भारतीय बाजार पर ध्यान केंद्रित करेगी एप्पल

NewsCode | 2 May, 2018 4:53 PM

भारतीय बाजार पर ध्यान केंद्रित करेगी एप्पल

सैन फ्रांसिस्को| दुनिया भर में एप्पल के आईफोन्स की घटती मांग की रपटों को खारिज करते हुए एप्पल ने साल 2018 की दूसरी तिमाही में 61.1 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया है, और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने कहा है कि बढ़ते भारतीय बाजार में कंपनी नई ऊर्जा लगाएगी। कंपनी के नतीजे जारी करते हुए मंगलवार देर रात कुक ने कहा, “मुझे भारत से शुरू करने दीजिए, और उसके बाद मैं चीन के बारे में बात करूंगा। हमने पहली छमाही में नया रिकार्ड बनाया है, इसलिए हम वहां बड़ी ऊर्जा लगाना जारी रखेंगे.. समय के साथ हमारा उद्देश्य खुदरा और अन्य सभी चीजों से हमारी सभी अलग-अलग पहलों के साथ वहां जाना है।”

उन्होंने कहा, “इसलिए हम वहां इन चीजों पर काम कर रहे हैं। यह एक विशाल बाजार है और स्पष्ट है कि वहां बहुत सारे लोगों का स्तर बढ़ रहा है और वे मध्य वर्ग में शामिल हो रहे हैं, जैसा कि हमने अन्य देशों में देखा है।”

कंपनी का 61.1 अरब डॉलर का तिमाही राजस्व पिछले साल की तिमाही से 16 फीसदी अधिक है और अंतर्राष्ट्रीय बिक्री इस तिमाही के राजस्व का 65 फीसदी है।

–आईएएनएस

SBI को अब तक का सबसे बड़ा घाटा, दिसंबर-मार्च 2018 तिमाही में ₹7718 करोड़ का नुकसान

NewsCode | 22 May, 2018 8:08 PM

SBI को अब तक का सबसे बड़ा घाटा, दिसंबर-मार्च 2018 तिमाही में ₹7718 करोड़ का नुकसान

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को पिछले वित्त वर्ष की चौथी यानी जनवरी-मार्च 2018 तिमाही में कुल 7,718 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा हुआ है। ये अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा है। एसबीआई ने आज अपना तिमाही परिणाम घोषित किया।

इसके मुताबिक, एक साल में बैंक का एनपीए दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गया है। बैंक की नॉन-परफॉर्मिंग ऐसेट्स (एनपीए) वित्त वर्ष 2016-17 के 177866 करोड़ रुपये और 9.11 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2017-18 में 2,23,427 करोड़ रुपये और 10.91 प्रतिशत हो गया है। पिछले साल जनवरी-मार्च तिमाही में एनपीए 11,740 करोड़ रुपए था जो 22,096 करोड़ रुपए हो गया है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में ये 18,876 करोड़ रुपए था।

लगातार दूसरी तिमाही में घाटा

आपको बता दें कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भी एसबीआई को 2,416.37 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। जबकि पिछले साल की तीसरी तिमाही में 2,814.82 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। इस तरह वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान बैंक को 6,547 करोड़ का नुकसान हुआ है जबकि 2016-17 में 10,484 करोड़ का मुनाफा हुआ था।

बैंक की बढ़ी आय 

चौथी तिमाही में एसबीआई की आय 68,436.06 करोड़ रुपए रही है। पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही में आय 57,720.07 करोड़ रुपए थी। पूरे वित्त वर्ष के दौरान आय 2,59,664 करोड़ रुपए रही है जो 2016-17 में 2,10,979 करोड़ थी। जनवरी-मार्च तिमाही में ब्याज से आय 10.5% बढ़कर 19,974 करोड़ रुपए हो गई।

पिछले साल की चौथी तिमाही में ये 18,070.7 करोड़ रुपए थी। बैंक ने बताया कि उन्होंने राइट-ऑफ किए गए लोन में से उसने 21.18 प्रतिशत की रिकवरी हुई है। बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2017 में 59,461 करोड़ रुपये के मुकाबले पिछले वित्त वर्ष में 0.08% की वृद्धि के साथ उसे 59,511 करोड़ रुपये की ऑपरेटिंग प्रॉफिट रही।

पीएनबी के बाद सबसे बड़ा तिमाही घाटा

भारतीय बैंकिंग इतिहास में पीएनबी के बाद एसबीआई को सबसे बड़ा तिमाही घाटा हुआ है। नीरव मोदी के घोटाले की वजह से चौथी तिमाही में पीएनबी को रिकॉर्ड 13,417 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं एनपीए बढ़ने से एसबीआई को 7,718 करोड़ का घाटा हुआ है।

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पेट्रोल-डीजल के दाम उफान पर, टूटे सारे रिकार्ड

NewsCode | 22 May, 2018 2:07 PM

पेट्रोल-डीजल के दाम उफान पर, टूटे सारे रिकार्ड

नई दिल्ली। सरकार के तमाम दावों के बावजूद पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें मंगलवार को एक बार फिर बढ़ गई है। रविवार के बाद सोमवार को भी कीमतें बढ़ गई हैं। पेट्रोल 30 पैसे जबकि डीजल की क़ीमतों में 26 पैसे की बढ़ोतरी हुई है।

सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल 76.87 रुपए और डीजल 67.82 रुपए प्रति लीटर है। वहीं मुंबई में पेट्रोल की कीमत 84.44 रुपए प्रति लीटर और डीजल 72.21 है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ऐसे में क़ीमतों को लेकर सरकारी कोशिशें ज़मीन पर तो कामयाब होती नज़र नहीं आ रही हैं।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर स्‍थानीय लोगों का कहना है कि जिस तेजी से पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, वह समय दूर नहीं जब पेट्रोल के दाम 100 रुपये तक पहुंचेंगे। यात्रा करने के लिए ईंधन खरीदने के अलावा हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। सरकार को कीमतों को कम करना चाहिए। यह हमारे बजट को प्रभावित कर रहा है।’

गौरतलब है कि कर्नाटक में मतदान से पहले 19 दिनों तक पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में इज़ाफा नहीं हुई था और पिछले 9 दिनों से लगातार कीमतें बढ़ रही हैं। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ओपेक (OPEC) देशो में तेल के कम उत्पादन की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत में इज़ाफा हुआ है।

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पेट्रोल-डीजल की कीमत में लगातार हो रही वृद्धि का कारण तेजी से कच्चे तेल की बढती मांग भी है। कच्चे तेल की कीमत हालांकि अभी 70 डॉलर प्रति बैरल है। साल 2013-14 में यह रेट 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहंच गया था। इंडियन बास्केट के कच्चे तेल की कीमत घटी, लेकिन कई तरह के टैक्स की वजह से देश में पेट्रोल-डीजल महंगा हो रहा है।

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रूस के सोचि में राष्‍ट्रपति व्‍लादिमिर पुतिन से मिले पीएम नरेंद्र मोदी, दोस्ती बढ़ाने पर हुई चर्चा

NewsCode | 21 May, 2018 6:04 PM

रूस के सोचि में राष्‍ट्रपति व्‍लादिमिर पुतिन से मिले पीएम नरेंद्र मोदी, दोस्ती बढ़ाने पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को सोचि शहर में मुलाकात की। पीएम मोदी ने पुतिन को चौथी बार रूस के राष्ट्रपति बनने के लिए बधाई दी। पीएम मोदी ने सोचि में कहा कि भारत और रशिया लंबे समय से दोस्त रहे हैं। मैं आभारी हूं कि राष्ट्रपति पुतिन ने मुझे सोचि में इस अनौपचारिक बैठक के लिए आमंत्रित किया।

पीएम मोदी ने कहा कि रशिया ने भारत को एससीओ (SCO) में स्थायी सदस्यता दिलवाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि हम इंटरनैशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपॉर्ट कॉरिडोर (INSTC) पर और BRICS के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

रूस रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर इस दौरे के बारे में जानकारी दी। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी वार्ता से दोनों देशों के बीच संबंधों में और मजबूती आएगी।

इस अनौपचारिक शिखर बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के अलावा ईरान के साथ परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने पर विशेष रूप से चर्चा होगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मोदी और पुतिन के बीच ‘ बिना किसी एजेंडे ’ की भी बातचीत होगी। इन में अंतरराष्‍ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ ही आतंकववाद, अफगानिस्‍तान-पाकिस्‍तान के हालात और सीरिया के साथ ही आईएसआईएस पर भी चर्चा होने की संभावना है।

सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस अनौपचारिक मुलाकात का एक बड़ा हिस्‍सा वन-टू-वन होगा और प्रतिनिधिमंडल के सिर्फ कुछ ही सदस्‍यों को मंजूरी दी जाएगी। मुलाकात के दौरान शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) में भारत-रूस के आपसी सहयोग पर बात की जाएगी।

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इसके अलावा ब्रिक्‍स यानी ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका की भागीदारी पर भी चर्चा होगी। पुतिन और मोदी इसके साथ ही तीसरे देश में असैन्‍य परमाणु सहयोग पर भी बात करेगे। दोनों की मुलाकात करीब पांच घंटे की होगी।

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