अर्जुन कपूर ने किसे कहा, ‘तेरे चुम्मे में च्यवनप्राश है’, देखें वीडियो

NewsCode | 14 May, 2018 6:45 PM

अर्जुन कपूर ने किसे कहा, ‘तेरे चुम्मे में च्यवनप्राश है’, देखें वीडियो

नई दिल्ली। हर्षवधर्न कपूर की आने वाली फिल्म ‘भावेश जोशी सुपरहीरो’ का नया गाना ‘तेरे चुम्मे में च्यवनप्राश हैं’ रिलीज हो गया है। इस गाने के लिए हर्षवधर्न कपूर के कजिन भाई एक्टर अर्जुन कपूर को चुना गया है। इस गाने में अर्जुन कपूर अनोखे अंदाज में नाचते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं हर्षवर्धन कपूर बॉक्सिंग रिंग में फाइट करते दिख रहे हैं।

फिल्म का नया देसी गाना ‘तेरे चुम्मे में च्यवनप्राश हैं’का टीजर रिलीज हो गया है. . गाने के बोल हैं, ‘तेरे चुम्मे में च्यवनप्राश है… मेरी तंदुरुस्ती का यही राज है….’ आपको बता दें कि अर्जुन कपूर ने इस गाने को रिलीज करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है, ‘किसी भी चुम्मे से बेहतर… चुम्मे में च्यवनप्राश है रिलीज हो चुका है।’

इस गाने को जिम के रूप में नजर आने वाले फाइट क्लब में फिल्माया गया है जहां हर्षवधर्न रिंग में एक शख्स के साथ दो-दो हाथ करते नजर आ रहे हैं। गाने के वीडियो में एक तरफ जहां अर्जुन फंकी लुक में नाच रहे हैं वहीं हर्षवधर्न की खून से सने चेहरे के साथ झलकियां देखी जा सकती हैं। फिल्म हर्षवर्धन के करियर की तीसरी फिल्म है। इस फिल्म में हर्ष एक सुपरहीरो बने नजर आएंगे।

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विक्रमादित्य मोटवानी और भावेश जोशी द्वारा निर्देशित सुपरहीरो फिल्म 25 मई को रिलीज होने जा रही है। च्यवनप्राश गाने का वीडियो https://erosnow.com/ वेबसाइट पर देखा जा सकता है। ये गाना यूट्यूब पर अभी रिलीज नहीं हुआ है।

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रांची: झारखंड में बनी फिल्‍म लोहरदगा का प्रदर्शन 25 मई को

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 6:17 PM

रांची: झारखंड में बनी फिल्‍म लोहरदगा का प्रदर्शन 25 मई को

रांची। झारखंड में निर्मित फिल्म लोहरदगा का पहला प्रदर्शन 25 मई को इंटरनेशनल झारखंड फिल्म फेस्टिवल में होगा। इस फिल्म में झारखंड के 100 से ज्यादा कलाकारों ने अभिनय किया है। फिल्म में मुख्य रूप से संजय मिश्रा, विजय राज, अखिलेन्द्र मिश्रा, रवि झांकल, प्रिया अम्बष्ठ और सर्वदमन ने अभिनय किया है।

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इस फिल्म में झारखंड के लोहरदगा और आसपास की घटनाओं को दिखाया गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को भी दर्शाया गया है। बुधवार को प्रेस क्‍लब में संवाददाता सम्‍मेलन आयोजित कर‍ फिल्‍म के निर्माताओं ने फिल्‍म के बारे में बताया।

उन्‍होंने कहा कि यह फिल्म एक मिशन है भटके और फंसे हुए मासूमों की जिंदगी बचाने के लिए। यह एक भवनात्मक थ्रिलर है। इस फ़िल्म में एक ओर जहां गंभीर समाजिक मुद्दे को दर्शाया गया है। मनोरंजन का भी खास ध्यान रखा गया है।

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रोजा तोड़कर जावेद ने कुछ यूं बचाई पुनीत की जिंदगी, पेश की कौमी एकता की मिसाल

NewsCode | 23 May, 2018 4:28 PM

रोजा तोड़कर जावेद ने कुछ यूं बचाई पुनीत की जिंदगी, पेश की कौमी एकता की मिसाल

गोपालगंज। मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। इस बात को सही साबित करते हुए बिहार के गोपालगंज निवासी जावेद आलम ने नेकी के रास्ते को मजहब से बड़ा मान इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की जिसकी हर जगह सराहना हो रही है। उन्होंने गंभीर बीमारी थैलेसीमिया से पीडि़त एक बच्‍चे की जान बचाने को रोजा तोड़कर रक्तदान किया।

जिले के कुचायकोट प्रखंड के टोला सिपाया के रहने वाले भूपेंद्र कुमार का आठ वर्षीय पुत्र थेलेसिमिया से ग्रसित है और बच्चे को प्रत्येक महीने तो से तीन यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। मंगलवार को पुनीत का हीमोग्लोबिन अचानक कम हो जाने के कारण ए+ रक्त की जरूरत पड़ी तो पिता भूपेंद्र कुमार सदर अस्पताल पहुँच कर ब्ल़ड के लिए सिविल सर्जन व ब्लड बैंक का चक्कर लगाने लगे क्योंकि इनके परिवार में उक्त रक्त ग्रुप का कोई भी सदस्य नहीं था।

ऐसे में जब अस्पताल प्रशासन की तरफ से पुनीत को ब्लड उपलब्ध नहीं हुआ तो उन्होंने रक्तदान करने वाली युवाओं की डीबीडीटी के सदस्य अनवर हुसैन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने दोस्त जावेद आलम को फोन कर रक्तदान के लिए सदर अस्पताल बुलाया।

जावेद इस समय रोजे कर रहे हैं। इंसानियत को मजहब से बड़ा फर्ज मान वह तुरंत रक्तदान के लिए अस्पताल पहुंच गए। खाली पेट रक्त लेने से डाक्टर ने मना किया तो जावेद जिद पर अड़ गए। डाक्टर ने उन्हें पहले कुछ खाने की सलाह दी। इसपर खुदा का ध्यान कर जावेद ने जूस आदि पीया और फिर रक्तदान कर थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे की जान बचाई।

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पवित्र माह ए रमजान में जावेद को इस नेक काम पर खुदा का साथ मिला तो बच्‍चे की हालत में सुधार हो रहा है। रक्त देने के बाद बातचीत में जावेद आलम ने कहा कि रोजे से ज्यादा बच्‍चे की जान बचाना जरूरी था। हर धर्म में इंसानियत का दर्जा सबसे बड़ा है।

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देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:43 PM

देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

देवघर फिल्म निर्माण के लिए अच्छा लोकेशन

देवघर। रघुवर सरकार के झारखंड में फिल्म नीति की घोषणा और फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी दिए जाने की पहल के बाद झारखंड में जहां निर्माता-निर्देशकों का फिल्म बनाने के प्रति रुझान बढ़ा है। वहीं देव नगरी देवघर में भी फिल्मों के प्रति निर्माता-निर्देशकों का आकर्षण बढ़ने लगा है।

मनोरम प्राकृतिक छटाओं के बीच स्थित देवघर फिल्म निर्माताओं के अच्छे लोकेशन के लिए एक बेहतर जगह मानी जा रही है देवघर की बात करें तो यहां आधे दर्जन से ज्यादा सिनेमा हॉल थे लेकिन फिल्म नीति की घोषणा नहीं होने और महंगी फिल्मों के कारण लगातार एक के बाद एक सिनेमा हॉल बंद होते गए और आज स्थिति यह है कि देवघर में महज 2 सिनेमा घर ही चल रहे हैं।

जबकि फिल्म नीति की घोषणा होने के बाद ट्रेंड बदला और देवघर में रिलैक्स जैसे मल्टीप्लैक्स खुलने लगे हैं। रघुवर सरकार की फिल्म नीति की घोषणा और सब्सिडी के बाद देवघर फिल्म निर्माताओं के लिए सबसे सस्ती और मनोरम जगह साबित हो रही है, जिसके कारण निर्माता देवघर में भी फिल्में बना रहे हैं।

देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

1999 और 2000 के सालों में सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ लगा करती थी। शो समाप्त होने के बाद सड़कों पर लोगों की भीड़ देखकर लोग अंदाजा लगा लेते थे कि शायद किसी सिनेमा हॉल का कोई शो खत्म हुआ है।

आज हालात यह है कि पिछले 14 सालों में एक के बाद एक सिनेमा हॉल बंद होते गए और आज यह खंडहर में तब्दील हो गए है, लेकिन रघुवर सरकार बनने के बाद फिल्म नीति की घोषणा हुई और निर्माताओं को फिल्म बनाने के लिए सुविधाएं प्रदान की जाने लगी। साथ ही इन्हें सब्सिडी भी दी जाने लगी जिसके बाद निर्माता-निर्देशकों की पहली पसंद है।

झारखंड फिल्म एडवाइजरी कमेटी की सदस्य पायल कश्यप जो झारखंड की पहली महिला निर्देशिका हैं, उनका कहना है कि रघुवर सरकार के फिल्म नीति के बाद बॉलीवुड का रुझान भी झारखंड की तरफ बढ़ा है। देवघर एक पर्यटक स्थल भी है और इसकी पहचान भारतवर्ष में है। ऐसे में यहां के मनोरम दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं लिहाजा आज यहां लगातार दो फिल्मों की शूटिंग होने जा रही है, जिसका मुहूर्त भी हो चुका है और वह समय दूर नहीं जब देवघर बॉलीवुड की पहली पसंद बनेगी।

संथाल परगना का पहला मल्टीप्लैक्स OLX

देवघर के खंडहर में तब्दील हो चुके यह सिनेमाघर के दिन फिर से वापस आने वाले हैं जिसकी शुरुआत मल्टीप्लेक्स खोले जाने से शुरू हो चुकी है। आज देवघर में संथाल परगना का पहला मल्टीप्लैक्स OLX खुल चुका है।

वहीं दूसरी तरफ कई सिनेमाघर मालिक भी अपने सिनेमाघरों को फिर से शुरू करने की कवायद शुरू कर चुके हैं। श्रम मंत्री राज पलिवार ने कहा कि रघुवर सरकार के फिल्म नीति लागू किए जाने के बाद फिल्मों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है और सिनेमाघरों के पुराने दिन फिर से वापस आने वाले हैं

देवघर में फिल्मों के निर्माण होने से स्थानीय कलाकार उत्साहित

देवघर में फिल्मों के निर्माण होने से ना सिर्फ निर्माता-निर्देशक उत्साहित है बल्कि यहां के स्थानीय कलाकार भी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड के कई कलाकार यहां अपना मुहूर्त कर रहे हैं।  ऐसे में भोजपुरी फिल्मों का क्रेज और फिल्मों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है।

कलाकार भी कहते हैं कि उनकी हैसियत नहीं है कि वह मुंबई जैसे शहरों में जाकर स्ट्रगल करें। ऐसे में देवघर में ही उन्हें मौका मिल रहा है जबकि लेडी सिंघम जैसे फिल्मों के निर्देशक कहते हैं कि देवघर का लोकेशन बहुत अच्छा है और लोगों को काफी पसंद भी आ रहा है।

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वही बॉलीवुड की अदाकारा ऐश्वर्या भी कहती है कि इन्हें देवघर आकर अच्छा लगा और यहां के लोकेशन और लोगों का व्यवहार भी इतना पसंद आया कि यह बार-बार यहां फिल्म शूटिंग के लिए आना चाहते हैं

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