Auto Expo 2018 : नई होंडा अमेज़ से उठा पर्दा, जानें क्या है खास

NewsCode | 7 February, 2018 1:43 PM
newscode-image

होंडा ने ऑटो एक्सपो-2018 में नई होंडा अमेज़ से पर्दा उठाया है। भारत में इसे आने वाले कुछ

महीनों में लॉन्च किया जाएगा। इसका मुकाबला मारूति सुज़ुकी डिजायर, हुंडई एक्सेंट, फॉक्सवेगन एमियोटाटा टिगॉरजेस्टऔर फोर्ड फीगो एस्पायर से होगा।

दूसरी जनरेशन की अमेज़ को कंपनी के नए प्लेटफार्म पर तैयार किया गया है। इसी प्लेटफार्म पर ब्रियोहैचबैक भी बनी है। नई अमेज़ में स्टाइलिश कर्व लाइनें दी गई हैं, कुछ ऐसी ही कर्व लाइनें दसवीं जनरेशन की अकॉर्ड में भी देखी जा सकती हैं। नई अमेज़ में लंबा बोनट दिया गया है, जो इस में लंबी कारों वाला अहसास लाता है। नई अमेज़ की ग्रिल साइड वाले हिस्सों तक फैली हुई है। ग्रिल के दोनों ओर पतले रैपराउंड हैडलैंप्स, डे-टाइम रनिंग एलईडी लाइटों के साथ दिए गए हैं।

Auto Expo 2018 : New Honda Amaze showcased | NewsCode - Car News

राइडिंग के लिए इस में 15 इंच के व्हील दिए गए हैं, वहीं पुराने मॉडल में 14 इंच के व्हील दिए गए थे। पीछे की तरफ ध्यान दें तो यहां रैपराउंड एलईडी टेललैंप्स दिए गए हैं।

इंजन और परफॉर्मेंस

Auto Expo 2018 : New Honda Amaze showcased | NewsCode - Car News

पेट्रोल डीज़ल
इंजन क्षमता 1.2 लीटर आई-वीटेक 1.5 लीटर आई-डीटेक
पावर 88 पीएस 100 पीएस
टॉर्क 109 एनएम 200 एनएम
गियरबॉक्स 5-स्पीड मैनुअल/सीवीटी 5-स्पीड मैनुअल
माइलेज 17.8 किमी प्रति लीटर 25.8 किमी प्रति लीटर

यह भी पढें :

Auto Expo 2018 : हुंडई एलीट आई20 फेसलिफ्ट लॉन्च, जानें कीमत और खासियत

ऑटो एक्सपो 2018 : टाटा मोटर्स करेगी नई Tata H5 एसयूवी का प्रदर्शन

नई होंडा सीआर-वी की कीमत और खासियतें, जानिये यहां…

सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न

NewsCode | 24 June, 2018 1:21 PM
newscode-image

नई दिल्ली। सऊदी अरब में आज रविवार से महिलाओं को आधिकारिक तौर पर सड़कों पर गाड़ी चलाने की अनुमति मिल गई है। इसी के साथ सऊदी अरब महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने वाला दुनिया का आखिरी देश बन गया है। मालूम हो कि सऊदी अरब दुनिया का अकेला देश था जहां महिलाओं को ड्राइव करने की आजादी नहीं थी।

राजधानी जेद्दा में आधी रात से ही सड़कों पर इस आजादी का जश्न देखने को मिला, जहां कई महिलाएं स्टियरिंग थामें नजर आईं और हर कुछ दूरी पर खड़े कई लोग उन्हें बधाई देते दिख रहे थे। इस देश के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि 60 से अधिक वर्षों से महिलाएं सिर्फ यात्री सीट पर ही बैठती थीं यानी खुद गाड़ी नहीं चला सकती थीं। गाड़ी चलाने पर लगा बैन हटने से खाड़ी देश में 1.51 करोड़ महिलाएं पहली बार सड़कों पर गाड़ी लेकर उतरने में सक्षम हो सकेंगी।

बता दें कि सऊदी अरब ने सितंबर 2017 में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने का ऐलान किया था। यह फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 कार्यक्रम का हिस्सा है, ताकि अर्थव्यवस्था को तेल से अलग कर सऊदी समाज को खोला जा सके। उन्होंने जून 2018 तक इस आदेश को लागू करने की बात कही थी। सऊदी के शासक सलमान के इस कदम की दुनियाभर में तारीफ हुई।

सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न Ban on Women driving ends in Saudi Arabia | NewsCode - Hindi News

जेद्दाह की एक महिला हम्सा अल-सोनोसी ने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं अपनी जिंदगी में इस दिन को देख पाउंगी। जेद्दाह महिलाओं को लाइसेंस देने वाला देश का दूसरा शहर है।

गौरतलब है कि सऊदी अरब की गिनती कट्टरपंथी देश के तौर पर होती है, जहां महिलाओं के लिए कई पाबंदियां और सख्तियां हैं। उन्हें अभी तक वो अधिकार भी नहीं मिले हैं, जो दुनिया के बाकी देशों की महिलाओं को हैं। यहां महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस का अधिकार दिलाने के लिए लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा था। कई महिलाओं को तो नियम तोड़ने के लिए सजा तक दी गई।

कई महिलाएं ब्रिटेन, कनाडा या लेबनान जैसे देशों में जा कर अपने लिए अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया करती थीं। इनमें से कुछ ने सोमवार को एक छोटा सा ड्राइविंग टेस्ट दिया, जिसके बाद इन्हें सऊदी अरब के नए लाइसेंस दिए गए।

ड्राइविंग लाइसेंस पाने वाली पहली महिलाओं में से एक रेमा जवदात का कहना है, “सऊदी अरब में ड्राइव करने का मेरा सपना पूरा होने जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए ड्राइविंग का मतलब है अपनी पसंद से कुछ करना, आजाद होना। अब हमारे पास विकल्प हैं।”

सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति

– सऊदी अरब में महिलाओं के प्रति होने वाली घरेलू हिंसा और यौन शोषण को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। एक स्टडी में यहां के 53 फीसदी पुरुषों ने माना था कि उन्होंने घरेलू हिंसा की है। वहीं, 32 फीसदी ने यह भी माना कि उन्होंने अपनी पत्नी को बुरी तरह चोट पहुंचाया।

– सऊदी में महिलाएं अकेले प्रॉपर्टी भी नहीं खरीद सकतीं। यहां एक महिला के तौर पर प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए दो पुरुष गवाह जरूरी हैं।

– पुरुष गवाह के बिना महिलाओं की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकती। इसके साथ ही उन दो पुरुषों की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए चार और पुरुष गवाहों की जरूरत होती है।

– सऊदी अरब में पुरुषों की तरह महिलाओं को कानूनी तौर पर बराबरी हासिल नहीं है। ऐसे कई काम जिन्हें पुरुष कर सकते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए वो काम प्रतिबंधित हैं।

– यहां महिलाएं विदेश यात्रा नहीं कर सकतीं। पसंदीदा रहने की जगह नहीं चुन सकतीं। पासपोर्ट या फिर नेशनल आईडी कार्ड के लिए अप्लाई नहीं कर सकतीं।

अब समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा कर सकेंगे भारतीय, सऊदी अरब ने दी मंजूरी

बदल रहा सऊदी अरब का चेहरा, अब महिलाओं को स्टेडियम जाकर मैच देखने की मिली इजाजत

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

कोडरमा : कला की धरा पर कलाकृतियों की बारीकियां बच्चों को सिखा रहे हैं अमर घोष

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 5:47 PM
newscode-image

कोडरमा। कला की धरा पर कलाकृतियां बिखेरना 68 वर्षीय अमर घोष की खासियत है। अब तक कोडरमा जिले के तकरीबन 500 बच्चों (छात्र-छात्राओं) को ये पेंटिंग, ड्राइंग, मूर्तिकला, पेपरमसवर्क, थर्मोकोल वर्क, पलास्टर ऑफ़ पेरिस, हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में सभी स्तर की बारिकियों से परिपूर्ण बना उस क्षेत्र में दक्ष बना चुके है। इनका यह अभियान अनवरत जारी है।

कोडरमा : प्रतिदिन सड़क दुर्घटना में जा रही है लोगों की जान, यह है कारण

मौजूदा समय में कला क्षेत्र के धनी अमर घोष तिलैया शहर में रेलवे क्रांसिग के निकट मधुबन काप्लेक्स परिसर में चित्रलिपि के नाम से एक प्रशिक्षण संस्थान चला रहे है। जहाँ सप्ताह में तीन दिन बच्चों को आर्ट क्लास के दौरान उन्हें जानकारियां देकर गढने का काम करते हैं। जिले के कई निजी स्कूलों में भी वे बतौर आर्ट शिक्षक बच्चों को जानकारी देते हैं। ये छात्रों को रिजेक्टेड वाटर बोतल से घर सजाने के हैंडीक्राफ्ट की जानकारी भी देते हैं।

बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनके भीतर आर्ट की बारिकियों को समझने की ललत थी। इस सफर के दौरान उन्होंने इंडियन आर्ट कालेज पश्चिम बंगाल के गोल्ड मेडल प्राप्त प्रध्यापक अजय दास से भी इसके गुर सीखे, बाद के दिनों में 1974-75 में रविन्द्र भारती बंगीय संगीत परिषद धनबाद से उन्होंने आर्ट में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है।

मौजूदा समय में उनकी इच्छा है वे ज्यादा से ज्यादा बच्चों को आर्ट की बारिकियां सिखा सके। वे कहते है खासतौर पर छोटे-छोटे नौनिहालों की प्रतिभा निखारने में उन्हें ज्यादा खुशी मिलती है।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

धनबाद : पानी-बिजली की किल्‍ल्‍त से परेशान ग्रामीण उतरे सड़क पर

Baidyanath Jha | 24 June, 2018 5:45 PM
newscode-image

धनबाद। जिले में पानी व बिजली की समस्या से परेशान आम लोग अब सड़क पर उतरकर प्रशासन का विरोध करने लगे हैं। ताजा मामला धनबाद केंदुआ का है जहां लोगों ने आज एनएच 32 को घंटों जाम कर पानी व बिजली की मांग की।

मिली जानकारी के अुनसार एनएच 32 सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण रोड निर्माण कंपनी द्वारा पाईप लाइन क्षतिग्रस्त कर दिए जाने के कारण केंदुआ, करकेंद और कुसुंडा क्षेत्र में घोर पानी की किल्लत कई दिनों से बनी हुई है।

धनबाद : क्विक रिस्पांस टीम करेगी बिजली व पानी की समस्‍या का समाधान

पानी नहीं मिलने से परेशान स्‍थानीय महिलाओं ने हाथ में बर्तन लेकर एनएच 32 को जाम कर पानी देने की मांग करने लगे।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

More Story

more-story-image

दिल्ली : सेना के अफसर की पत्नी की हत्या, आरोपी...

more-story-image

दुमका : ताइक्‍वांडो व कुश्‍ती प्रतियोगिता आयोजित, प्रतिभागियों ने दिखाया...