अजब-गजब : यहाँ 700 साल पुराने बरगद के पेड़ का हो रहा इंसानी इलाज

NewsCode | 19 April, 2018 12:43 PM
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नई दिल्ली। तेलंगाना के महबूबनगर जिले में स्थित बरगद का एक पेड़ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बरगद का पेड़ माना जाता है। इस 700 साल पुराने बरगद के पेड़ का अस्तित्व संकट में है और इसे बचाने के लिए जद्दोजहद तेज हो चुकी है। अब इसे सलाइन ड्रिप चढ़ाकर फिर से जीवित करने के लिए यह कोशिश की जा रही है। वनस्पति विज्ञानी इस पेड़ को केमिकल की ड्रिप चढ़ा रहे हैं।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक इसकी शाखाओं में कीड़े लग चुके हैं। पेड़ पर दीमक का प्रकोप इतना है कि वह इसे खोखला किए जा रहे हैं।। ऐसे में कीटनाशक केमिकल से भरी सैकड़ों बोतलें पेड़ पर लटकाई गई हैं। इंजेक्शन के जरिए इस केमिकल को शाखाओं और तनों में पहुंचाया जा रहा है ताकि यहां पनप रहे कीड़ों को खत्म किया जा सके।

बता दें कि सैकड़ों साल पुराना यह पेड़ महबूब नगर के पिल्लामर्री इलाके में है। यह पेड़ तीन एकड़ जमीन पर फैला हुआ है। माना जा रहा है कि यह दुनिया का दूसरा सबसे विशालकाय पेड़ है। इस पेड़ की लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि इसे देखने के लिए दूर-दूर से सैलानी आते हैं। लेकिन पेड़ की सेहत खराब होने कारण दिसंबर से पर्यटकों का आना-जाना प्रतिबंधित किया जा चुका है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, कीड़ों से प्रभावित होने के कारण इसी शाखाएं अचानक टूटकर गिर रही थीं जिससे यहां लोगों को आने से मना कर दिया गया था।

तने से केमिकल डालने पर नहीं हुआ फायदा

पेड़ का इलाज करने के लिए पहले इसके तने में केमिकल डाला गया लेकिन इससे कुछ खास फायदा नहीं हुआ। फिर वन विभाग ने फैसला लिया कि जिस तरह अस्पताल में मरीज को सलाइन में दवा मिलाकर बूंद-बूंद चढ़ाई जाती है वैसे ही पेड़ में बूंद-बूंद करके सलाइन की बोतल से केमिकल चढ़ाया जाए।

बूंद-बूंद चढ़ाई जा रही ड्रिप

अधिकारियों ने सलाइन ड्रिप में केमिकल मिलाया। इस तरह से सैकड़ों बोतलें तैयार की गईं। इन बोतलों को पेड़ में हर दो मीटर की दूरी पर लटकाया गया। उसके बाद पेड़ में बूंद-बूंद करके यह ड्रिप चढ़ाई जा रही है। पेड़ की जो तस्वीरें सामने आई हैं उन्हें देखकर ऐसा लग रहा है कि जैसे अस्पताल में किसी आदमी का इलाज किया जा रहा हो।

World's second largest banyan tree put on saline drop in Telangana mahabubnagar district| NewsCode - Hindi News

3 एकड़ में फैला है यह विशालकाय पेड़

महबूबनगर जिला वन अधिकारी चुक्का गंगा रेड्डी के मुताबिक पेड़ इतना बड़ा है कि यह लगभग तीन एकड़ जमीन पर फैला है। पेड़ को बचाने के लिए उन लोगों ने विशेषज्ञ और आईएफएस ऑफिसर रहे मनोरंजन भंजा की सलाह ली। पेड़ को बचाने के लिए तीन तरह से इलाज और संरक्षण शुरू किया गया। पेड़ में बने छेदों में केमिकल डाला गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बाद में सलाइन ड्रिप से केमिकल चढ़ाया जाना शुरू किया गया। अब यह फॉर्म्युला काम कर रहा है।

तीन तरीकों से चल रहा इलाज

पहले तरीके से संरक्षण करने के लिए पेड़ में सलाइन चढ़ाया जा रहा है। दूसरा पेड़ के जड़ों में केमिकल डायल्यूटेड पानी डाला जा रहा है। वहीं तीसरा तरीका पेड़ को सपॉर्ट के लिए अपनाया गया है। उसके आस-पास से कंक्रीट का स्ट्रक्चर बनाया गया है ताकि उसके भारी शाखाएं गिरने से बच सकें। पेड़ के तने को बचाने के लिए उसे पाइप्स और पिलर्स का सहारा दिया गया है।

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अधिकारी खुद कर रहे निगरानी

दिसंबर के महीने तक यह पेड़ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र था। यहां दूर-दूर से पर्यटक पेड़ को देखने आते थे। तब इसकी देखभाल का जिम्मा पर्यटन विभाग को था। पर्यटन विभाग का करना है कि उन्होंने पेड़ के संरक्षण के लिए तमाम प्रयास किए लेकिन कोई भी प्रयोग उसे दीमकों से बचाने में सफल नहीं रहा।

वन विभाग ने इस पेड़ के संरक्षण की जिम्मेदारी वापस ले ली और अब इसके जीर्णोद्धार के लिए काम हो रहा है। जिलाधिकारी रोनाल्ड रॉस ने बताया कि वह व्यक्तिगत तौर पर इस संरक्षित पेड़ के इलाज की निगरानी कर रहे हैं। अब पेड़ की हालत स्थिर है। उम्मीद है कि उसे कुछ ही दिनों में सामान्य कर लिया जाएगा। उच्चाधिकारियों से बात के बाद यहां पर्यटकों का आना फिर से शुरू किया जाएगा।

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हिंद महासागर में फंसे नेवी कमांडर अभिलाष टोमी को 3 दिन बाद सुरक्षित निकाला गया

NewsCode | 24 September, 2018 5:50 PM
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नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के जवान और गोल्डन ग्लोब रेस में भाग ले रहे भारतीय प्रतिनिधि कमांडर अभिलाष टोमी को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बता दें कि गोल्डन ग्लोब रेस में हिस्सा लेने के दौरान अभिलाष दक्षिणी हिंद महासागर के आसपास बीच रास्ते में तूफान के चलते घायल हो गए थे। अभिलाष को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय नौसेना के आईएनएस सतपुड़ा और ऑस्ट्रेलियाई नेवी दल ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया था। कमांडर फिलहाल होश में हैं और उन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट दी जा रही है।

गोल्डल ग्लोब रेस नौका दौड़ प्रतियोगिता होती है और इसमें दुनिया भर के मशहूर नाविक हिस्सा लेते हैं। इस साल यह प्रतियोगिता 1 जुलाई को फ्रांस से शुरू हुई थी। कमांडर अभिलाष का गोल्डन ग्लोब रेस में हिस्सा ले रहे थे और पर्थ से कुछ दूरी दक्षिणी हिंद महासागर में उनके जहाज का संपर्क टूट गया था। कमांडर अभिलाष इससे पहले भी एक बार बिना रुके दुनिया का चक्कर लगा चुके हैं। उन्हें इस रेस में हिस्सा लेने के लिए विशेष सदस्य के तौर पर आमंत्रित किया गया है। कमांडर अभिलाष की सुरक्षित वापसी के लिए दुनियाभर में प्रार्थना हो रही थी।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर कहा, ‘राहत की सांस महसूस कर रही हूं। कमांडर अभिलाष टोमी को फ्रेंच फिशिंग जहाज के जरिए सुरक्षित निकाल लिया गया है। वह सचेत हैं और अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्हें निकट के एक टापू पर ले जाकर शुरुआती मेडिकल सुविधा दी जा रही है। आईएनएस सतपुड़ा का दल जल्द ही मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए मॉरिशस ले जाएगा।’

कौन हैं कमांडर अभिलाष?

कमांडर अभिलाष टोमी भारतीय नौसेना में कमांडर हैं। मूल रूप से मुंबई के रहने वाले अभिलाष ने गोवा यूनिवर्सिटी से साइंस में बैचलर की डिग्री ली है। 2000 में वह नौसेना में भर्ती हुए और 18 साल से वे भारतीय नौसेना के साथ हैं। सेना में कमांडर होने के आलावा अभिलाष रेकॉन पायलट और नाविक भी हैं। उन्होंने अकेले समुद्र मार्ग से पूरी दुनिया का चक्कर लगाया है। वह कीर्ति चक्र से सम्मानित हैं और दुनियाभर के कई संस्थानों में मोटिवेशनल व्याख्यान भी देते हैं।


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बाघमारा : साइबर अपराधियों ने दो खाताधारकों के लाखों रुपये उड़ाए

NewsCode Jharkhand | 24 September, 2018 9:50 PM
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बाघमारा (धनबाद)। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर दो बैंक खाताधारकों के लाखों रुपये उड़ा लिए। चार दिन लगातार बैंक बंद था। इसी दौरान साइबर अपराधियों ने रुपये निकाल लिए।

जिनेके खाते से रुपये निकाले गए उनमें से एक का नाम बाघमारा बस्‍ती निवासी रत्न लाल महतो है। वो बीसीसीएल से रिटायर हो चुका है। उनेके खाते से 2 लाख 84 हजार रुपये निकाले गए।

दूसरे भुक्‍तभोगी का नाम अरविंद कुमार है। उनके खाते से 73 हजार रुपये की निकासी की गई। वे बीसीसीएल ब्लॉक दो में ओसीपी मैनेजेर के पद पर कार्यरत हैं।

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दोनों का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के डुमरा शाखा में है। सोमवार को बैंक जाकर दोनों ने शाखा प्रबंधक को इसकी जानकारी दी।

महतो ने बाघमारा थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। मैनेजेर ने ऑनलाइन शिकायत पुलिस से की है।

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खूंटी : सहिया दीदी की पहचान भी सेविका-सहायिका की तरह हो- मुख्यमंत्री

NewsCode Jharkhand | 24 September, 2018 9:49 PM
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27 को खूंटी समेत पांच जिला ओडीएफ घोषित होगा

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियान में लिया हिस्सा

खूंटीमुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि खूंटी जिला को ओडीएफ बनाने में स्वयं सहायता समूह, सामाजिक संगठन एवं सहिया दीदीयों ने प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आगामी 27 सितम्बर को उपराष्ट्रपति  वैंकया नायडू झारखंड दौरे पर आ रहे है।

इसी दिन राज्य के पांच जिलों को ओडीएफ घोषित करना है जिसमें खूंटी जिला भी शामिल है।  मुख्यमंत्री शुक्रवार को खूंटी के दतिया गांव में स्वच्छता सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत चैपाल में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा है के भाव से खूंटी जिला की जल सहिया दीदीयों ने काम किया है। जल सहिया दीदीयों को राज्य सरकार प्रति शौचालय के निर्माण में 75 रूपये प्रोत्साहन राशि दे रही है।

खूंटी : सहिया दीदी की पहचान भी सेविका-सहायिका की तरह हो- मुख्यमंत्री

सहिया दीदीयों की भी पहचान आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की तरह हो इस पर सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ बच्चों को स्वच्छता का पाठ अवश्य पढ़ायें। सभी स्कूलों में हर दिन 15 मिनट का समय सफाई कार्य पर शिक्षक एवं बच्चे अवश्य दें। बच्चों को अच्छी संस्कार दें ताकि आगे चलकर वे अच्छा नागरिक बनें।

मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष बाद भी जनता की छोटी-छोटी बुनियादी आवश्यकता पर किसी ने ध्यान नही दिया। हमारी सरकार ने छोटी-छोटी बुनियादी आवश्यकता जैसे सड़क, शिक्षा, बिजली, पानी इत्यादि आवश्यकताओं पर फोकस किया।

नवम्बर 2018 तक घर-घर तक बिजली पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं का विशेष ध्यान रखते हुए प्रत्येक घर में शौचालय निर्माण कराया गया। 2014 से पहले राज्य में ओडीएफ 14 प्रतिशत थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने अब तक ओडीएफ 86 प्रतिशत हो गई है।

02 अक्टूवर 2018 को पूरा झारखण्ड को ओडीएफ किये जाने का लक्ष्य है। महिला सशक्तिकरण को बढावा देने के लिए पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उज्जवला योजना के तहत एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। झारखण्ड सरकार द्वारा गैस कनेक्शन के साथ-साथ चुल्हा भी निशुल्क दिया जा रहा है। पहली रिफिल का पैसा भी राज्य सरकाने दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोगों का जनधन खाता खुलवाया गया। केन्द्र सरकार की चार साल की कार्यकाल में गांव, गरीब और किसान की आर्थिक, सामाजिक समृद्धि के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलायी गईं। ग्रामीण क्षेत्रों के नौजवानों के रोजगार सृजन हेतु मुर्गी पालन, बकरी पालन, सुकर पालन, गाय पालन इत्यादि के लिए बैंको से मुद्रा ऋण देने का काम किया है। नौजवानों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाकर रोजगार से जोड़ने का प्रतिबद्ध प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री   रघुवर दास ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने विगत 23 सितम्बर को झारखण्ड का नाम देश और दुनिया में रौशन किया है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने बिरसा मुण्डा की पावन धरती झारखण्ड से विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना (आयुष्मान भारत) प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत की।

अब गरीबी इलाज में बाधा नहीं बनेगी, गरीब भी सम्मान के साथ अपना इलाज करा पाएँगे। देशभर में गरीबों का 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कराया गया है। देश की लगभग पचास करोड़ की आबादी का इस योजना का लाभ होगा। अब लोगों को इलाज में एक पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा, सरकार लोगों का मुफ्त में इलाज करवाएगी।

उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील किया कि जनता को योजना की पूरी जानकारी दें। जानकारी से ही योजनाएं सफल होंगी। राज्य के 57 लाख परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। प्रति परिवार को 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा किया जाएगा।

चैपाल में उपस्थित सभी की बातों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हाथ में झाडू लेकर दतिया गांव में सफाई अभियान चलाया। तेज धूप और भीषण गर्मी के बाद भी चैपाल में बड़ी संख्या में जल सहिया, स्वयं सहायता समूह और आम लोगों ने भाग लिया। जल सहिया उषा देवी, जुबेदा खातून, दिलेश्वरी देवी आदि सहिया ने शौचालय निर्माण में हो रही परेशानी के बारे में और अपने मानदेय के बारे में भी मुख्यमंत्री से चर्चा की।

कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, खूंटी के सांसद  कड़िया मुंडा सहित कई लोगों ने संबोधित किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सह प्रभारी उपायुक्त खूंटी, पुलिस अधीक्षक खूंटी, जिला के अन्य वरीय पदाधिकारी एवं दतिया ग्राम के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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