बेरमो : देश के लिए शहीद हुए जवान के परिवार वालों को पेंशन तक मयस्सर नहीं

NewsCode Jharkhand | 13 June, 2018 2:28 PM
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बीएसएफ जवान कनक कुमार सिंह की प्रथम पुण्यतिथि

बेरमो (बोकारो)। जम्मू सेक्टर में आतंकियों को मार गिराने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायण के हाथों वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (पीपीएमजी) और वीरता के लिए पुलिस पदक (पीएमजी) से सम्मानित 76 बटालियन के बीएसएफ जवान कनक कुमार सिंह के प्रथम पुण्यतिथि का आयोजन किया गया।

श्रद्धांजलि समारोह पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 12 जून को आसरा द्वारा आयोजित कार्यक्रम  जारंगडीह स्थित ढोरी माता तीर्थालय  के चर्च ग्राउंड में वीर शहीदों को श्रदांजलि देकर  व उनके परिवारों को सम्मानित कर सम्पन्न किया गया।

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वहीं इस कार्यक्रम से पूर्व सभी वीर शहीदो के लिए दो मिनट का मौन व्रत रख उनकी आत्मा की शांति की कामना किये   कार्यक्रम का संचालन आसरा के संस्थापक उदय शंकर झा और पंकज के द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में शामिल लोग

संत एंटोनी स्‍कूल के बच्चों द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुती दी गयी। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई दिग्गज माननीय महोदय शामिल हुए। जिनमे बेरमो विधायक योगेश्वर महतो बाटूल, डॉ लंबोदर महतो, बोकारो जिला कांग्रेस महामंत्री वरूण कुमार सिंह, आजसू के संतोष महतो, समीर गिरी, सीएसझा, लालेन्द्र ओझा, जारंगडीह उत्तरी पंचायत मुखिया मो इम्तीयाज अंसारी, पंसस गौतम राम सहित कई लोग मुख्य रूप से शामिल हुए।

शहीद के परिवार वालों को सम्‍मान

इस कार्यक्रम के दौरान शहीद वीर के परिवार के सदस्यों को शामिल मुख्य अतिथि व पंचायत प्रतिनिधियों के हाथो बुके व शौल ओढा कर सम्मान दिया गया  शहीद वीर जवानो मे  इन्हे भी श्रद्धाजंली दिया जायेगा जो 17 दिसम्बर 2016 को आर्मी के जवानों से भरे बस में हुए आतंकवादी हमला में आर्मी के जवान गनर शशिकांत पांडेय शहीद हुए थे।

जम्मू के बांदीपूरा में पोस्टेड थे साथ ही भारत तिब्बत पुलिस बल के जवान पप्पू प्रसाद 17 नवम्बर 2017 को जम्मू कश्मीर के श्रीनगर स्थित अनंतनाग जिले में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के बुर्कापाड़ा में 4 अप्रैल 2014 को नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान विनोद यादव तेनुघाट के रहने वाले थे।

परिजनों ने सुनाया अपना दर्द

मौके पर शहीद वीर जवानों के परिवार के सदस्यों ने अपनी आप बीती भी सुनाई। जहां शहीद वीर विनोद यादव की पत्नी अंजू देवी ने बताया कि पेंशन नहीं मिल रहा है और साथ ही सरकारी सुविधाओं से भी वंचित हैं। वहीं इस मंच पर ही शहीद वीर पप्पू यादव के पिता भुनेश्वर यादव ने बताया कि 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकारी दफ्तरों का ही चक्कर लगाना पड़ रहा है। सरकारी कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

आर्थिक सहायता दिलाने का विधायक ने दिया भरोसा

वहीं इन सभी समस्याओ को सुन बेरमो विधायक ने आसरा के सदस्यों को शहीदों के दस्तावेज लेकर मिलने जबकी लंबोदर महतो ने तेनुघाट मे निवास कर रहे शहीद परिवार के बच्चों की शिक्षा में जो भी खर्च आयेगा उस खर्च को इस महीने से खुद वहन करने की बात कही। कहा कि सरकारी लाभ दिलाने का पुरा प्रयास और नौकरी दिलाने में भी भरपूर सहयोग किया जायेगा।

भक्ति गीतों ने बांधा समा

वहीं इस दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा एक से एक देश भक्ति गीत सुनाया गया। बौछार किया गया जहां नन्ही संगीत कलाकार आरोही चक्रवती और सीसीएल कर्मी रविन्द्र कुमार डे ने उपस्थित लोगों को अपने आवाज से मंत्र मुग्ध कर लिया। साथ ही बासुरी बाध्क मोहन ने अपने धुन से उपस्थित लोगों को आकृषित कर लिया।

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रांची : नेहरू जयंती पर एचईसी कर्मियों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित की

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 6:58 PM
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रांची। 14 नवंबर को पंडित जवाहरलाल नेहरू के 129वीं जयंती के अवसर पर एचईसी के फ्रेंडशीप एवेन्यू पार्क में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पंडित नेहरू के श्रद्धा सुमन अर्पित कर एचईसी कर्मियों नें उन्हें याद किया।

कार्यक्रम में एचईसी के निदेशक (कार्मिक)एम के सक्सेना, निदेशक (विपणन) राण एस चक्रवर्ती, मुख्य सतर्कता अधिकारी दीपक कुमार सहित कई लोगों ने पंडित नेहरू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने पंडित नेहरू के कार्यों को याद किया और कहा कि उनहे दिखाए मार्ग पर चलकर ही आगे बढ़ा जा सकता है।

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पलामू : अर्घ्य देने के लिए नहाने के क्रम में पानी में डूबने से अधेड़ की मौत

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:24 PM
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पलामू। लेस्लीगंज तालाब में छठ पर्व पर अर्ध्य देने के लिए नहाने के दौरान डूबने से अधेड़ की मौत हो गयी। तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से शव बाहर निकाला जा सका। शव की पहचान लेस्लीगंज निवासी कुंज बिहारी भुइयां (58वर्ष) के रूप में हुई है।

कुंज बिहारी भुइयां की पत्नी छठ व्रत की थी। सुबह करीब पांच बजे उदीयमान सूर्य के अर्ध्य लेने के लिए कुंज बिहारी तालाब में नहा रहा था। तालाब में इस पार से उस पार जाने के क्रम में कुंजबिहारी पानी की गहराई में समा गया। काफी देर तक जब उसका कुछ अता-पता नहीं चला तो उसकी खोजबीन शुरू की गयी। पूर्वाहन में उसका शव तालाब से बरामद किया जा सका।

कल तक छठ व्रत पर खुशी-खुशी भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की तैयार में जुटा कुंजबिहारी के परिवार के सदस्यों को उसकी मौत की सूचना जैसे ही मिली, उनके बीच चीख-पुकार मच गयी। पत्नी और बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे।

सूचना मिलने पर लेस्लीगंज बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी वीरेन मिंज मौके पर पहुंचे। बाद में गोताखोरों को बुलाकर तालाब में छानबीन की गयी। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया। कुंजबिहारी भुईयां के तीन लड़के व दो लड़कियां हैं, सभी शादीशुदा हैं।

मौके पर भाजपा नेता अमित उपाध्याय, लेस्लीगंज मुखिया धर्मेंद्र सोनी, कोट पंचायत मुखिया संतोष मिश्रा, तारकेश्वर पासवान सहित कई लोगों ने शव को निकलवाने में पहल की।

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कहीं समारोह तक ही सीमित न रह जाये स्थापना दिवस- योगेन्द्र प्रताप

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:05 PM
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रांची। झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा की धरती माने जाने वाला झारखंड आज अपनी 18वीं सालगिरह मना रहा है। कह सकते हैं कि आज हमारा झारखंड बालिग हो गया। झाविमो की ओर से सर्वप्रथम भगवान बिरसा को नमन।

हर साल सरकार स्थापना दिवस तो धूमधाम से मनाती है परंतु अफसोस यह आयोजन महज एक समारोह तक ही सीमित होकर रह जाता है। सरकार जो संकल्प लेती है, जिन योजनाओं की घोषनाएं या शिलान्यास करती है वह धरातल पर कितनी उतर पाती हैं, पूर्व की घोषनाओं का कितना लाभ जनमानस को मिला है, सरकार को कभी उसकी भी समीक्षा कर लेनी चाहिए।

2014 के बाद के भाजपा सरकार द्वारा 2015 से लेकर 2017 यानि तीन स्थापना दिवस के मौके पर की गयी घोषनाओं पर गौर डाला जाय तो उनमें से अधिकांशतः घोषनाएं हवा-हवाई ही साबित हुई है, कुछ धरातल पर उतरी भी तो बाद में उसका हश्र भी बुरा ही हुआ।

मुख्यमंत्री तो घोषणा इतनी कर चुके हैं कि अगर आधी भी सरजमीं पर उतर गई होती तो अब तक झारखंड समृद्ध हो गया होता। 2015 के समारोह में सीएम ने कहा था कि जनता राम-सीता है और वे हनुमान हैं। वे जनता के सेवक हैं तथा जनता और उनके बीच दूरी नहीं होगी।

अब जो सरकार अपने ही गृहनगर के दूसरे पायदान का दर्जा रखने वाले एक मंत्री से चार वर्षो में दूरी नहीं पाट सके, जनता की दूरी भला क्या पाटेंगे। पिछले तीन स्थापना दिवस के दौरान और भी कई बातें हुई।

झारखंड को निवेशकों की पहली पसंद बनाने, औद्योगिक घरानों के लिए एक लाख हेक्टेयर भूमि चिन्ह्ति करने की बात हुई। सरकार को श्वेत पत्र जारी कर बतानी चाहिए कि किन निवेशकों ने राज्य में कितने का निवेश किया है और किस उद्योग को कितनी जमीन आवंटित की गई तथा इससे जनता को क्या लाभ हो रहा है।

एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक स्मार्ट सड़क, केन्द्र से 10000 करोड़ की सड़क निर्माण, जोहार योजना, मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना, जनता के लिए लांच किये 15 मोबाईल एप, कृषि रथ, बेरोजगारी व पलायन रोकने के लिए कौशल विकास योजना, 25 डाइविंग ट्रेनिंग सेंटर, 2017 गरीब कल्याण वर्ष, 37 नदियां जलमार्ग में विकसित की योजना, 108 एंबुलेंस, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, हरमू फ्लाईओवर आदि तमाम योजनाओं का आज क्या हश्र है।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा में 50 हजार से लेकर दो लाख तक निःशुल्क इलाज की बात है परंतु यहां रिम्स में महज 50 रूपये के लिए मौत हो रही है। एंबुलेंस के बिना मरीज मर रहे हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

तमाम योजनाएं महज कागजी हैं परंतु सरकार केवल अपनी पीठ खुद थपथपाने की आदी हो चुकी है। झाविमो का मानना है कि राज्य अलग होने की सार्थकता तभी होगी जब राज्य की जनता वास्तव में खुशहाल होगी न कि केवल घोषनाओं से।

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