बड़ा सवाल : अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो…

Rakesh Kumar | 20 April, 2018 11:48 PM

बड़ा सवाल : अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो…

रांची। हाल के दिनों में कुछ लोगों के जुबां से इस बात का जिक्र किया जा रहा है कि— अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो…. ।

इस मुद्दे पर अगर गहराई से बात की जाए तो कई सवाल खड़े हो गए हैं।

झारखंड में इस संदर्भ में जब हम चर्चा करते हैं तो इसपर बहस तेज हो जाती है। सवाल यह खड़ा होता है कि यहां युवतियां कितनी सुरक्षित हैं। हाल के दिनों झारखंड में जिस तरह से लड़कियों के साथ रेप और उसके बाद हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे समाज में असुरक्षा की भावना तेजी से पनपने लगी है। इसके साथ साथ मामलों के उद्भेदन और निष्पादन करने में कमी दिखाई पड़ी है, उससे पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। युवतियों की हत्या के कई मामले ऐसे हैं, जिसमें पुलिस का निशाना उसके नजदीकी लोगों पर ही है। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या युवतियां अपनों के बीच सुरक्षित हैं या नहीं ।

राजधानी की कुछ घटनाएं इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि लड़कियां खुद को सुरक्षित नहीं मान रही हैं। हाल के दिनों में अरगोड़ा के पास की रहनेवाली अफसाना परवीन की हत्या ने समाज के लोगों को हिला कर रख दिया है। हत्या के पीछे के कारणों को खंगालने में पुलिसिया तंत्र लगी हुई है लेकिन इस हत्या ने समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि आखिर अफसाना की हत्या उसके किसी अपने के ही हाथों तो नहीं की गई है। यह एक बड़ा सवाल है कि लड़कियां अपने नजदीकी लोगों पर कैसे भरोसा करे।

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अफसाना का मामला पहला मामला नहीं है जिसकी गुत्थी सुलक्ष नहीं पाई है। बूटी मोड के एक इंजीनियंरिग कालेज की छात्रा जया की हत्या भी जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। मामले की जांच अब सीबीआई के द्वारा की जा रही है, लेकिन एक साल के अधिक का समय बीतने के बाद भी इस हत्या के कारणों के साथ साथ हत्यारों का गिरफ्त में नहीं आना एक बड़ा सवाल है।

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अगर हम आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले राज्य एक साल में 1300 से अधिक रेप के के मामले पुलिस में दर्ज कराए गए। इस तरह से हर दिन एक बलात्कार की घटना जरुर हो रही है। इससे साफ है कि समाज में बड़ी विकृति आ रही है, जो लड़कियों को असुरक्षित कर रही हैं।

जानकार इस बात की जद्दोजेहद में लगे हुए हैं कि इस तरह की विकृति के क्या कारण हो सकते हैं। लेकिन समाज के सामने एक बड़ा सवाल है कि आखिर हम कैसे समाज का निर्माण करें, जिससे बेटियां सुरक्षित रह सके।

पिछले एक साल में रेप के मामलों के आंकड़े

मार्च 17         99

अप्रैल 17        120

मई 17         141

जून 17         122

जुलाई 17        138

अगस्त 17      103

सितंबर 17       112

अक्टूबर 17       106

नवंबर 17            62

दिसंबर 17       116

जनवरी 17       90

फरवरी 17        108

सरायकेला : सर्वे रिपोर्ट से खुलासा, दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी में जानवरों की कमी

NewsCode Jharkhand | 26 May, 2018 6:24 PM

सरायकेला : सर्वे रिपोर्ट से खुलासा, दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी में जानवरों की कमी

सरायकेला। नेशनल वाइल्डलाइफ सर्वे 2018 की अगर मानें तो झारखंड के सरायकेला-खरसांवा जिला स्थित दलमा वन्य प्राणी अभ्यारण्य में बेहद ही चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। बता दें पिछले दिनों राष्ट्रीय वन्य पशु जनगणना का काम पूरा हुआ, जिसमें दलमा सेंचुरी में निवास करने वाले जानवरों में कमी देखी गई। वही दलमा सेंचुरी को हाथियों के लिए अनुकूल माना जाता है। यहां बंगाल और उड़ीसा से भी हाथी आकर प्रवास करते हैं।

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जानकारी के अनुसार हाल के दिनों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के बाद लगातार हाथियों का जाना शुरू हो गया है। एक समय हुआ करता था जब दलमा सेंचुरी में 100 से भी ज्यादा हाथी और जंगली जानवर प्रवास करते थे, वही अब महज 25 से 30 की संख्या में हाथी बचे हैं। आशंका यह जताई जा रही है कि बारुद के गंध से पूरा दलमा अभयारण्य दमक रहा है। जिसकी भनक हाथियों को लगते ही हाथियों ने दलमा से जाना शुरू कर दिए है।

इधर राष्ट्रीय वाइल्डलाइफ सर्वे के अनुसार दूसरे जंगली जानवर भी धीरे-धीरे दलमा सेंचुरी से जा रहे हैं। राष्ट्रीय पशु सुरक्षा सर्वेक्षण की दृष्टिकोण से यह एक बेहद ही गंभीर मामला माना जा रहा है। वही पिछले कुछ दिनों दलमा के कांकादशा और बिजली घाटी में लगातार नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है। रुक-रुक कर दोनों ओर से फायरिंग की जा रही है, जिससे दलमा में जंगली जानवरों के लिए खतरा बढ़ गया है। वही वन विभाग इसको लेकर काफी चिंतित है।

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देवघर : मलमास की तेरस आज, बाबा के मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

NewsCode Jharkhand | 26 May, 2018 5:56 PM

देवघर : मलमास की तेरस आज, बाबा के मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

लाखों की संख्या में बाबा दरबार पहुंचे श्रद्धालु

देवघर। देवघर के बाबा मंदिर में मलमास के तेरस को लेकर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की जनसैलाब उमड़ पड़ी है। अहले सुबह कांचा जल पूजा और सरकारी पूजा के बाद लगभग सुबह चार बजे भक्तों के लिए पट खोल दिया गया। जहां भक्त जलार्पण कर रहे हैं।

वहीं जिला प्रशासन द्वारा विधि व्यवस्था को लेकर काफी संख्या में पुलिस बल लगा रखे हैं। आज का दिन मलमास मेला का खास दिन है। बाबा मंदिर के पुरोहित बताते हैं कि सावन की सोमवारी की जो महत्व है वह आज मलमास के तेरस की मान्यता है। आज जो भी भक्त बाबा भोले को गंगाजल से जलार्पण करते हैं उनको मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

इस मास में खास कर मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, शहडोल, सीधी, और उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, मिर्जापुर, बांदा जिले से लाखों श्रद्धालु आये। आज का दिन महत्वपूर्ण है और सभी श्रद्धालु इलाहाबाद संगम से गंगा जल भरके बाबा मंदिर में जलार्पण करते है।

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रांची : सीनियर महिला हॉकी टीम के राष्ट्रीय शिविर में झारखण्ड के तीन खिलाड़ियों का चयन

NewsCode Jharkhand | 26 May, 2018 5:03 PM

रांची : सीनियर महिला हॉकी टीम के राष्ट्रीय शिविर में झारखण्ड के तीन खिलाड़ियों का चयन

रांची। सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम के राष्ट्रीय शिविर में झारखण्ड की तीन महिला हॉकी खिलाड़ियों निक्की प्रधान, सोनल मिंज एवम बिरजनी एक्का का चयन 28 मई से 09जून तक साई सेंटर बैंगलौर में आयोजित सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम के राष्ट्रीय शिविर में झारखण्ड की तीन खिलाड़ियों का चयन हुआ है।

रांची : मयूर शेखर झा बने झारखंड प्रदेश कांग्रेस के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर

निक्की प्रधान, सोनल मिंज एवम बिरजनी एक्का का चयन पिछले माह 26 अप्रेल से 8 मई तक सम्पन्न रास्ट्रीय शिविर में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर कोर ग्रूप में रखा गया है। ये झारखण्ड के हॉकी के लिए अच्छी खबर है कि जूनियर के बाद सीनियर स्तर में भी तीन-तीन खिलाड़ियों  का चयन एक साथ हुआ है।

भारतीय टीम शिविर के लिए इन्हें चयनित किये जाने पर हॉकी झारखण्ड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह, विजय शंकर सिंह, शशिकांत प्रसाद, रजनीस कुमार, असुंता लकड़ा, मनोज कोनबेगी, आश्रिता लकड़ा, माइकल लाल, सुरेश महतो सहित हॉकी झारखण्ड के समस्त पदाधिकारियों ने इन्हें बधाई और शुभकामना दी है।

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