बिहार : नीतीश से मिलने पहुंचे अमित शाह, सीटों के बंटवारे पर होगी बात

NewsCode | 12 July, 2018 11:24 AM
newscode-image

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह पूरे देश का दौरा कर रहे हैं और राजग कुनबे के सभी घटक दलों से मिल रहे हैं। इसी क्रम में अमित शाह आज बिहार दौरे पर हैं। अमित शाह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे हैं, दोनों नेता नाश्ते पर गठबंधन को लेकर चर्चा करेंगे। नीतीश कुमार और अमित शाह के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी मौजूद हैं।

नाश्ते और रात्रिभोज पर होनी वाली इसी मुलाकात से स्पष्ट होगा कि 2019 में बीजेपी-जेडीयू कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी संपर्क फॉर समर्थन अभियान चला रही है, इसी के तहत शाह पूरे देश का दौरा कर रहे हैं। नीतीश संग बैठक के बाद शाह अपनी पार्टी के सोशल मीडिया वर्कर्स को भी संबोधित करेंगे। देर रात नीतीश कुमार और अमित शाह एक बार फिर डिनर पर बात करेंगे।

नाश्ते में ‘बिहार स्पेशल’ खाना

जिस दौरान अमित शाह और नीतीश कुमार राजनीति की बातें कर रहे होंगे तो उनके लिए बिहार का स्पेशल खाना परोसा जाएगा। नाश्ते में पोहा, उपमा, सत्तू के पराठे, चना तोरई की सब्जी तैयार की गई है। इसके अलावा भी आलू की सब्जी, मट्ठा, फल का भी बंदोबस्त किया गया है।

बड़ा भाई कौन – बीजेपी या जेडीयू?

लोकसभा चुनाव में अब करीब 8 महीने बचे हैं लेकिन एनडीए के सभी घटक दलों ने बीजेपी पर सीटों के बंटवारे को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। बीजेपी के रणनीतिकार चाहते हैं कि सीटों का बंटवारा 2014 लोकसभा चुनाव के अनुसार हो, जिसमें बीजेपी के हिस्से बिहार से 22 सीटों पर जीत मिली थी।

रामविलास पासवान की लोजपा और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा के साथ मिलकर गठबंधन में बीजेपी ने 30 सीटें लड़ी थी। बीजेपी करीब 22 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है और बड़े भाई की भूमिका चाहती है। लेकिन दूसरी तरफ जेडीयू 2015 विधानसभा चुनावों का हवाला देकर बड़े भाई का रोल निभाना चाहती है।

लोकसभा की कुल 40 सीटें

बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में इन 40 सीटों में से एनडीए को कुल 31 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। एनडीए की 31 सीटों में बीजेपी ने 22, लोजपा ने 6 और रालोसपा ने 3 सीटों पर कब्जा जमाया। तब जेडीयू अकेले चुनावी समर में उतरी थी तो चालीस सीटों में से दो सीटों पर ही जीत मिली थीं, लेकिन जेडीयू का मानना है कि बुरे हालात में भी 16-17 फीसदी वोट हासिल हुए।

क्या 17-17 पर बनेगी बात?

सूत्रों की मानें तो जेडीयू चाहती है कि दोनो पार्टियां 17-17 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़े हैं। बाक़ी की सीटें एलजेपी और आरएलएसपी को दे दी जाएं। जेडीयू इसके अलावा यूपी और झारखंड में 4 सीटें चाहती है। सियासी गलियारों में जेडीयू के आरजेडी और कांग्रेस नेताओं के साथ अंदरखाने बातचीत की खबरें भी सुर्खियों में है। सियासत के जानकार इसे जेडीयू की दवाब की राजनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

2014 से 2018 तक देश की सियासत में काफी बदलाव आ चुके हैं। विपक्षी दलों को बीजेपी के विधानसभा चुनावों में बढ़ते प्रभाव से अपने वजूद बचाने की चिंता सताने लगी है, तो एनडीए के सहयोगी दलों के साथ पिछले 4 सालों में बीजेपी के साथ खट्टे-मीठे अनुभवों के मद्देनजर अब अपने फैसलों पर पुनर्विचार करने में लगे हुए हैं। लोकसभा चुनावों से पहले एनडीए में शामिल बीजेपी के कई सहयोगी एक-एक कर साथ छोड़ने लगे हैं।

‘वोट’ नहीं ‘वोटरों’ की चिंता : नीतीश कुमार

टीडीपी, जीतन राम मांझी की हम और पीडीपी एनडीए से बाहर निकल चुकी हैं। वहीं, शिवसेना ने 2019 में अलग चुनाव लड़ने का ऐलान कर एनडीए की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अकाली दल ने भी राज्य सभा के उप सभापति पद पर दावेदारी ठोक कर बीजेपी की मुश्किलों को बढ़ाने का काम किया है।

बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और जेडीयू के बीच सीटों के तालमेल और राज्य में कौन बड़ा भाई है, इन लेकर पिछले एक महीने से जमकर बयानबाजी हो रही है। हालांकि जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार ने साफ कहा कि लोकसभा चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। इसके लिए उन्होंने सीटों का फॉर्मूला भी दिया है।

जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में बोले नीतीश – हमारी अनदेखी करने वाले खुद इग्नोर हो जाएंगे

उद्धव ने दिया अमित शाह को झटका, कहा- 2019 में अकेले चुनाव लड़ेगी शिवसेना

रांची : बीजेपी प्रदेश कार्यालय में अनंत कुमार को दी गई श्रद्धांजलि

NewsCode Jharkhand | 12 November, 2018 5:36 PM
newscode-image

रांची। बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन कैंसर से पीड़ित होने के कारण हुई। निधन की सूचना मिलने पर झारखंड बीजेपी प्रदेश कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिसमें मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, सीपी सिंह, रामटहल चौधरी, शिवपूजन पाठक, दीपक प्रकाश, दीनदयाल बरनवाल भाजपा के कार्यकर्ता उपस्थित थे सबों ने उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त किए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने कहा हमारी पार्टी के लिए अनंत कुमार के निधन से अपूरणीय क्षति हुई है। जिसका भरपाई हम लोग नहीं कर पाएंगे। वह एक ऐसे नेता थे। जो भाजपा के कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का कार्य करते थे।

संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए हमेशा रणनीति बनाते रहते थे। और कुछ वर्ष पूर्व झारखंड में चुनाव प्रभारी के रूप में हुई आए थे। फिलहाल कहा जाए तो राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महामहिम कोविंद राम के साथ रांची दौरे पर आए थे।

बहुत ही मिलनसार व्यक्ति थे। राज्यसभा में कभी भी बोलते हुए उनके चेहरे पर किसी भी प्रकार का गुस्से का सिकन तक नहीं देखने को मिलते थे। बहुत ही शांत स्वभाव के व्यक्ति थे उनके साथ काम करने का मौका हमें भी मिला है।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) 

sun

320C

Clear

Jara Hatke

Read Also

बोकारो : भीषण डकैती मामले का खुलासा, जेवरात के साथ दो अपराधी गिरफ्तार

NewsCode Jharkhand | 12 November, 2018 7:46 PM
newscode-image

बोकारो। बीते 26 सितंबर को चास थाना क्षेत्र में ठेकेदार रामसेवक के घर हुई दिनदहाड़े 25 लाख की डकैती मामले का खुलासा हो गया है। रविवार को गिरफ्तार विभाष पासवान और पिंकू पांडेय की स्वीकारोक्ति बयान पर इस कांड में शामिल लूटे गए जेवरात के साथ अन्य दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसकी जानकारी एसपी कार्तिक एस ने प्रेस वार्ता कर दी।

गिरफ्तार अपराधियों ने सेक्टर 12 में अधिवक्ता के घर और कॉपरेटिव कॉलोनी में चिकित्सक के घर डकैती का प्रयास करने के भी मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकारी है।

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों अपराधियों ने दोनों घर से लूटे गए मोबाइल फोन का आईईएमआई कोड बदलने के आरोप में दो दुकानदारों और एक ऑल्टो कार के मालिक को गिरफ्तार किया गया है।

कार्तिक एस ने बातया कि रविवार को गिरफ्तार किए गए अपराधियों के बयान पर ठेकेदार के घर रेकी करने वाले अख्तर हुसैन और एक अन्य साथी मोहम्मद जाहिद उर्फ मंटू को डकैती में लूटे गए तीन जोड़ी पायल और चार मोबाइल के साथ चास स्थित सिटी मॉल के पास से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार लूटे गए मोबाइल का आईईएमआई कोड को बदलने वाले दुकानदार सिद्धेश्वर माहतो और सैयद हुसैन अंसारी को भी लैपटॉप, मोबाइल समेत अन्य सामानों के साथ गिरफ्तार किया गया है।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

रांची : बाबूलाल मरांडी ने कैंसर अस्पताल के शिलान्यास पर सरकार से किये सवाल

NewsCode Jharkhand | 12 November, 2018 5:17 PM
newscode-image

रांची। झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रेस वार्ता कर कहा है कि झारखंड सरकार द्वारा रांची में कैंसर अस्पताल के शिलान्यास का हम स्वागत करते हैं। राज्य के नागरिकों को इसका लाभ मिले, इससे बेहतर किसी के लिए और क्या हो सकता है। इन सबके बीच राज्य सरकार को टाटा समूह व सरकार के बीच हुए करार में तय तमाम बातों को राज्य की जनता के समक्ष रखनी चाहिए।

सरकार टाटा को अस्पताल के लिए निःशुल्क जमीन मुहैया करा रही है। अगर टाटा समूह व सरकार सभी कुछ पारदर्शी तरीके से करती है तो इससे किसी को भला क्या आपत्ति हो सकती है। सरकार को यह स्पष्ट करनी चाहिए कि अस्पताल निर्माण में जो राशि खर्च होगी, उसे सरकार खर्च करेगी या टाटा समूह।

इसी प्रकार लोगों का इलाज निःशुल्क होगा या राशि लगेगी। अगर राशि लगेगी तो अनुमानित ही सही कितनी खर्च करनी होगी। इसी प्रकार अन्य तमाम बातों को पूरी पारदर्शिता से जनता के समक्ष रखने की जरूरत है।

कहने का तात्पर्य है कि अगर लोकहित का हवाला देकर जमीन वगैरह निःशुल्क दिया जा रहा है तो चिकित्सा भी सेवा भाव व जनहित वाला ही रहे। ऐसा सवाल मेरे या जनता के मन में क्यों तैर रहे हैं, इसके लिए आप सबों को थोड़ा पीछे जाना होगा।

हम 19 अगस्त 2005 को टिस्को लीज भूमि का 01 जनवरी 1996 से अगले 30 वर्षो के लिए हुए नवीकरण के राज्यादेश की बात कर रहे हैं। इसके राज्यादेश के मुताबिक टाटा समूह ने सरकार के साथ कई करार किये थे। इसके मुताबिक टिस्को द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 2007 के काम्पलेक्स व इन्फ्रास्ट्राक्चर निर्माण के लिए 150 करोड़ रूपये दिया जायेगा। इस संदर्भ में छानबीन करने पर पता चला है कि टिस्को ने 150 करोड़ की बजाय केवल 50 करोड़ रूपया ही दिया है।

वहीं अगले करार के मुताबिक टिस्को राज्य के बीपीएल परिवारों के लिए चिकित्सा बीमा योजना की प्रीमियम राशि प्रतिवर्ष 25 करोड़ भुगतान करेगी। यानि 1996 से लेकर साल 2018 तक 23 वर्षो में टिस्को द्वारा झारखंड सरकार को कुल 575 करोड़ रूपये भुगतान करना था। पता करने पर जानकारी मिली है कि पिछले तीन वर्षो से 25-25 करोड़ करके अब तक केवल 75 करोड़ की राशि ही टिस्को द्वारा सरकार को दी गई है।

यानि 500 करोड़ बीपीएल परिवार वाला के लिए बीमा की प्रीमियम राशि व 100 करोड़ राष्ट्रीय खेल 2007 के काम्पलेक्स व इन्फ्रास्ट्राक्चर निर्माण की राशि टाटा के पास राज्य सरकार का अब भी बकाया है। दोनों को मिला दिया जाय तो कुल 600 करोड़ की राशि टाटा के पास राज्य सरकार का बकाया है।

अब सरकार को इस बात को स्पष्ट करनी चाहिए कि कहीं इसी बकाये राशि को लेकर ही टाटा समूह के साथ कोई गुप्त समझौता तो नहीं हुआ है कि टाटा बकाये राशि से ही अस्पताल निर्माण करा दे और राज्य की जनता गुमराह होती रहे कि टाटा ने जन सेवा के तहत कार्य किया है।

अगर ऐसा नहीं है तो फिर दोनों की कितनी व कैसी भागीदारी इसके निर्माण में होगी, तमाम पहलुओं को जनता के समक्ष रखनी चाहिए। वहीं पूर्व के बकाये राशि की वसूली पर भी सरकार को अपना पक्ष रखना चाहिए।

सभी बिन्दुओं पर सरकार को जवाब देनी चाहिए। हमें सरकार के जवाब का इंतजार रहेगा। इस दौरान प्रेसवार्ता में केन्द्रीय सचिव सरोज सिंह व केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) 

More Story

more-story-image

रांची : मुख्यमंत्री आमंत्रण फुटबॉल कप प्रतियोगिता, रांची टीम ने...

more-story-image

रांची : छठ महापर्व को लेकर तालाब में चडरी सरना...

X

अपना जिला चुने