कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे अखिलेश यादव, मैनपुरी से मुलायम होंगे उम्मीदवार

NewsCode | 14 June, 2018 7:26 PM

अखिलेश यादव ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कन्नौज से की थी।

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नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान कर दिया है कि वह यूपी के कन्नौज से चुनावी मैदान में उतरेंगे। आज सपा प्रदेश मुख्यालय पर कन्नौज के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद अखिलेश ने ये घोषणा की। बैठक में कन्नौज की सांसद डिंपल यादव भी मौजूद रहीं। अखिलेश यादव ने कहा कि वह लोकसभा चुनाव गठबंधन के साथ लड़ेंगे और जल्द ही सीटों का बंटवारा हो जाएगा। लोकसभा की सीट चाहे जिसके खाते में जाए ,लेकिन समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी होगी कि वह अपना बूथ जिताएंगे।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि उनकी पत्नी डिंपल इस बार कन्नौज सीट से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। अखिलेश ने कहा, “मैं कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ूंगा और नेताजी मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से लड़ेंगे। हम लोग सब मिलकर नेताजी को मैनपुरी से भारी मतों से चुनाव जीताएंगे।” सपा अध्यक्ष ने कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा के उपचुनाव में हमने भाजपा को रणनीति और चुनाव दोनों में हराया है। आगे भी हम भाजपा को हराने के लिए रणनीति बनाएंगे।

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देखा जाए तो समाजवादी पार्टी के लिए कन्नौज की सीट हमेशा से ही सुरक्षित गढ़ रहा है। लेकिन एक बात और भी इसे खास बनाती है। ये वही सीट है, जहां से अखिलेश यादव ने अपने जीवन की सियासी पारी की शुरुआत की, बाद में उनकी पत्नी ने भी सियासत में जीत का स्वाद पहली बार यहीं चखा।

बता दें कि अखिलेश यादव ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कन्नौज से की थी। साल 2000 में कन्नौज से संसद तक का सफर तय करने वाले अखिलेश ने यहां से 2009 तक लगातार तीन बार जीत हासिल की। मौजूदा समय में उनकी पत्नी डिंपल यादव कन्नौज से सांसद हैं।

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लेकिन हाल फिलहाल की बात करें तो पिछले तीन चुनावों (लोकसभा, विधानसभा और नगर निगम) में समाजवादी पार्टी को मिली करारी शिकस्त ने इस सीट पर पार्टी के समीकरण को बिगाड़ दिया है। जानकार और आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में अखिलेश के लिए यह सीट आसान नहीं होगी। हालांकि, बसपा से गठबंधन के बाद अखिलेश उत्साहित जरूर नजर आ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में किया था ऐलान 

पिछले साल छत्तीसगढ़ के दौरे पर गए अखिलेश यादव ने परिवारवाद पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था, “अगर सपा में ही परिवारवाद है तो डिंपल यादव कन्नौज से चुनाव नहीं लड़ेंगी।” इस बयान के बाद से ही कयास लगाए जाने लगे थे कि अखिलेश यह सीट अपने लिए चुन सकते हैं। पिछले दिनों छोटे लोहिया यानी जनेश्वर मिश्र के पुण्यतिथि के मौके पर अखिलेश ने कहा, “नेताजी मैनपुरी से चुनाव लड़ेंगे और मैं कन्नौज से चुनाव लड़ना चाहता हूं।”

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वैसे अखिलेश के इस ऐलान के पीछे एक सोची समझी रणनीति भी मानी जा रही है। दरअसल, कन्नौज राम मनोहर लोहिया की सीट रही है। यही नहीं यह समाजवादी पार्टी की परंपरागत सीट भी रही है। अखिलेश ने यहां से आखिरी बात 2009 में जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2012 में वह यूपी के मुख्यमंत्री बने, जिसके कारण उन्होंने सीट छोड़ पत्नी डिंपल को उपचुनाव में निर्विरोध जिताया। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी डिंपल यहां से खड़ी हुईं और संसद तक पहुंचीं। इससे पहले डिंपल यादव ने पहली बार 2009 में फिरोजाबाद सीट से भाग्य आजमाया था, लेकिन उस समय कांग्रेस के राज बब्बर ने उन्हें हरा दिया था।

बीजेपी ने की सेंधमारी

कभी समाजवादी पार्टी का गढ़ रही इस सीट पर बीजेपी ने अच्छी सेंधमारी की है। 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा के सत्ता में होने के बावजूद डिंपल यादव को महज 19 हजार से जीत मिल सकी थी। यहीं नहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को कन्नौज में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कन्नौज की 5 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 4 सीट पर जीत मिली जबकि सपा एक सीट ही जीत सकी। वह भी महज 2400 वोटों के अंतर से। हाल ही में संपन्न नगर निकाय चुनाव में भी सपा का कन्नौज में प्रदर्शन खराब ही रहा।

1998 के बाद से 6 बार रहा सपा का कब्ज़ा

गौरतलब है कि 1998 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने यह सीट बीजेपी के एमपी चन्द्रभूषण सिंह से छीनी थी। उसके बाद से लगातार हुए 6 चुनाव में सपा यहां जीती। अब इस सीट को 2019 में बचाए रखना अखिलेश के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

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पाकुड़ : भाजपा की बैठक आयोजित, हुल दिवस को लेकर हुई चर्चा

NewsCode Jharkhand | 25 June, 2018 9:16 PM
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पाकुड़। लिट्टीपाड़ा प्राखण्ड दामिन डाक बंगला परिषर में भाजपा की बैठक प्रखण्ड अध्यक्ष राम मंडल की अध्यक्षता में आहुत किया गया। जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री हेमलाल मुर्मू उपस्थित हुये। बैठक में  मुख्य रूप से 30 जून को  हूल दिवस को लेकर चर्चा की गयी। मंडल इकाई के लोगों को 30 जून को पांच कठिया से भोगनाडीह ले जाने के बातें हुई।

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साथ ही प्रदेश उपाध्यक्ष मुर्मू ने बताया कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम बिल आदिवासियों के हित के लिए बनाया गया है। इसको लेकर विपक्ष दुष्प्रचार कर रहे है लेकिन सभी से अपील किया  हर आदिवासी गांव गांव एवं  घर-घर  जाकर सभी को भूमि  अधिग्रहण अधिनियम बिल के बारे में सरकार की उप्लब्धि आदिवासियों एवं जनजातियों को स्पस्ट रूप से बताया जाएगा। यह कानून सरकारी जनहित के  कार्यो लिया बनाया गया है जिसके तहत सरकारी स्कूल, कॉलेज , हॉस्पिटल, सड़क, रेलवे के अच्छे काम में आएगे।

साथ ही भाजपा नेता साहेब हाँसदा ने कहा कि बूथ स्तर पर संगठन मजबूती करने, गाँव-गाँव में जाकर सरकार  कि उपलब्धी के बारे में जानकरी देने के लिए कार्यकर्त्ताओं  से अनुरोध किया । इस बैठक के मौके पर एस टी मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष भोला हेम्ब्रम, प्रखंड प्रभारी सुलेमान मुर्मू, दिनेश मुर्मू, जिला कार्यकारणी सदस्य बबलू सोरेन, पंचायत प्रभारी मंझला सोरेन, प्रखंड उपाध्यक्ष मुंशी मुर्मू, प्रखंड मंत्री रेंगटा किस्कू सहित दर्जनों कार्यकार्ता उपस्थित थे।

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सरिया : आंगनबाड़ी केंद्रों में मिला सड़ा अंडा, अभिभावकों ने काटा बवाल

NewsCode Jharkhand | 25 June, 2018 9:27 PM
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सरिया (गिरिडीह)। सरिया प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के बीच सोमवार को सड़ा हुआ अंडा मिलने मिला इसकी सूचना मिलने पर कई अभिभावक केन्द्रों में पहुँचे और लचर व्यवस्था के विरोध में जमकर हंगामा किया।  बताया जाता है कि बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा बच्चों के बीच पोषाहार के रूप में अण्डा परोसा जाना है।

इसके तहत सोमवार को सरिया प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में अण्डा वितरण की व्यवस्था की गई। जहाँ उपस्थित पोषण सखी तथा आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका-सहायिका द्वारा उसे उबाला जाने लगा। इस क्रम में सड़े हुए अंडे फूट गए। वहीं दुर्गंध सी आने लगी। जिसकी सूचना पर विभिन्न केन्द्रों पर महिलाओं ने हंगामा किया। बाद में पोषण सखियों व सेविकाओं द्वारा सभी को समझा-बुझाकर उन्हें भेजा गया।

बेंगाबाद : तेज रफ्तार का टूटा कहर, बाइक सवार युवक की मौत

सरकारी व्यवस्था को जमकर कोसते हुए अभिभावकों ने कहा कि सरकार बच्चों को कुपोषण मुक्त करना चाहती है। परन्तु उनके अधिकारी-कर्मचारी कमीशन के चक्कर में सड़े-गले अंडे परोस कर उनके बच्चे को बीमार करना चाहते हैं। लोगों ने कहा कि सरकार इन गंभीर मामलों को संज्ञान में लेकर जांच पड़ताल कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करें अन्यथा केन्द्रों को बन्द कर दें।

इन केंद्रों में मिले सड़े अंडे

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड के नीचे टोला चंद्रमारणी, आंगनबाड़ी केंद्र मंदरामो, आंगनबाड़ी केन्द्र उर्रो सहित कई अन्य केन्द्रों में सड़े अंडे मिले है, जबकि शिकायत कर्ताओं में सेविका सीता देवी, संगीता देवी,विद्या देवी, मंजू देवी, पोषण सखियों में कंचन कुमारी, पिंकी कुमारी, संजना सिंह आदि है। इन्होंने बताया कि अभिभावकों द्वारा हंगामा किए जाने के बाद सभी खंडों को बाहर फेंक दिया गया तथा इसकी सूचना प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अनिता कुमारी को दे दी गई है।

सीडीपीओ का गोल मटोल जवाब

इस बाबत प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सरिया अनिता कुमारी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कई आंगनबाड़ी केंद्रों से शिकायत मिली है कि उन्हें सड़े हुए अंडे बच्चों के बीच वितरण करने के लिए दिए गए थे। जो उबलने के समय अंडे फूट गए तथा उससे दुर्गंध आने लगी। जिन्हें फेंक दिया गया है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्हें यह पता नहीं है कि अंडा किस एजेंसी के द्वारा दिया जा रहा है या किन-किन केंद्रों को अंडे की आपूर्ति कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़े हुए अंडे की शिकायत मिलने के बाद इसकी सूचना जिला पदाधिकारी को दे दी गई है।

बगोदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के बीच पौष्टिक आहार वितरण किया जा रहा है। ताकि क्षेत्र कुपोषण से मुक्त हो। इसी के तहत अंडे वितरण करने का भी प्रावधान है परंतु दुर्भाग्य है कि कुछ स्वार्थी तत्व के लोग दो पैसे कमीशन बचाने के चक्कर में सड़े हुए अनाज-अंडे को परोस रहे है। जिससे सरकार का लक्ष्य पूरा नहीं होगा।

वहीं यदि गांव के लोग सजग नहीं रहेंगे तो बच्चों को बीमार होने में देर भी नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि यह बहुत संगीन मामला है इस मामले को उपायुक्त के पास रखा जाएगा तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारी पर कठोरतम कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

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बेंगाबाद : तेज रफ्तार का टूटा कहर, बाइक सवार युवक की मौत

NewsCode Jharkhand | 25 June, 2018 9:20 PM
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बेंगाबाद (गिरिडीह)। बेंगाबाद मधुपुर मुख्य मार्ग एनएच 114 ए पर सोमवार को फिर रफ्तार का कहर टूटा और एक ज़िन्दगी काल के गाल में समां गई। इस पथ पर झलकडीहा मोड़ के समीप एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पहले सड़क किनारे पुलिया से टकराई फिर दूर गड्ढे में जा गिरी। घटना में बाइक पर सवार लगभग 25 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के क्रम में उसने दम तोड़ दिया।

बेंगाबाद : नए रेंजर ने लिया पदभार, कहा वनों की सुरक्षा होगी प्राथमिकता : अजय कुमार

बेंगाबाद पुलिस द्वारा शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम सदर अस्पताल पहुंचाया गया। ख़बर लिखे जाने तक मृतक युवक की पहचान नही हो पाई थी। घटना के संबंध में बताया गया कि जेएच 15बी 9021 नंबर की एक यामाहा बाइक पर सवार होकर एक युवक  मधुपुर से गिरिडीह की ओर आ रहा था। इसी क्रम में अत्यधिक स्पीड होने के कारण झलकडीहा मोड़ के पर बाइक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक सड़क किनारे बनी पुलिया से टकरा गई। फिलहाल पुलिस द्वारा मृतक के घरवालों का पता लगाया जा रहा है।

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