चीन के लोगों को ‘टॉयलेट’ दिखाएंगे अक्षय कुमार

NewsCode | 7 June, 2018 3:34 PM
newscode-image

नई दिल्ली। चीनी सामानों का भारतीय बाजार में काफी जोर है। लेकिन इस एक मामले में यह तस्वीर उल्टी ही नजर आ रही है। जी हां, भारत में बन रही फिल्में अब चीन में अपना जबरदस्त असर दिखा रही हैं और चीनी बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए कीर्तिमान बना रही है। दरअसल, चीन के लोग भारतीय फिल्मों को खासा पसंद कर रहे हैं और हमारे पड़ोसी मुल्कों में पाकिस्तान के बाद अब चीन भी ऐसा देश बन गया है जहां भारतीय फिल्मों को बाजार मिल रहा है।

आपको बता दें कि सबसे पहले आमिर खान की फिल्मों ने चीन के दर्शकों का मन मोहा और रिकॉर्डतोड़ कमाई की, उसके बाद यह सिलसिला शुरू हुआ। आमिर की देखादेखी दूसरे बॉलीवुड सितारे भी चीन के बॉक्स ऑफिस पर अपनी फिल्मों को रिलीज करने में जुट गए हैं। आमिर की 3 इडियट्स, पीके और दंगल की कामयाबी के बाद सलमान खान ने भी अपनी सुपरहिट फिल्म बजरंगी भाईजान को चीन में रिलीज किया। सलमान की इस फिल्म ने भी उम्मीद से बढ़कर कमाई की। अब बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार भी आमिर और सलमान की राह चल पड़े हैं और चीन में अपनी फिल्म ‘टॉयलेट – एक प्रेम कथा’ रिलीज करने जा रहे हैं।

ज्ञात हो कि चीनी दर्शकों की बेहतर समझ के लिए फिल्मों के पोस्टर्स में थोड़ा बदलाव किया जाता रहा है। ऐसा ही कुछ अक्षय कुमार की फिल्म ‘ट्वॉयलेट एक प्रेम कथा’ के साथ हुआ है। जी हां, इस फिल्म को चीन में रिलीज करने से पहले नया पोस्टर जारी किया गया है। फिल्म के पोस्टर पर चाइनीज भाषा में ही फिल्म का नाम लिखा है जिसमें एक ओर अक्षय कुमार खड़े हैं और दूसरी तरफ भूमि पेडनेकर। दोनों ने एक-दूजे का हाथ पकड़ा है और लिबास पहना है दूल्हे और दुल्हन का।

अक्षय कुमार ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ का यह पोस्टर रिलीज किया है। अक्षय कुमार ने साथ ही लिखा कि ”मैं बेहद खुश हूं कि हमारी फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ नए प्लैटफॉर्म पर रिकॉर्ड तोड़ने जा रही है। यह फिल्म ‘टॉयलेट हीरो’ के तौर पर रिलीज होने को तैयार है। यह फिल्म चीन में 4300 सिनेमाघरों में 8 जून को रिलीज होगी। जी हां, चीन में फिल्म का नाम बदलकर ‘टॉयलेट हीरो’ कर दिया गया है। इसके बाद अक्षय कुमार ने चीनी भाषा में दर्शकों को लिखते हुए कहा, ‘अब आपसे सिनेमाघर में मिलते हैं।’


बता दें कि ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ को श्री नारायण सिंह ने डायरेक्ट किया है और यह उनकी डेब्यू फिल्म है। फिल्म का बजट 22 करोड़ रुपए था और इसे कमाने के बाद फिल्म से होने वाली कमाई में अक्षय का 80 फीसदी हिस्सा मिला।

चीन में अब आमिर के इस फिल्म की बोल रही तूती, 2 दिन में कमाए 100 करोड़ रुपए

वीडियो : जब हाथों पर चले अक्षय, कहा- सिर्फ 6 पैक एब्स दिखाना फिटनेस नहीं

14 साल के प्रियांशु का बड़ा कारनामा- एक पारी में ठोके 556 रन, जड़े 98 चौके

NewsCode | 1 November, 2018 4:32 AM
newscode-image

नई दिल्ली। 14 साल के एक किशोर ने जूनियर क्रिकेट में तहलका मचा दिया है। इस बल्लेबाज ने बिना आउट हुए 556 रन की मैराथन पारी खेल डाली। मंगलवार को डीके गायकवाड़ अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़ौदा के प्रियांशु मोलिया ने 556 रनों की तूफानी पारी खेली है। मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलते हुए प्रियांशु ने अपनी पारी में 98 चौके जड़े। प्रियांशु की इस पारी से अमरनाथ एकेडमी ने योगी क्रिकेट एकेडमी को पारी और 690 रनों से रौंदा।

बैटिंग से पहले प्रियांशु ने गेंदबाजी में भी जलवा बिखेरते हुए चार विकेट चटकाए थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत योगी अकादमी मैच के पहले दिन केवल 52 रन पर ही ढेर हो गई थी। इसके बाद मोहिंदर लाला अमरनाथ अकादमी ने प्रियांशु की बल्लेबाजी की बदौलत पूरे मैच पर ही अपना कब्जा कर लिया।

प्रियांशु ने अपनी नाबाद 556 रन की पारी के लिए 319 गेंद खेलीं। उन्होंने 98 चौके और 1 छक्का लगाया, जिसकी बदौलत उनकी टीम ने चार विकेट पर 826 का पहाड़ सरीखा स्कोर खड़ा किया। इसके बाद योगी एकेडमी की दूसरी पारी 84 रनों पर ढेर हुई। प्रियांशु ने अपनी ऑफ स्पिन के सहारे दूसरी पारी में भी विकेट चटकाए।

इस पारी से पहले तक प्रियांशु का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254 रन था, जो उन्होंने इसी टूर्नामेंट में पिछले साल बनाया था। पारी के बाद प्रियांशु ने कहा कि मैं अपने स्वाभाविक खेल खेल रहा था क्योंकि गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा था। यह संतोषजनक पारी थी। हालांकि मैं चार-पांच मौकों पर बीट भी हुआ।

बता दें कि साल 1983 विश्व कप के फाइनल के मैन ऑफ द मैच रहे मोहिंदर अमरनाथ खुद प्रियांशु के लिए मेंटोर की भूमिका निभाते हैं। मोहिंदर का प्रियांशु की प्रतिभा में बहुत ही ज्यादा भरोसा है। मोहिंदर अमरनाथ ने खुद प्रियांशु की तारीफ करते हुए कहा, ‘ मैंने उसे पहली बार जब देखा, तो मुझे पता था कि मैं कुछ खास देख रहा हूं। वह प्रतिभावान है और समय के साथ मौके मिलते रहने से उसमें काफी निखार आएगा। मुझे उसका जुनून पसंद है।’

गौरतलब है कि हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में जगह पाने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ 14 साल की उम्र में 546 रनों की पारी खेल कर सुर्खियों में आए थे और अब प्रियांशु ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाया है।


पहले टेस्ट में ही पृथ्वी शॉ ने ठोका शानदार शतक, बना डाले ये रिकॉर्ड

रोहित शर्मा बने ‘सिक्सर किंग’, छक्कों से तोड़ दिया सचिन का रिकॉर्ड

sun

320C

Clear

Jara Hatke

Read Also

पलामू : अर्घ्य देने के लिए नहाने के क्रम में पानी में डूबने से अधेड़ की मौत

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:24 PM
newscode-image

पलामू। लेस्लीगंज तालाब में छठ पर्व पर अर्ध्य देने के लिए नहाने के दौरान डूबने से अधेड़ की मौत हो गयी। तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से शव बाहर निकाला जा सका। शव की पहचान लेस्लीगंज निवासी कुंज बिहारी भुइयां (58वर्ष) के रूप में हुई है।

कुंज बिहारी भुइयां की पत्नी छठ व्रत की थी। सुबह करीब पांच बजे उदीयमान सूर्य के अर्ध्य लेने के लिए कुंज बिहारी तालाब में नहा रहा था। तालाब में इस पार से उस पार जाने के क्रम में कुंजबिहारी पानी की गहराई में समा गया। काफी देर तक जब उसका कुछ अता-पता नहीं चला तो उसकी खोजबीन शुरू की गयी। पूर्वाहन में उसका शव तालाब से बरामद किया जा सका।

कल तक छठ व्रत पर खुशी-खुशी भगवान सूर्य को अर्ध्य देने की तैयार में जुटा कुंजबिहारी के परिवार के सदस्यों को उसकी मौत की सूचना जैसे ही मिली, उनके बीच चीख-पुकार मच गयी। पत्नी और बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे।

सूचना मिलने पर लेस्लीगंज बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी और थाना प्रभारी वीरेन मिंज मौके पर पहुंचे। बाद में गोताखोरों को बुलाकर तालाब में छानबीन की गयी। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया। कुंजबिहारी भुईयां के तीन लड़के व दो लड़कियां हैं, सभी शादीशुदा हैं।

मौके पर भाजपा नेता अमित उपाध्याय, लेस्लीगंज मुखिया धर्मेंद्र सोनी, कोट पंचायत मुखिया संतोष मिश्रा, तारकेश्वर पासवान सहित कई लोगों ने शव को निकलवाने में पहल की।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

कहीं समारोह तक ही सीमित न रह जाये स्थापना दिवस- योगेन्द्र प्रताप

NewsCode Jharkhand | 14 November, 2018 8:05 PM
newscode-image

रांची। झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा की धरती माने जाने वाला झारखंड आज अपनी 18वीं सालगिरह मना रहा है। कह सकते हैं कि आज हमारा झारखंड बालिग हो गया। झाविमो की ओर से सर्वप्रथम भगवान बिरसा को नमन।

हर साल सरकार स्थापना दिवस तो धूमधाम से मनाती है परंतु अफसोस यह आयोजन महज एक समारोह तक ही सीमित होकर रह जाता है। सरकार जो संकल्प लेती है, जिन योजनाओं की घोषनाएं या शिलान्यास करती है वह धरातल पर कितनी उतर पाती हैं, पूर्व की घोषनाओं का कितना लाभ जनमानस को मिला है, सरकार को कभी उसकी भी समीक्षा कर लेनी चाहिए।

2014 के बाद के भाजपा सरकार द्वारा 2015 से लेकर 2017 यानि तीन स्थापना दिवस के मौके पर की गयी घोषनाओं पर गौर डाला जाय तो उनमें से अधिकांशतः घोषनाएं हवा-हवाई ही साबित हुई है, कुछ धरातल पर उतरी भी तो बाद में उसका हश्र भी बुरा ही हुआ।

मुख्यमंत्री तो घोषणा इतनी कर चुके हैं कि अगर आधी भी सरजमीं पर उतर गई होती तो अब तक झारखंड समृद्ध हो गया होता। 2015 के समारोह में सीएम ने कहा था कि जनता राम-सीता है और वे हनुमान हैं। वे जनता के सेवक हैं तथा जनता और उनके बीच दूरी नहीं होगी।

अब जो सरकार अपने ही गृहनगर के दूसरे पायदान का दर्जा रखने वाले एक मंत्री से चार वर्षो में दूरी नहीं पाट सके, जनता की दूरी भला क्या पाटेंगे। पिछले तीन स्थापना दिवस के दौरान और भी कई बातें हुई।

झारखंड को निवेशकों की पहली पसंद बनाने, औद्योगिक घरानों के लिए एक लाख हेक्टेयर भूमि चिन्ह्ति करने की बात हुई। सरकार को श्वेत पत्र जारी कर बतानी चाहिए कि किन निवेशकों ने राज्य में कितने का निवेश किया है और किस उद्योग को कितनी जमीन आवंटित की गई तथा इससे जनता को क्या लाभ हो रहा है।

एयरपोर्ट से बिरसा चौक तक स्मार्ट सड़क, केन्द्र से 10000 करोड़ की सड़क निर्माण, जोहार योजना, मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना, जनता के लिए लांच किये 15 मोबाईल एप, कृषि रथ, बेरोजगारी व पलायन रोकने के लिए कौशल विकास योजना, 25 डाइविंग ट्रेनिंग सेंटर, 2017 गरीब कल्याण वर्ष, 37 नदियां जलमार्ग में विकसित की योजना, 108 एंबुलेंस, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, हरमू फ्लाईओवर आदि तमाम योजनाओं का आज क्या हश्र है।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा में 50 हजार से लेकर दो लाख तक निःशुल्क इलाज की बात है परंतु यहां रिम्स में महज 50 रूपये के लिए मौत हो रही है। एंबुलेंस के बिना मरीज मर रहे हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

तमाम योजनाएं महज कागजी हैं परंतु सरकार केवल अपनी पीठ खुद थपथपाने की आदी हो चुकी है। झाविमो का मानना है कि राज्य अलग होने की सार्थकता तभी होगी जब राज्य की जनता वास्तव में खुशहाल होगी न कि केवल घोषनाओं से।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

More Story

more-story-image

रांची : युवा झारखंड प्रगति के पथ पर तेजी से...

more-story-image

रांची : नेहरू जयंती पर एचईसी कर्मियों ने उन्हें श्रद्धा...

X

अपना जिला चुने