पांच साल की इस नन्ही परी ने तीरंदाजी में बनाया अनोखा कीर्तिमान, रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज

NewsCode | 19 September, 2017 8:15 PM
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अपना खाना सही तरीके से खुद खा लेना या फिर चीजें सही जगह पर रख देना! पांच साल का बच्चा इतना ही कर ले तो माँ-बाप राहत महसूस करते हैं। अब जरा एक नजर डॉली शिवानी चेरुकुरी पर डालें। ये सबसे कम उम्र की तीरंदाज हैं, और हैरतअंगेज बात ये है कि इस नन्ही बच्ची का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है।

सोशल मीडिया पर नव निर्वाचित उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से इस पांच साल की डॉली को बड़ाई और बधाई मिली। लोग-बाग डॉली की उपलब्धियों को सराह रहे हैं। बता दें कि डॉली ने 10 मीटर की दूरी से 11 मिनट में 103 बार निशाना साधा। दूसरे राउंड में 20 मीटर की दूरी से 5 मिनट में 36 बार निशाना लगाया। ये अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इन्होंने 360 पॉइन्ट्स में से 290 पॉइंट अर्जित किये।  जब वो तीन साल की भी नहीं हुई थीं, तब पांच और सात मीटर की दूरी से निशाना साधकर तीरंदाजी में नया रिकॉर्ड बनाया।

आसान नहीं रहा है शिवानी का ये सफर

परिवार में तीरंदाजी का ही प्रोफेशन रहा। पिता तीरंदाज हैं।  शिवानी ने जब खड़े होना भी नहीं सीखा था, तब से तीर-कमान के लिए अपनी दिलचस्पी जाहिर करनी शुरू कर दी। पिता के सामने समस्या थी कि जो बच्ची ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही, वो धनुष कैसे संभालेंगी। ऊपर से उसका वजन भी कम था। यानी भारी तीर-कमान संभालना ही अपने में एक टास्क होता तो डॉली निशाने पर फोकस कैसे करती! माता-पिता ने मिलकर इसका एक हल निकाला।

बच्ची के लिए कार्बन के  हल्के तीर-कमान बनाए

निशाना लगाने की प्रैक्टिस भी बड़े लोगों की तरह लगातार नहीं करवाई जा सकती थी। तीरंदाजी की प्रैक्टिस के दौरान बड़े-बड़ों के कंधे, आंखें, पैर सब दर्द करते हैं, फिर ये तो नन्ही सी बच्ची थी। यही सोचकर पिता ने दिनभर में कई ब्रेक्स के साथ केवल 2 घंटे प्रैक्टिस करवानी शुरू की लेकिन डॉली की लगन उन्हें हैरान करती रही।  वो लगातार बिना रुके प्रैक्टिस करती।

डॉली अपनी उम्र के बच्चों से एकदम जुदा हैं। वे अभी से जानती हैं कि उन्हें भविष्य में क्या करना है।  डॉली की इसी लगन ने उन्हें सबसे कम उम्र की तीरंदाज का खिताब दिया।  आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा की वोल्गा आचर्री अकादमी में ये अभी से प्रशिक्षण ले रही हैं ताकि 2024 में होने वाले ओलंपिक में भाग ले सकें।

रांची : भाजयुमो के खेलो भारत दिल्ली में हिस्सा लेंगे झारखंड के 65 खिलाड़ी

NewsCode Jharkhand | 21 July, 2018 9:00 PM
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रांची। भारतीय जनता युवा मोर्चा, झारखंड प्रदेश द्वारा आयोजित खेलो भारत का समापन दिल्ली में 24-25 जुलाई 2018 को होगा। 24 जुलाई को खेलो भारत का भव्य आयोजन दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में होगा। इसके उद्घाटन समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, खेल मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौर, मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम महाजन, अभिषेक बच्चन, विजेन्द्र सिंह (बाक्सर) मेरीकाम बॉक्सर, सुशील कुमार, मोहित चौहान (गायक) विशेष रुप से उपस्थित रहेंगे। समापन समारोह में भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी विशेष रुप से उपस्थित रहेंगे।

रांची : भाजयुमो के खेलो भारत दिल्ली में हिस्सा लेंगे झारखंड के 65 खिलाड़ी

24 जुलाई को जोनल मैच आयोजित किया जाएगा, जिसमें उत्तर क्षेत्र, पूर्व क्षेत्र, पश्चिम क्षेत्र और दक्षिण क्षेत्र की टीमें भाग लेगी। खेलो भारत के तहत 4 खेलों में कबड्डी, कुश्ती, रस्सा-कस्सी, खो-खो शामिल हैं। इस आयोजन में 27 प्रदेशों के 733 जिलों से कुल 8,834 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। 25 जुलाई को फाइनल मैच का आयोजन किया जाएगा। खेलो भारत देश के सभी राज्यों में आयोजित किया गया था।

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झारखंड प्रदेश को, खेलो भारत के सर्वश्रेष्ठ आयोजन का पुरस्कार भी दिल्ली में दिया जाएगा। इसी के निमित झारखंड से भी 4 टीमों के कुल 65 खिलाड़ी भाग लेंगे। ये खिलाड़ी 22 जुलाई को रांची से ट्रेन से दिल्ली रवाना होंगे। टीम के साथ झारखंड प्रदेश के खेल संयोजक अजातशत्रु सहित प्रदेश के पदाधिकारी भी दिल्ली जायेंगे।

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राफेल पर राहुल ने मोदी को घेरा, कहा- विमान सौदे से आ रही है घोटाले की बू

NewsCode | 23 July, 2018 12:58 AM
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से राफेल डील को लेकर पीएम मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण को घेरा है। कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि इस डील को लेकर पर्दे के पीछे कुछ खेल जरूर हुआ है, और उसे दबाने के लिए रक्षामंत्री किसी के दबाव में काम कर रही हैं।

दरअसल, रविवार को राफेल डील को लेकर राहुल ने ट्वीट के जरिये पीएम मोदी पर निशाना साधा, उन्होंने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपने भाषण में कही बात दोहराई। राहुल की मानें तो रक्षामंत्री किसी के दबाव राफेल डील को लेकर सही बातें नहीं रख पा रही हैं। जबकि पीएम मोदी को लेकर ट्वीट में लिखा है कि उनकी संसद में मुस्कुराहट के पीछे एक घबराहट नजर आई, इसलिए वो मेरी तरफ नहीं देख पा रहे थे। निश्चित तौर पर राफेल सौदे में अब घोटाले का शक गहराता जा रहा है। राफेल का दाम पूछने पर पीएम असहज हो जाते हैं।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

वहीं भारतीय जनता पार्टी राफेल डील पर राहुल के दिए बयान को लेकर पलटवार की तैयारी में है। बीजेपी के चार सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। नोटिस में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ ‘गलत’ आरोप लगाकर संसद को गुमराह किया। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, अनुराग ठाकुर, दुष्यंत सिंह और प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है।

बता दें कि संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा था कि सदन के नियमों के अनुसार किसी सदस्य के खिलाफ आरोप लगाने से पहले गांधी को नोटिस देना चाहिए था, उन्हें लोकसभा अध्यक्ष को आरोपों के समर्थन में सामग्री सौंपनी चाहिए थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सीतारमण ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि फ्रांस के साथ हुए राफेल सौदा मामले में भारत गोपनीयता शर्तों से बंधा हुआ है।

संसद में राहुल ने उठाया था राफेल का मुद्दा

गौरतलब है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर राफेल सौदे के ब्यौरे साझा करने के मुद्दे पर देश से ‘‘झूठ’’ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कथित भ्रष्टाचार के मामलों में ‘‘भागीदार’’ हैं, ‘‘चौकीदार’’ नहीं। लोकसभा में राजग सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल ने अपने भाषण में कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने एक बैठक के दौरान उनसे साफ साफ कहा था कि 58,000 करोड़ रुपये के राफेल लड़ाकू विमान से संबंधित ब्यौरे साझा करने में कोई दिक्कत नहीं है।

राहुल गांधी की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद फ्रांस के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि भारत के साथ 2008 में किया गया सुरक्षा समझौता गोपनीय है और दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों की संचालन क्षमताओं के संबंध में इस गोपनीयता की रक्षा करना कानूनी रूप से बाध्यकारी है। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या समझौते के प्रावधान भारत सरकार को राफेल सौदे से जुड़े कीमत के ब्यौरे का खुलासा करने से रोकते हैं।

कांग्रेस राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाती रही है और उपकरण एवं हथियारों की कीमत सहित उससे जुड़े ब्यौरे मांगती रही है लेकिन सरकार फ्रांस के साथ गोपनीय समझौते का हवाला देते हुए ब्यौरे साझा करने से इनकार करती रही है।

राहुल ने कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पर करारा हमला करते हुए मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें मुस्कुराते देख सकता हूं, घबराहट की झलक है। वह दूर देख रहे हैं, मेरी आंखों में नहीं देख रहे।’ राहुल की इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष से विरोध तेज हो गया जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीट से खड़े होकर उनका सामना किया।

आपको याद दिला दें कि राहुल संसद में कहा था कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री के दबाव में देश से झूठ बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि किसकी मदद की जा रही है, क्यों की जा रही है, निर्मलाजी, प्रधानमंत्री देश को बताएं।

हालांकि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस आरोप को पूरी तरह गलत करार दिया कि राफेल विमान सौदे के संदर्भ में फ्रांस और भारत के बीच गोपनीयता का कोई समझौता नहीं हुआ है। सीतारमण ने कहा कि लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भारत और फ्रांस के बीच 2008 में समझौता हुआ था।

संसद में पीएम मोदी की जीत, विपक्ष के समर्थन में पड़े 126 वोट जबकि विरोध में 325 वोट पड़े

गाजियाबाद में धराशायी हुई पांच मंजिला इमारत, योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

NewsCode | 22 July, 2018 11:02 PM
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गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रविवार को 5 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई है। इसमें एक व्यक्ति की हताहत होने की खबर है जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इमारत के मलबे में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में यह बिल्डिंग गिरी है, वह पूरी तरह से अवैध रूप से बसाई गई है।

खबरों के मुताबिक प्रसन्नजीत गौतम नाम के शख्स की ज़मीन है। बिल्डर मनीष गोयल नाम का शख्स है। दोनों ही अभी पुलिस की पंहुच से दूर हैं। इन दोनों के परिवार वालों पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा है।

हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के एसएसपी को सख्त कार्रवाई करने को कहा है। सीएम की सख्ती के बाद दोषियों की गिरफ्तारी को पुलिस की चार टीमों का गठन कर दिया गया है। वहीं मृतकों के परिजनों को दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की गयी है। याद रहे कि पांच दिन पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतें भरभराकर गिर गईं थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस इमारत में चार लोग हिस्सेदार हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेसमेंट मिलाकर पांच तल वाली बिल्डिंग में 17 मजदूर काम कर रहे थे। दोपहर पौने तीन बजे इमारत भरभराकर गिर गई और उसमें काम कर रहे सभी मजदूर मलबे में दब गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दो मजदूरों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम और पुलिस ने देर शाम तक मलबे से छह मजदूरों को निकाला। इनमें से एक को संयुक्त अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

सामने आई बिल्डर की लापरवाही

गाजियाबाद इमारत हादसे में बिल्डर की बड़ी लापरवाही भी सामने आई हैै। घटनास्थल पर काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि बिल्डिंग के एक हिस्से में दरार आ गई थी, जिसके बारे में बिल्डर को जानकारी थी। बिल्डर ने मजदूरों को इस दरार को भरने को कहा और इमारत में जबरदस्ती काम जारी रखा।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस और NDRF की टीम पहुंच चुकी है राहत और बचाव का कार्य जारी है। बचाव के कार्य में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत के गिरते उमसें कई मजदूर मौजूद थे। हादसे में घायल महिला गुलाबरानी (47), शिवा (8) व देवेन्द्र (5) साल की हालत गंभीर बनी हुई है। तीनों को जिला संयुक्त अस्पताल से जीटीबी दिल्ली रेफर कर दिया गया है।

कभी भी गिर सकती है ग्रेटर नोएडा की 13 मंजिला इमारत

ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर बीटा-2 में नई बिल्डिंग बनाने के लिए की गई गहरी खुदाई और उसमें जमे पानी की वजह से पास की 13 मंजिला बिल्डिंग पर खतरा मंडराने लगा है। इमारत की दीवार में दरारें आ गई हैं। 13 मंजिला बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है।

बारिश के पानी और बिल्डर की मनमानी से 180 परिवारों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 की स्पार्क डिवाइन में रहनेवाले लोगों की नींद सोसाइटी के ठीक बगल में खोदे गए 25 फीट गहरे गड्ढे के कारण गायब हो गई है। ऐसे में यहां के 20 परिवार अपना फ्लैट खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।

बता दें कि गड्ढे से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का दफ्तर महज 500 मीटर की दूरी पर है। थाना और भी पास है, लेकिन किसी ने भी इस बड़े खतरे और खुदाई की ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, लोगों के विरोध के बाद ग्रेटर नोएडा प्रशासन एक्शन मोड में आया है। पानी को निकालने के लिए पंप लाया गया। गड्ढे को भरने का काम भी शुरू हो गया

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