका लाभ मिले, इससे बेहतर किसी के लिए और क्या हो सकता है। इन सबके बीच राज्य सरकार को टाटा समूह व सरकार के बीच हुए करार में तय तमाम बातों को राज्य की जनता के समक्ष रखनी चाहिए।

सरकार टाटा को अस्पताल के लिए निःशुल्क जमीन मुहैया करा रही है। अगर टाटा समूह व सरकार सभी कुछ पारदर्शी तरीके से करती है तो इससे किसी को भला क्या आपत्ति हो सकती है। सरकार को यह स्पष्ट करनी चाहिए कि अस्पताल निर्माण में जो राशि खर्च होगी, उसे सरकार खर्च करेगी या टाटा समूह।

इसी प्रकार लोगों का इलाज निःशुल्क होगा या राशि लगेगी। अगर राशि लगेगी तो अनुमानित ही सही कितनी खर्च करनी होगी। इसी प्रकार अन्य तमाम बातों को पूरी पारदर्शिता से जनता के समक्ष रखने की जरूरत है।

कहने का तात्पर्य है कि अगर लोकहित का हवाला देकर जमीन वगैरह निःशुल्क दिया जा रहा है तो चिकित्सा भी सेवा भाव व जनहित वाला ही रहे। ऐसा सवाल मेरे या जनता के मन में क्यों तैर रहे हैं, इसके लिए आप सबों को थोड़ा पीछे जाना होगा।

हम 19 अगस्त 2005 को टिस्को लीज भूमि का 01 जनवरी 1996 से अगले 30 वर्षो के लिए हुए नवीकरण के राज्यादेश की बात कर रहे हैं। इसके राज्यादेश के मुताबिक टाटा समूह ने सरकार के साथ कई करार किये थे। इसके मुताबिक टिस्को द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 2007 के काम्पलेक्स व इन्फ्रास्ट्राक्चर निर्माण के लिए 150 करोड़ रूपये दिया जायेगा। इस संदर्भ में छानबीन करने पर पता चला है कि टिस्को ने 150 करोड़ की बजाय केवल 50 करोड़ रूपया ही दिया है।

वहीं अगले करार के मुताबिक टिस्को राज्य के बीपीएल परिवारों के लिए चिकित्सा बीमा योजना की प्रीमियम राशि प्रतिवर्ष 25 करोड़ भुगतान करेगी। यानि 1996 से लेकर साल 2018 तक 23 वर्षो में टिस्को द्वारा झारखंड सरकार को कुल 575 करोड़ रूपये भुगतान करना था। पता करने पर जानकारी मिली है कि पिछले तीन वर्षो से 25-25 करोड़ करके अब तक केवल 75 करोड़ की राशि ही टिस्को द्वारा सरकार को दी गई है।

यानि 500 करोड़ बीपीएल परिवार वाला के लिए बीमा की प्रीमियम राशि व 100 करोड़ राष्ट्रीय खेल 2007 के काम्पलेक्स व इन्फ्रास्ट्राक्चर निर्माण की राशि टाटा के पास राज्य सरकार का अब भी बकाया है। दोनों को मिला दिया जाय तो कुल 600 करोड़ की राशि टाटा के पास राज्य सरकार का बकाया है।

अब सरकार को इस बात को स्पष्ट करनी चाहिए कि कहीं इसी बकाये राशि को लेकर ही टाटा समूह के साथ कोई गुप्त समझौता तो नहीं हुआ है कि टाटा बकाये राशि से ही अस्पताल निर्माण करा दे और राज्य की जनता गुमराह होती रहे कि टाटा ने जन सेवा के तहत कार्य किया है।

अगर ऐसा नहीं है तो फिर दोनों की कितनी व कैसी भागीदारी इसके निर्माण में होगी, तमाम पहलुओं को जनता के समक्ष रखनी चाहिए। वहीं पूर्व के बकाये राशि की वसूली पर भी सरकार को अपना पक्ष रखना चाहिए।

सभी बिन्दुओं पर सरकार को जवाब देनी चाहिए। हमें सरकार के जवाब का इंतजार रहेगा। इस दौरान प्रेसवार्ता में केन्द्रीय सचिव सरोज सिंह व केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

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